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Rampur Bushahar News: सरकार, प्रशासन ने नहीं सुनीं फरियाद, ग्रामीणों ने खुद बना ली 15 मीटर पुलिया
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जाओं घराट में ग्रामीणों ने कुर्पण खड्ड पर तैयार की लकड़ी की पुलिया। संवाद
- फोटो : credit
दस माह बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था तो ग्रामीणों ने श्रमदान कर तैयार की पुलिया
बीते वर्ष बाढ़ से बह गई थी पुलिया, जान जोखिम में डालकर कुर्पण खड्ड पार कर रहे थे ग्रामीण
ग्रामीणों ने श्रमदान कर दो दिन में तैयार की पुलिया, पांच गांव के ग्रामीणों को मिली राहत
राकेश बिन्नी शर्मा
निरमंड(कुल्लू)। प्रदेश सरकार और प्रशासन ने जब फरियाद नहीं सुनीं, तो ग्रामीणों ने खुद ही कुर्पण खड्ड पर पुलिया तैयार कर दी। पुलिया बनने से दो पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने अपने घरों से लकड़ी लाकर दो दिन में पुलिया का निर्माण कर दिया। अब ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर कुर्पण खड्ड को पार नहीं करना पड़ेगा।
बीते वर्ष 31 जुलाई की रात को श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों में बादल फटने से आई बाढ़ के कारण जाओं घराट स्थित कुर्पण खड्ड पर बनी पुलिया बह गई थी। उसके बाद चायल और जुआगी पंचायत के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कुर्पण खड्ड को पार कर रहे थे। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही थी। आपदा के दस माह गुजर जाने के बाद भी न तो सरकार और न ही प्रशासन ने समस्या का निवारण किया। ग्रामीणों को राशन सामग्री और अन्य जरूरत का सामान गांव तक पहुंचाना मुश्किल हो गया था। इस पुलिया से चायल और जवागी पंचायतों के तिंदर, जवागी, रकानी, धाराबाग और ओडीधार गांवों के हजारों ग्रामीण रोजाना आवाजाही करते हैं। सरकार की लेटलतीफी और ढुलमुल रवैये के कारण रोजाना आवाजाही करने वाले हजारों ग्रामीण खतरों के साये में पुलिया पार करने को मजबूर थे। सरकार से जब कोई मदद न मिली, तो ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण का कार्य स्वयं शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने खुद मौका संभालते हुए अपने घरों से लकड़ी लाकर करीब 15 मीटर अस्थायी पुलिया का दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद निर्माण कर दिया। अब दोनों पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को आवाजाही करने में काफी राहत मिलेगी।
ग्रामीण खतरे के साये में पार कर रहे थे खड्ड
ग्राम पंचायत जुआगी के पूर्व प्रधान भाग चंद, पूर्व उप प्रधान ओपी ठाकुर ने बताया कि दस माह से ग्रामीण खतरों के साये में खड्ड पार कर रहे थे। सरकार और प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीणों को खुद पुलिया तैयार करनी पड़ी। अब यहां से आने जाने वाले हजारों ग्रामीणों खासकर स्कूली बच्चों को परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी। ग्रामीण तुलस राम, कैलाश चंद, कृष्ण ठाकुर, फकीर चंद, रणजीत राणा, हुकम चंद, शोभा राम, रितु राम सहित अन्य लोगों ने पुलिया के निर्माण में श्रमदान के साथ लकड़ी भी दी है।
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जल्द ही होगा पुलिया का निर्माण
एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि कुर्पण खड्ड पर बनी पुलिया के निर्माण को लेकर मंजूरी मिली है। जल्द ही पुलिया का निर्माण किया जाएगा। संवाद
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बीते वर्ष बाढ़ से बह गई थी पुलिया, जान जोखिम में डालकर कुर्पण खड्ड पार कर रहे थे ग्रामीण
ग्रामीणों ने श्रमदान कर दो दिन में तैयार की पुलिया, पांच गांव के ग्रामीणों को मिली राहत
राकेश बिन्नी शर्मा
निरमंड(कुल्लू)। प्रदेश सरकार और प्रशासन ने जब फरियाद नहीं सुनीं, तो ग्रामीणों ने खुद ही कुर्पण खड्ड पर पुलिया तैयार कर दी। पुलिया बनने से दो पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने अपने घरों से लकड़ी लाकर दो दिन में पुलिया का निर्माण कर दिया। अब ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर कुर्पण खड्ड को पार नहीं करना पड़ेगा।
बीते वर्ष 31 जुलाई की रात को श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों में बादल फटने से आई बाढ़ के कारण जाओं घराट स्थित कुर्पण खड्ड पर बनी पुलिया बह गई थी। उसके बाद चायल और जुआगी पंचायत के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कुर्पण खड्ड को पार कर रहे थे। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही थी। आपदा के दस माह गुजर जाने के बाद भी न तो सरकार और न ही प्रशासन ने समस्या का निवारण किया। ग्रामीणों को राशन सामग्री और अन्य जरूरत का सामान गांव तक पहुंचाना मुश्किल हो गया था। इस पुलिया से चायल और जवागी पंचायतों के तिंदर, जवागी, रकानी, धाराबाग और ओडीधार गांवों के हजारों ग्रामीण रोजाना आवाजाही करते हैं। सरकार की लेटलतीफी और ढुलमुल रवैये के कारण रोजाना आवाजाही करने वाले हजारों ग्रामीण खतरों के साये में पुलिया पार करने को मजबूर थे। सरकार से जब कोई मदद न मिली, तो ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण का कार्य स्वयं शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने खुद मौका संभालते हुए अपने घरों से लकड़ी लाकर करीब 15 मीटर अस्थायी पुलिया का दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद निर्माण कर दिया। अब दोनों पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को आवाजाही करने में काफी राहत मिलेगी।
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ग्रामीण खतरे के साये में पार कर रहे थे खड्ड
ग्राम पंचायत जुआगी के पूर्व प्रधान भाग चंद, पूर्व उप प्रधान ओपी ठाकुर ने बताया कि दस माह से ग्रामीण खतरों के साये में खड्ड पार कर रहे थे। सरकार और प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीणों को खुद पुलिया तैयार करनी पड़ी। अब यहां से आने जाने वाले हजारों ग्रामीणों खासकर स्कूली बच्चों को परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी। ग्रामीण तुलस राम, कैलाश चंद, कृष्ण ठाकुर, फकीर चंद, रणजीत राणा, हुकम चंद, शोभा राम, रितु राम सहित अन्य लोगों ने पुलिया के निर्माण में श्रमदान के साथ लकड़ी भी दी है।
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जल्द ही होगा पुलिया का निर्माण
एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि कुर्पण खड्ड पर बनी पुलिया के निर्माण को लेकर मंजूरी मिली है। जल्द ही पुलिया का निर्माण किया जाएगा। संवाद

जाओं घराट में ग्रामीणों ने कुर्पण खड्ड पर तैयार की लकड़ी की पुलिया। संवाद- फोटो : credit