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Rampur Bushahar News: रोहड़ू की लक्षिता शर्मा बनीं डिजिटल मंडी की पहली ऑक्शनियर, सेब उत्पादकों के लिए बनी नई उम्मीद
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रोहड़ू की बेटी लक्षिता शर्मा बनी डिजिटल मंडी की पहली ऑक्शनियर।
. डिजिटल व्यवस्था से बागवानो को भुगतान एक दिन में हो रहा सुनिश्चित
. पारंपरिक बागवानी और आधुनिक डिजिटल कृषि विपणन के बीच एक नई मिसाल पेश की
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
सेब उत्पादक परिवार से संबंध रखने वाली लक्षिता शर्मा डिजिटल मंडी की पहली ऑक्शनियर बनी हैं। उन्होंने पारंपरिक बागवानी और आधुनिक डिजिटल कृषि विपणन के बीच एक नई मिसाल पेश की है। उनकी यह भूमिका किसानों का विश्वास जीतने के साथ प्रदेश की बेटियों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनी है। लक्षिता ने गुरुकुल स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने सीएसके हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय से बीएससी (कृषि) और आईआईपीएम से एमबीए की डिग्री हासिल की। सेब उत्पादक परिवार में पली-बढ़ी लक्षिता ने बचपन से ही किसानों की मेहनत और विपणन से जुड़ी चुनौतियों को करीब से देखा था। वर्तमान में वह फ्रूट एक्स में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। यह कंपनी सेब और अनार के व्यापार में डिजिटल एवं पारदर्शी नीलामी प्रणाली का उपयोग करती है। इससे किसानों को उचित मूल्य और उसी दिन भुगतान की सुविधा मिलती है। लक्षिता ने अपने पहले ऑक्शनियर अनुभव को साझा करते हुए बताया कि शुरुआत में वह घबराई हुई थीं लेकिन नीलामी शुरू होते ही उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। लक्षिता ने कहा कि आत्मविश्वास और सीखने की इच्छा से किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के सेब उत्पादकों से डिजिटल नीलामी प्रणाली को देखने और उसकी पारदर्शिता का अनुभव करने की अपील की। उनका कहना है कि पहले किसानों को उपज का भुगतान मिलने में कई महीने लगते थे। अब डिजिटल व्यवस्था से भुगतान उसी दिन सुनिश्चित हो रहा है। लक्षिता शर्मा ने प्रदेश की बेटियों और युवाओं को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी क्षेत्र केवल पुरुषों या महिलाओं तक सीमित नहीं है। यदि मन में जुनून और आत्मविश्वास हो तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने महिलाओं से कृषि विपणन और मंडी प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आगे आकर अपनी नई पहचान बनाने का आह्वान किया।
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. पारंपरिक बागवानी और आधुनिक डिजिटल कृषि विपणन के बीच एक नई मिसाल पेश की
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
सेब उत्पादक परिवार से संबंध रखने वाली लक्षिता शर्मा डिजिटल मंडी की पहली ऑक्शनियर बनी हैं। उन्होंने पारंपरिक बागवानी और आधुनिक डिजिटल कृषि विपणन के बीच एक नई मिसाल पेश की है। उनकी यह भूमिका किसानों का विश्वास जीतने के साथ प्रदेश की बेटियों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनी है। लक्षिता ने गुरुकुल स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने सीएसके हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय से बीएससी (कृषि) और आईआईपीएम से एमबीए की डिग्री हासिल की। सेब उत्पादक परिवार में पली-बढ़ी लक्षिता ने बचपन से ही किसानों की मेहनत और विपणन से जुड़ी चुनौतियों को करीब से देखा था। वर्तमान में वह फ्रूट एक्स में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। यह कंपनी सेब और अनार के व्यापार में डिजिटल एवं पारदर्शी नीलामी प्रणाली का उपयोग करती है। इससे किसानों को उचित मूल्य और उसी दिन भुगतान की सुविधा मिलती है। लक्षिता ने अपने पहले ऑक्शनियर अनुभव को साझा करते हुए बताया कि शुरुआत में वह घबराई हुई थीं लेकिन नीलामी शुरू होते ही उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। लक्षिता ने कहा कि आत्मविश्वास और सीखने की इच्छा से किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के सेब उत्पादकों से डिजिटल नीलामी प्रणाली को देखने और उसकी पारदर्शिता का अनुभव करने की अपील की। उनका कहना है कि पहले किसानों को उपज का भुगतान मिलने में कई महीने लगते थे। अब डिजिटल व्यवस्था से भुगतान उसी दिन सुनिश्चित हो रहा है। लक्षिता शर्मा ने प्रदेश की बेटियों और युवाओं को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी क्षेत्र केवल पुरुषों या महिलाओं तक सीमित नहीं है। यदि मन में जुनून और आत्मविश्वास हो तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने महिलाओं से कृषि विपणन और मंडी प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आगे आकर अपनी नई पहचान बनाने का आह्वान किया।