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Rampur Bushahar News: चिट्टा तस्कर गिरोह के मुख्य सरगना लाकपा को तीन दिन पुलिस रिमांड पर भेजा
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सोनू-आशा गिरोह से जुड़े आरोपी को रामपुर पुलिस ने मनाली से किया था गिरफ्तार
रामपुर बुशहर। अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर सोनू-आशा गिरोह के मुख्य सरगना लाकपा दोरजे को सोमवार को रामपुर पुलिस ने मनाली से गिरफ्तार किया था। मंगलवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पता लगाएगी कि वह कहां-कहां चिट्टे की तस्करी करता था और कहां से लाता था। साथ ही इस गिरोह से और कितने लोग जुड़ें हैं। डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिन पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इन तीन दिन में पुलिस सभी पहलुओं को मद्देनजर रखते हुए छानबीन करने में जुटी है।
पुलिस की जानकारी के अनुसार, कई सालों से कुल्लू जिला के मनाली में सोनू, अटवाल और आशा गिरोह चिट्टा तस्करी कर रहा था। इन तीनों गिरोह का मुख्य सरगना लाकपा दोरजे था। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब 3 मार्च को रामपुर की पुलिस टीम ने करसोग के शलोवा गांव के दंपती 32 वर्षीय सोहल लाल और उसकी 25 वर्षीय पत्नी गीता श्रेष्ठ को 26.68 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। इस मामले की जांच में पुलिस को पता चला कि इस गिरोह से शिमला, मंडी, कुल्लू और पंजाब के कई लोग जुड़े हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के 33 गुर्गों को गिरफ्तार किया। गिरोह से जुड़ी गिरफ्तार आरोपी आशा देवी से जब पुलिस ने पूछताछ की और बैंक खातों की जांच की, तो आशा के बैंक खातों से नेपाल मूल के और वर्तमान में कुल्लू जिला के मनाली में रहने वाले लाकपा दोरजे का लाखों का लेन-देन पाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनाली के गांव रांगड़ी से 40 वर्षीय लाकपा दोरजे को गिरफ्तार किया। पुलिस को जांच में पता चला कि लाकपा सोनू, अटवाल और आशा चिट्टा गिरोह का मुख्य सरगना है। वह गिरोह के साथ मिलकर लंबे समय से मंडी, कुल्लु और जिला शिमला में चिट्टा बेच रहा था। पुलिस अब तक इस गिरोह से जुड़े 34 गुर्गों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस गिरोह में तीन महिलाएं और दो आरोपी पंजाब के शामिल हैं।,
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रामपुर बुशहर। अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर सोनू-आशा गिरोह के मुख्य सरगना लाकपा दोरजे को सोमवार को रामपुर पुलिस ने मनाली से गिरफ्तार किया था। मंगलवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पता लगाएगी कि वह कहां-कहां चिट्टे की तस्करी करता था और कहां से लाता था। साथ ही इस गिरोह से और कितने लोग जुड़ें हैं। डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिन पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इन तीन दिन में पुलिस सभी पहलुओं को मद्देनजर रखते हुए छानबीन करने में जुटी है।
पुलिस की जानकारी के अनुसार, कई सालों से कुल्लू जिला के मनाली में सोनू, अटवाल और आशा गिरोह चिट्टा तस्करी कर रहा था। इन तीनों गिरोह का मुख्य सरगना लाकपा दोरजे था। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब 3 मार्च को रामपुर की पुलिस टीम ने करसोग के शलोवा गांव के दंपती 32 वर्षीय सोहल लाल और उसकी 25 वर्षीय पत्नी गीता श्रेष्ठ को 26.68 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। इस मामले की जांच में पुलिस को पता चला कि इस गिरोह से शिमला, मंडी, कुल्लू और पंजाब के कई लोग जुड़े हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के 33 गुर्गों को गिरफ्तार किया। गिरोह से जुड़ी गिरफ्तार आरोपी आशा देवी से जब पुलिस ने पूछताछ की और बैंक खातों की जांच की, तो आशा के बैंक खातों से नेपाल मूल के और वर्तमान में कुल्लू जिला के मनाली में रहने वाले लाकपा दोरजे का लाखों का लेन-देन पाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनाली के गांव रांगड़ी से 40 वर्षीय लाकपा दोरजे को गिरफ्तार किया। पुलिस को जांच में पता चला कि लाकपा सोनू, अटवाल और आशा चिट्टा गिरोह का मुख्य सरगना है। वह गिरोह के साथ मिलकर लंबे समय से मंडी, कुल्लु और जिला शिमला में चिट्टा बेच रहा था। पुलिस अब तक इस गिरोह से जुड़े 34 गुर्गों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस गिरोह में तीन महिलाएं और दो आरोपी पंजाब के शामिल हैं।,
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