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Rampur Bushahar News: देव विदाई के साथ ऐतिहासिक जिला स्तरीय नोगली मेला संपन्न
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. लोगों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर लौटे देवता
. दिनभर ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नोगली में शलाटी घोड़ी के आराध्य देवता नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू के सानिध्य में ऐतिहासिक जिला स्तरीय मेला (शाड़ की जातर) देवताओं की विदाई के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। रविवार को मेले में पहुंचे छह अधिष्ठाता देवता साहिब लोगों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर देवालय लौटे। विदाई के दौरान लोग भावुक हुए। मेले के तीसरे दिन भी पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर देवलुओं के साथ ग्रामीणों ने नाटी डाली। सभी देवता अपने ठहराव स्थल से देवलुओं के साथ नाचते-गाते हुए मेला मैदान पहुंचे। मेले में दिनभर नाटियों का खूब दौर चला। देवताओं का नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में दुकानें सजाए बैठे कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे। मेले में लोगों ने जमकर मिठाइयों की खरीदारी की। व्यापार अच्छा होने से कारोबारी भी खुश दिखे। मेले में छोटे बच्चों ने भी खूब मनोरंजन किया। मेले में दूरदराज से पहुंचे कारोबारियों ने झूले और डोल लगाए थे, जिसमें छोटे बच्चों ने काफी आनंद उठाया। मेला कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल ने कहा कि देव-विदाई के साथ जिला स्तरीय नोगली मेला संपन्न हुआ। देवताओं को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विदाई दी गई।
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. दिनभर ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नोगली में शलाटी घोड़ी के आराध्य देवता नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू के सानिध्य में ऐतिहासिक जिला स्तरीय मेला (शाड़ की जातर) देवताओं की विदाई के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। रविवार को मेले में पहुंचे छह अधिष्ठाता देवता साहिब लोगों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर देवालय लौटे। विदाई के दौरान लोग भावुक हुए। मेले के तीसरे दिन भी पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर देवलुओं के साथ ग्रामीणों ने नाटी डाली। सभी देवता अपने ठहराव स्थल से देवलुओं के साथ नाचते-गाते हुए मेला मैदान पहुंचे। मेले में दिनभर नाटियों का खूब दौर चला। देवताओं का नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में दुकानें सजाए बैठे कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे। मेले में लोगों ने जमकर मिठाइयों की खरीदारी की। व्यापार अच्छा होने से कारोबारी भी खुश दिखे। मेले में छोटे बच्चों ने भी खूब मनोरंजन किया। मेले में दूरदराज से पहुंचे कारोबारियों ने झूले और डोल लगाए थे, जिसमें छोटे बच्चों ने काफी आनंद उठाया। मेला कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल ने कहा कि देव-विदाई के साथ जिला स्तरीय नोगली मेला संपन्न हुआ। देवताओं को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विदाई दी गई।