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Rampur Bushahar News: भूमि धंसाव के खतरे के साये में सात गांव के दौ सौ परिवार

Mon, 10 Jun 2024 11:13 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2024 11:13 PM IST
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Landslide problem, Rampur Bushahr, Uchi village, memorandum submitted to Tehsildar, Chief Minister Sukhwinder Singh Sukhu
रामपुर के ऊची गांव में भूमि धंसाव की चपेट में आया देवता लक्ष्मीनारायण का मंदिर। संवाद
ऊची गांव के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, जल्द मुख्यमंत्री से मिलेंगे
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प्रभावितों परिवारों ने सरकार से सुरक्षित जगह बसाने की मांग
केवल निरीक्षण तक सिमटा ग्रामीणों को राहत देने का मामला

संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की दोफदा और फूंजा पंचायत के तहत आने वाले कई गांव बीते कई वर्षों से भूमि धंसाव की समस्या से जूझ रहे हैं। भूमि धंसाव के खतरे के बीच सात गांव के करीब दो सौ परिवार गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। बीते वर्ष हुई भारी बरसात से अब स्थिति और भी खतरनाक बनी हुई है। प्रभावित परिवारों ने प्रदेश सरकार से आपदाग्रस्त परिवारों को सुरक्षित जगह बसाने की मांग की है। ग्रामीण जल्द ही इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलेंगे। दोफदा पंचायत के तहत आने वाले ऊची गांव का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को तहसीलदार रामपुर जयचंद से मिला।

प्रभावित ग्रामीणों ने सात गांव में बनी भूमि धंसाव की समस्या को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिये प्रभावितों ने कहा कि दोफदा और फूंजा पंचायत के ऊची, शाह, दशमाला, दोफदा, दारन, फूंजा और मघारा गांव बीते कई वर्षों से भूमि धंसाव की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के मकान और सेब बगीचे भूमि धंसाव की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। बीते वर्ष की बरसात के बाद से तो खतरा और बढ़ गया है। कांग्रेस जोन दोफदा मशनू फूंजा के अध्यक्ष प्यारे लाल किड्ड, आपदा प्रभावित तिलक राज, देवेंद्र, देवराज, महेंद्र समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि इन गांवों बीते लंबे समय से भूमि धंस रही है। करीब छह किलोमीटर ऊंचे और दो किलोमीटर चौड़े दायरे में भूमि धंसने का क्रम जारी है। सबसे अधिक समस्या ऊची गांव में बनी हुई है। बीते वर्ष भूमि धंसने के बाद ग्रामीण प्रशासन से मिले थे। मौके का स्थानीय विधायक, प्रशासन और आपदा प्राधिकरण की टीम ने जायजा लिया था, लेकिन गांव को भूमि धंसाव से बचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए। कई ग्रामीणों के घर भूमि धंसने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऊची गांव में 45 बस्तियां हैं और यहां सभी घरों में दरारें आई हुई हैं। ग्रामीण खौफ के साये में जी रहे हैं, जबकि जिनके घर ढह गए, वे लोग किराए के घरों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जिन लोगों के घर और भूमि धंसने से क्षतिग्रस्त हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही साथ उन्होंने प्रदेश सरकार से प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित जगह मुहैया करवाकर बसाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस समस्या को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष उठाया जाएगा और प्रभावी कदम उठाने की मांग की जाएगी।

रामपुर के ऊची गांव में भूमि धंसाव की चपेट में आया देवता लक्ष्मीनारायण का मंदिर। संवाद

रामपुर के ऊची गांव में भूमि धंसाव की चपेट में आया देवता लक्ष्मीनारायण का मंदिर। संवाद

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