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Rampur Bushahar News: सेब के पौधे लगाने के लिए गड्ढे तैयार, बागवानों को बारिश की दरकार
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रामपुर के उपरी क्षेत्रों में सेब के पौधे लगाने के लिए तैयार गड्ढे । संवाद
बारिश न होने के कारण नए पौधे नहीं लगा पा रहे बागवान, करोड़ों के सेब कारोबार पर मंडराने लगा खतरा
मौसम की बेरुखी ने बढ़ाई किसान-बागवानों की दुश्वारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। इस साल पर्याप्त बर्फबारी और बारिश न होने से बागवानों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मौसम की बेरुखी से बागवानों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूखे के कारण जहां बागवान अपने खेतों और बगीचों में सेब सहित अन्य फलदार पौधे नहीं लगा पा रहे हैं, वहीं प्रदेशभर के करोड़ों के सेब के कारोबार पर भी खतरा मंडराने लगा है। वहीं, स्वर्ग प्रवास से लौटे देवी-देवताओं की सूखे की भविष्यवाणी के बाद बागवानों की चिंता ओर बढ़ गई है। रामपुर उपमंडल के कई क्षेत्रों में बागवानों ने अपने बगीचे तैयार करने के लिए गड्ढे तैयार कर रखे हैं, लेकिन बारिश न होने से नई पौध नहीं लगा पा रहे हैं। बागवानों ने सेब सहित अन्य फलदार पौधों की खरीदारी कर रखी है। रामपुर उपमंडल के ऊपरी, मध्यम और निचले क्षेत्रों में बागवान सेब के साथ पलम, नाशपाती सहित अन्य फलों के बगीचे तैयार करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यदि सूखे की मार यूं ही बनी रही, तो आगामी सीजन में सेब सहित गुठलीदार फलों के उत्पादन में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। बागवानी विशेषज्ञों की मानें तो दिसंबर और जनवरी माह की बर्फबारी और बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम करती है। इससे जमीन में जहां लंबे समय तक नमी बनी रहती है, वहीं बारिश और बर्फबारी पौधों को बीमारियों से निजात दिलाती है।
बारिश न होने से लटके कार्य
प्रगतिशील बागवान दुष्यंत मेहता, सुनील चौहान, अनिल कुमार, राधाकृष्ण, सुरेंद्र, राकेश और पृथ्वीराज ने कहा कि लंबे समय से बारिश न होने से किसानों-बागवानों की परेशानी बढ़ गई हैं। जमीन से नमी गायब हो गई है और सेब सहित अन्य फलदार पौधों को लगाने के लिए बागवानों ने गड्ढे तो तैयार कर रखे हैं, लेकिन बारिश न होने के कारण कार्य लटक गया है। बारिश न होने से बागवान नई पौध नहीं लगा पा रहे हैं। सूखे की मार के कारण आगामी सीजन में सेब सहित अन्य फलदार फसलों पर भी संकट खड़ा हो रहा है।
सूखे के कारण बागवानों की परेशानी बढ़ गई है। नए पौधे लगाने के लिए जमीन में पर्याप्त नमी का होना आवश्यक है। सूखे में बागवान नए पौधे न लगाएं। सिंचाई की सुविधा है तो बागवान नए पौधे लगाएं। समय-समय पर बर्फबारी और बारिश होना कृषि-बागवानी के लिए बहुत जरूरी है। - योगराज, बागवानी विशेषज्ञ
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मौसम की बेरुखी ने बढ़ाई किसान-बागवानों की दुश्वारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। इस साल पर्याप्त बर्फबारी और बारिश न होने से बागवानों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मौसम की बेरुखी से बागवानों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूखे के कारण जहां बागवान अपने खेतों और बगीचों में सेब सहित अन्य फलदार पौधे नहीं लगा पा रहे हैं, वहीं प्रदेशभर के करोड़ों के सेब के कारोबार पर भी खतरा मंडराने लगा है। वहीं, स्वर्ग प्रवास से लौटे देवी-देवताओं की सूखे की भविष्यवाणी के बाद बागवानों की चिंता ओर बढ़ गई है। रामपुर उपमंडल के कई क्षेत्रों में बागवानों ने अपने बगीचे तैयार करने के लिए गड्ढे तैयार कर रखे हैं, लेकिन बारिश न होने से नई पौध नहीं लगा पा रहे हैं। बागवानों ने सेब सहित अन्य फलदार पौधों की खरीदारी कर रखी है। रामपुर उपमंडल के ऊपरी, मध्यम और निचले क्षेत्रों में बागवान सेब के साथ पलम, नाशपाती सहित अन्य फलों के बगीचे तैयार करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यदि सूखे की मार यूं ही बनी रही, तो आगामी सीजन में सेब सहित गुठलीदार फलों के उत्पादन में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। बागवानी विशेषज्ञों की मानें तो दिसंबर और जनवरी माह की बर्फबारी और बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम करती है। इससे जमीन में जहां लंबे समय तक नमी बनी रहती है, वहीं बारिश और बर्फबारी पौधों को बीमारियों से निजात दिलाती है।
बारिश न होने से लटके कार्य
प्रगतिशील बागवान दुष्यंत मेहता, सुनील चौहान, अनिल कुमार, राधाकृष्ण, सुरेंद्र, राकेश और पृथ्वीराज ने कहा कि लंबे समय से बारिश न होने से किसानों-बागवानों की परेशानी बढ़ गई हैं। जमीन से नमी गायब हो गई है और सेब सहित अन्य फलदार पौधों को लगाने के लिए बागवानों ने गड्ढे तो तैयार कर रखे हैं, लेकिन बारिश न होने के कारण कार्य लटक गया है। बारिश न होने से बागवान नई पौध नहीं लगा पा रहे हैं। सूखे की मार के कारण आगामी सीजन में सेब सहित अन्य फलदार फसलों पर भी संकट खड़ा हो रहा है।
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सूखे के कारण बागवानों की परेशानी बढ़ गई है। नए पौधे लगाने के लिए जमीन में पर्याप्त नमी का होना आवश्यक है। सूखे में बागवान नए पौधे न लगाएं। सिंचाई की सुविधा है तो बागवान नए पौधे लगाएं। समय-समय पर बर्फबारी और बारिश होना कृषि-बागवानी के लिए बहुत जरूरी है। - योगराज, बागवानी विशेषज्ञ

रामपुर के उपरी क्षेत्रों में सेब के पौधे लगाने के लिए तैयार गड्ढे । संवाद
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