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Rampur Bushahar News: किन्नौर में कांग्रेस प्रत्याशी जगत नेगी ने लगाई जीत की हैट्रिक
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी विधायक जगत सिंह नेगी ने लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर हैट्रिक बनाई है। वह पांचवीं बार विधायक बने हैं। उन्होंने 20,696 वोट हासिल कर भाजपा के प्रत्याशी सूरत सिंह नेगी को 6,964 मतों से शिकस्त दी। सूरत नेगी को 13,732 वोट मिले।
वहीं भाजपा से बागी होकर बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे तेजवंत नेगी को 8,574 वोट हासिल हुए। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी तरसेम सिंह नेगी को 580 और बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार अनिल कपूर को 280 वोट ही मिले जबकि 223 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। जगत सिंह नेगी की जीत के बाद उनके समर्थकों ने विजय रैली निकाली और खूब जश्न मनाया।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो किन्नौर में भाजपा की आपसी गुटबाजी के कारण कांग्रेस के उम्मीदवार को इसका फायदा मिलना स्वाभाविक था।
विधायक जगत सिंह नेगी इससे पहले 2013 से 2017 तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे हिमाचल सरकार में संसदीय सचिव के पद पर भी रहे हैं। जगत सिंह नेगी सात बार किनौर से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं, जिसमें उन्हें दो बार भाजपा के प्रत्याशी से हार का मुंह देखना पड़ा था। वर्ष 2017 में कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी ने भाजपा के आपसी क्लेश के कारण चमत्कारी जीत हासिल की थी।
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वह इस चुनाव में महज 120 वोट से विधायक बने थे। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी जगत सिंह नेगी ने 20,029 वोट जबकि भाजपा प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी को 19,909 वोट से संतुष्ट होकर हार का मुंह देखना पड़ा था। किन्नौर विधानसभा चुनाव 2012 में कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी ने 6,288 अंतर से भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी को हराया था। इस चुनाव में जगत सिंह नेगी को 20,722 मत और भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी को 14,434 वोट मिले थे। इसी तरह विधानसभा चुनाव 2007 में कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी को 2489 मतों के अंतर से भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी से हार का मुंह देखना पड़ा था। इस चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी को 17,873 वोट और कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी को 15,384 वोट मिले थे।
वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार जगत सिंह नेगी ने 7,406 के अंतर से भाजपा के उम्मीदवार तेजवंत नेगी को हराया था। इस चुनाव में किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी को 19,052 वोट मिले थे जबकि भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी ने 11,646 वोट हासिल किए थे। वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा के विधायक चेतराम नेगी ने कांग्रेस प्रत्याशी के जगत सिंह नेगी को 3,320 वोट से हराया। इस चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी चेतराम नेगी को 16,667 वोट जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी को 13,347 वोट मिले। वर्ष 1993 में कांग्रेस के उम्मीदवार जगत सिंह नेगी ने 2493 के अंतर से भाजपा के उम्मीदवार स्वर्गीय चेतराम नेगी को हराया था।
कांग्रेस प्रत्याशी जगत सिंह नेगी ने 17,056 वोट हासिल किए। जबकि भाजपा के उम्मीदवार चेतराम नेगी ने 14,563 वोट मिले थे। वहीं इस मर्तबा भाजपा उम्मीदवार सूरत नेगी ने 13,732 वोट प्राप्त किए। जबकि भाजपा से टिकट नहीं मिलने से बागी उम्मीदवार तेजवंत सिंह नेगी ने 5892 वोट हासिल किए। इससे भाजपा के भीतर की गुटबाजी खुलकर सामने आई है।
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वहीं भाजपा से बागी होकर बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे तेजवंत नेगी को 8,574 वोट हासिल हुए। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी तरसेम सिंह नेगी को 580 और बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार अनिल कपूर को 280 वोट ही मिले जबकि 223 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। जगत सिंह नेगी की जीत के बाद उनके समर्थकों ने विजय रैली निकाली और खूब जश्न मनाया।
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राजनीतिक जानकारों की मानें तो किन्नौर में भाजपा की आपसी गुटबाजी के कारण कांग्रेस के उम्मीदवार को इसका फायदा मिलना स्वाभाविक था।
विधायक जगत सिंह नेगी इससे पहले 2013 से 2017 तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे हिमाचल सरकार में संसदीय सचिव के पद पर भी रहे हैं। जगत सिंह नेगी सात बार किनौर से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं, जिसमें उन्हें दो बार भाजपा के प्रत्याशी से हार का मुंह देखना पड़ा था। वर्ष 2017 में कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी ने भाजपा के आपसी क्लेश के कारण चमत्कारी जीत हासिल की थी।
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वह इस चुनाव में महज 120 वोट से विधायक बने थे। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी जगत सिंह नेगी ने 20,029 वोट जबकि भाजपा प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी को 19,909 वोट से संतुष्ट होकर हार का मुंह देखना पड़ा था। किन्नौर विधानसभा चुनाव 2012 में कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी ने 6,288 अंतर से भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी को हराया था। इस चुनाव में जगत सिंह नेगी को 20,722 मत और भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी को 14,434 वोट मिले थे। इसी तरह विधानसभा चुनाव 2007 में कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी को 2489 मतों के अंतर से भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी से हार का मुंह देखना पड़ा था। इस चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी को 17,873 वोट और कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी को 15,384 वोट मिले थे।
वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार जगत सिंह नेगी ने 7,406 के अंतर से भाजपा के उम्मीदवार तेजवंत नेगी को हराया था। इस चुनाव में किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी को 19,052 वोट मिले थे जबकि भाजपा के प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी ने 11,646 वोट हासिल किए थे। वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा के विधायक चेतराम नेगी ने कांग्रेस प्रत्याशी के जगत सिंह नेगी को 3,320 वोट से हराया। इस चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी चेतराम नेगी को 16,667 वोट जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी जगत सिंह नेगी को 13,347 वोट मिले। वर्ष 1993 में कांग्रेस के उम्मीदवार जगत सिंह नेगी ने 2493 के अंतर से भाजपा के उम्मीदवार स्वर्गीय चेतराम नेगी को हराया था।
कांग्रेस प्रत्याशी जगत सिंह नेगी ने 17,056 वोट हासिल किए। जबकि भाजपा के उम्मीदवार चेतराम नेगी ने 14,563 वोट मिले थे। वहीं इस मर्तबा भाजपा उम्मीदवार सूरत नेगी ने 13,732 वोट प्राप्त किए। जबकि भाजपा से टिकट नहीं मिलने से बागी उम्मीदवार तेजवंत सिंह नेगी ने 5892 वोट हासिल किए। इससे भाजपा के भीतर की गुटबाजी खुलकर सामने आई है।