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Rampur Bushahar News: लोकार्पण के बाद भी शोपीस ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी में मरीज 130 किमी दूर शिमला किए जा रहे रेफर
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ट्रॉमा सेंटर न होने के कारण मरीजों को शिमला किया जा रहा रेफर, ट्राॅमा सेंटर में न बिजली और न लिफ्ट की व्यवस्था
इशिका गौतम
रामपुर बुशहर। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में करोड़ों की लागत से ट्रामा सेंटर का निर्माण करके आनन-फानन में लोकार्पण तो कर दिया, लेकिन बिजली और अन्य कई सुविधाएं न होने के कारण यह शोपीस बनकर रह गया है। इस कारण अपातकाल के दौरान गंभीर मरीज 130 किलोमीटर दूर शिमला रेफर करने पड़ रहे हैं। मार्च महीने में ट्रामा सेंटर का लोकार्पण होने के बाद अभी तक लोक निर्माण विभाग ने इसे स्वास्थ्य विभाग के हवाले नहीं किया है। 15 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सराहन से ट्रॉमा सेंटर के भवन का लोकार्पण किया था। इसके पांच माह बीतने के बाद भी ट्रॉमा सेंटर का कार्य पूरा नहीं हुआ है। इस कारण अभी भी ट्रॉमा सेंटर लोक निर्माण विभाग के पास ही है। ट्रॉमा सेंटर में अभी तक लिफ्ट नहीं लगाई गई है। इस ट्रामा सेंटर से क्षेत्र के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वालों को समय पर उचित उपचार मिलेगा, जिससे कई बेशकीमती जिंदगियों को बचाया जा सकेगा। अभी गंभीर रूप से घायल और बीमार मरीजों को जब उपचार के लिए खनेरी अस्पताल पहुंचाया जाता है, तो ट्रॉमा सेंटर न होने के कारण आईजीएमसी शिमला रेफर किया जाता है। ट्रॉमा सेंटर में सुविधा मिलने के बाद मरीजों को 130 किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला नहीं जाना पड़ेगा।
चार जिलों के लोग होंगे लाभान्वित
लोगों की मांग को देखते हुए कांग्रेस सरकार के दौरान ही तत्कालीन पूर्व सीएम स्वर्गीय वीरभद्र सिंह कार्यकाल में अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की आधारशिला रखी गई थी, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है। ट्रॉमा सेंटर मिलने से चार जिलों के लोगों को आपातकाल में तुरंत सुविधाएं मिल सकेंगी। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में अगस्त में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया था। इस सेंटर से किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी जिले के लोग लाभान्वित होंगे।
जनवरी में सुविधाएं मिलने की थी उम्मीद
वर्तमान में ओपीडी और आईपीडी ब्लॉक को जोड़ा गया है। जनवरी से क्षेत्र के लोगों को इसकी सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। ट्रॉमा सेंटर में भवन बनकर तैयार है, लेकिन इसमें किसी भी प्रकार की सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं।
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कार्य पूरा न होने के कारण अभी तक ट्रॉमा सेंटर लोक निर्माण विभाग ने अस्पताल को नहीं सौंपा है। जैसे ही कार्य पूरा होगा सेंटर में मरीजों को उचित सुविधा दी जाएगी।
- डाॅ. पदम, कार्यवाहक एमएस महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल रामपुर
ट्राॅमा सेंटर में अभी बिजली और लिफ्ट की सुविधा न होने से स्वास्थ्य विभाग को नहीं सौंपा है। जल्द बिजली की व्यवस्था करके स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा।
- बृज लाल, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग रामपुर
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इशिका गौतम
रामपुर बुशहर। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में करोड़ों की लागत से ट्रामा सेंटर का निर्माण करके आनन-फानन में लोकार्पण तो कर दिया, लेकिन बिजली और अन्य कई सुविधाएं न होने के कारण यह शोपीस बनकर रह गया है। इस कारण अपातकाल के दौरान गंभीर मरीज 130 किलोमीटर दूर शिमला रेफर करने पड़ रहे हैं। मार्च महीने में ट्रामा सेंटर का लोकार्पण होने के बाद अभी तक लोक निर्माण विभाग ने इसे स्वास्थ्य विभाग के हवाले नहीं किया है। 15 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सराहन से ट्रॉमा सेंटर के भवन का लोकार्पण किया था। इसके पांच माह बीतने के बाद भी ट्रॉमा सेंटर का कार्य पूरा नहीं हुआ है। इस कारण अभी भी ट्रॉमा सेंटर लोक निर्माण विभाग के पास ही है। ट्रॉमा सेंटर में अभी तक लिफ्ट नहीं लगाई गई है। इस ट्रामा सेंटर से क्षेत्र के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वालों को समय पर उचित उपचार मिलेगा, जिससे कई बेशकीमती जिंदगियों को बचाया जा सकेगा। अभी गंभीर रूप से घायल और बीमार मरीजों को जब उपचार के लिए खनेरी अस्पताल पहुंचाया जाता है, तो ट्रॉमा सेंटर न होने के कारण आईजीएमसी शिमला रेफर किया जाता है। ट्रॉमा सेंटर में सुविधा मिलने के बाद मरीजों को 130 किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला नहीं जाना पड़ेगा।
चार जिलों के लोग होंगे लाभान्वित
लोगों की मांग को देखते हुए कांग्रेस सरकार के दौरान ही तत्कालीन पूर्व सीएम स्वर्गीय वीरभद्र सिंह कार्यकाल में अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की आधारशिला रखी गई थी, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है। ट्रॉमा सेंटर मिलने से चार जिलों के लोगों को आपातकाल में तुरंत सुविधाएं मिल सकेंगी। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में अगस्त में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया था। इस सेंटर से किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी जिले के लोग लाभान्वित होंगे।
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जनवरी में सुविधाएं मिलने की थी उम्मीद
वर्तमान में ओपीडी और आईपीडी ब्लॉक को जोड़ा गया है। जनवरी से क्षेत्र के लोगों को इसकी सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। ट्रॉमा सेंटर में भवन बनकर तैयार है, लेकिन इसमें किसी भी प्रकार की सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं।
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कार्य पूरा न होने के कारण अभी तक ट्रॉमा सेंटर लोक निर्माण विभाग ने अस्पताल को नहीं सौंपा है। जैसे ही कार्य पूरा होगा सेंटर में मरीजों को उचित सुविधा दी जाएगी।
- डाॅ. पदम, कार्यवाहक एमएस महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल रामपुर
ट्राॅमा सेंटर में अभी बिजली और लिफ्ट की सुविधा न होने से स्वास्थ्य विभाग को नहीं सौंपा है। जल्द बिजली की व्यवस्था करके स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा।
- बृज लाल, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग रामपुर