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Rampur Bushahar News: मौसम तो खुला पर संकट के नहीं छंटे बादल

Sun, 07 Sep 2025 11:17 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Sep 2025 11:17 PM IST
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It will take several months to restore traffic in the 15/20 and 12/20 areas
तकलेच  उप तहसील के अंतर्गत खनोटू में  भूस्खलन होने से मकान के लिए बना खतरा। संवाद
15/20 और 12/20 क्षेत्र में यातायात बहाल होने में लगेंगे कई महीने
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सड़कों का मिटा नामोनिशान, लगातार धंस रही जमीन
गानवी और सेरीपुल में वर्षों से सता रही बरसात, स्थायी समाधान का अब भी इंतजार
उपमंडल की 11 पंचायतों का उपमंडल से अब भी कटा है संपर्क

संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रामपुर उपमंडल में भले ही बारिश थमने लगी है और मौसम खुल गया है, लेकिन अभी तक संकट के बादल नहीं छंटे हैं। ग्रामीणों की दुश्वारियां अभी भी बरकरार हैं। पांच अगस्त से 12/20 क्षेत्र और 13 अगस्त से 15/20 क्षेत्र की 11 पंचायतों का सड़क संपर्क उपमंडल से कटा है। बाढ़ और भूस्खलन से उपमंडल से जोड़ने वालीं दोनों क्षेत्रों की सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। ग्रामीणों को यातायात सुविधा के लिए अब कई महीनों तक इंतजार करना होगा। दोनों ही क्षेत्रों में सड़कों का नामोनिशान मिट गया है और जमीन का धंसना भी लगातार जारी है। इसके अलावा उपमंडल की कई अन्य सड़कें भी यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। हजारों ग्रामीण परेशानी से जूझ रहे हैं। बागवान सड़कों के खुलने की उम्मीद छोड़कर स्पैन और अन्य विकल्पों के जरिये अपनी सेब की फसल निकालने को मजबूर हैं ताकि सेब को मंडियों तक पहुंचाया जा सके। दुर्गम क्षेत्र 15/20 और 12/20 क्षेत्र के हजारों ग्रामीण आज भी दशकों पुरानी यातायात सुविधा से जूझ रहे हैं। दोनों क्षेत्रों को जोड़ने वाली मुख्य सड़कें हर वर्ष बरसात में बाधित हो जाती हैं और हर वर्ष बागवानों समेत ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
बरसात से 12/20 क्षेत्र को जोड़ने वाली तकलेच-देवठी सड़क हर वर्ष सेरीपुल के पास धंस जाती है। बरसात में यहां भूमि धंसने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिससे क्षेत्र की दुर्गम पंचायत काशापाट, मुनिश, देवठी और कूहल का उपमंडल से सड़क संपर्क कट जाता है। इस दौरान सेब सीजन भी चलता है और सड़क बाधित होने से सेब की लाखों पेटियों को मंडी पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। वहीं स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, तहसील मुख्यालय समेत अन्य कार्यों के लिए हजारों ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर पैदल सफर करना पड़ता है। यही हाल 15/20 क्षेत्र का भी है। यहां 13 अगस्त को आई बाढ़ से खासी तबाही मची थी। गानवी में हालात काफी बिगड़ गए हैं। यहां बाढ़ से पुल और सड़क बह गई है। आपदा से यहां सड़क का नामोनिशान तक मिट गया है। गानवी के साथ ही बीते वर्ष से सड़क धंसने का सिलसिला जारी है। इस बरसात में भी यहां काफी बड़ा क्षेत्र भूस्खलन की जद में आ गया है। ऐसे में क्षेत्र की गानवी, कूट, क्याव, जघोरी, फांचा और लबाना-सदाना पंचायत का उपमंडल से सड़क संपर्क जुड़ने में कई महीने लग सकते हैं। यही हाल क्षेत्र की सरपारा पंचायत का है। यहां समेज के पास जमीन लगातार धंस रही है और सड़क का काफी बड़ा हिस्सा भूस्खलन की जद में आने से ध्वस्त हो गया है। यहां यातायात बहाल करने में परेशानी पेश आ रही हैं। वहीं, रामपुर-नोगली बतूना सड़क भी भारी भूस्खलन के कारण बंद पड़ी है। रामपुर-रोहड़ू सड़क वाया तकलेच अब भी वाहनों की आवाजाही के लिए ठप है, जबकि वाया भद्राश ब्रांदली छोटे वाहनों की ही आवाजाही हो रही है। उधर, लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता एसके नेगी ने कहा कि सड़क को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। भारी बरसात से सड़कों को भारी क्षति पहुंची है। जहां सड़कें ध्वस्त हो गई हैं, वहां विभाग विकल्प तलाश रहा है।
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यहां बंद सड़कों का नहीं विकल्प
हर वर्ष सेरीपुल और 15/20 क्षेत्र में सड़क बंद हो जाती है। बरसात से सबसे अधिक प्रभावित किसान-बागवान होते हैं। आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब इसी वक्त मंडियों के लिए भेजा जाता है। ऐसे में इसका स्थायी समाधान आज दिन तक नहीं हो पाया है और न ही बंद सड़कों को कोई विकल्प निकल पाया है। सरकार, प्रशासन और विभाग को चाहिए कि कोई ऐसा विकल्प निकाला जाए, जो आने वाले समय में हजारों लोगों को राहत पहुंचा सके।

तकलेच  उप तहसील के अंतर्गत खनोटू में  भूस्खलन होने से मकान के लिए बना खतरा। संवाद

तकलेच  उप तहसील के अंतर्गत खनोटू में  भूस्खलन होने से मकान के लिए बना खतरा। संवाद

तकलेच  उप तहसील के अंतर्गत खनोटू में  भूस्खलन होने से मकान के लिए बना खतरा। संवाद

तकलेच  उप तहसील के अंतर्गत खनोटू में  भूस्खलन होने से मकान के लिए बना खतरा। संवाद

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