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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Land subsidence is not stopping in Seripul

Rampur Bushahar News: सेरीपुल में नहीं थम रहा भूमि धंसने का सिलसिला

Mon, 19 Aug 2024 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2024 11:55 PM IST
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चार पंचायतों का कटा है संपर्क, हजारों बागवानों को सेब मंडी पहुंचाना हुआ मुश्किल, दसवें दिन भी यातायात नहीं बहाल
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संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर की चार पंचायतों के लिए सेरीपुल जी का जंजाल बनता जा रहा है। यहां वर्षों से भूमि धंसने का सिलसिला जारी है। खासकर, बरसात के मौसम में यहां समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है। क्षेत्र में सेब सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है और बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। सेरीपुल में भूमि धंसने का सिलसिला थम नहीं रहा है। लोक निर्माण विभाग के लिए यातायात बहाल करना चुनौतियों भरा बना हुआ है। वहीं, तकलेच के साथ लगते डमराली में भी बादल फटने के तीन दिन बाद भी सड़क बहाल नहीं हो पाई है। इस कारण वाया तकलेच-रोहड़ू का संपर्क कटा हुआ है।

बताते चलें कि रामपुर मझाली सड़क तकलेच के पास हर वर्ष बरसात में बाधित हो जाती है। यहां सेरीपुल में बारिश शुरू होते ही सड़क धंसने का सिलसिला शुरू हो जाता है। हर वर्ष हजारों ग्रामीण सड़क बाधित होने से परेशानियां झेलते हैं। समस्या का स्थायी समाधान ढूंढने में अब तक लोक निर्माण विभाग को कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है, क्योंकि यहां पहाड़ी कच्ची है और बरसात शुरू होते ही भूमि धंसनी शुरू हो जाती है। दस दिन से भी यहां यही सिलसिला चल रहा है। सड़क दिन-प्रतिदिन धंसती जा रही है। इस कारण क्षेत्र की देवठी, कूहल, मुनिश और काशापाट पंचायत का संपर्क कटा हुआ है। क्षेत्र में हर वर्ष चार से छह लाख सेब की पेटियों का उत्पादन होता है। ऐसे में अब सेरीपुल में सड़क बाधित होने से बागवानों को अपनी नकदी फसलें मंडी पहुंचाना मुश्किल हो गया है।
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पिछले वर्ष भी यही समस्या रही
बीते वर्ष भी तीन माह तक सड़क बाधित रही थी। बागवानों को फसलें मंडी पहुंचाने में खासी दिक्कतें झेलनी पड़ीं थी। इस बार भी फिर वही हालात हैं। बागवान छोटे वाहनों में सेरीपुल तक सेब की फसल पहुंचा रहे और यहां से आगे मजदूरों के जरिये ढुलाई कर सेब दूसरी ओर पहुंचा रहे हैं। ऐसे में बागवानों पर अधिक आर्थिक मार पड़ रही है। क्षेत्र के लोग वर्षों से समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग अब तक लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। ऐसे में हर वर्ष हजारों बागवान और ग्रामीण दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं।
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समस्या का हो स्थायी समाधान

कूहल पंचायत प्रधान मीरा खाची, देवठी पंचायत प्रधान संजीव कायथ, सुनील चौहान, प्रेम चौहान, दिनेश कुमार, सनम, प्रभात कुमार, पवन सहित अन्य लोगों ने बताया कि सेब सीजन चरम पर है। ऐसे में सड़क बाधित होने से बागवान बहुत चिंतित हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई है।


बरसात के बाद ही बहाल होगी सड़क

सेरीपुल में भूमि धंसने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बारिश के कारण सड़क बहाल करना मुश्किल है। बरसात थमने के बाद ही सड़क बहाली का कार्य शुरू हो सकता है। डमराली में सड़क बहाली का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। - शोभा राम, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग तकलेच
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