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आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाए सरकार : केके
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सरकार कर्मचारियों का कर रही शोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। हिमाचल प्रदेश में कार्यरत समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार जल्द ही नीति बनाएं। उसके बाद ही अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति करें। आउटसोर्स महासंघ जिला किन्नौर के अध्यक्ष केके नेगी ने जारी बयान में कहा कि आउटसोर्स में रोजगार देने से कर्मचारियों का शोषण होता है। इन कर्मचारियों को बहुत कम वेतन में कार्य करना पड़ता है। आउटसोर्स कर्मचारी एक नियमित कर्मचारी के समान काम करता है और कई विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी ही सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार इन कर्मचारियों के लिए ठोस नीति नहीं बना पाई है। कर्मचारियों को बहुत कम वेतन में अपनी सेवाएं देनी पड़ रही हैं, जो महंगाई के दौर में बहुत कम है। इससे उन्हें अपने और अपने आश्रितों का पालन-पोषण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान सरकार जब विपक्ष में थी, तो आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाने की बात कही थी। वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ही इन कर्मचारियों के लिए एक स्थायी नीति बनाने की बात कही थी, जिससे इन कर्मचारियों का शोषण रोका जा सके। सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार बनने के बाद प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी मुख्यमंत्री से मिले थे, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए उचित कदम उठाएं जाएंगे, लेकिन अभी तक इन कर्मचारियों के हितों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बन पाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाने की मांग उठाई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। हिमाचल प्रदेश में कार्यरत समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार जल्द ही नीति बनाएं। उसके बाद ही अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति करें। आउटसोर्स महासंघ जिला किन्नौर के अध्यक्ष केके नेगी ने जारी बयान में कहा कि आउटसोर्स में रोजगार देने से कर्मचारियों का शोषण होता है। इन कर्मचारियों को बहुत कम वेतन में कार्य करना पड़ता है। आउटसोर्स कर्मचारी एक नियमित कर्मचारी के समान काम करता है और कई विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी ही सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार इन कर्मचारियों के लिए ठोस नीति नहीं बना पाई है। कर्मचारियों को बहुत कम वेतन में अपनी सेवाएं देनी पड़ रही हैं, जो महंगाई के दौर में बहुत कम है। इससे उन्हें अपने और अपने आश्रितों का पालन-पोषण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान सरकार जब विपक्ष में थी, तो आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाने की बात कही थी। वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ही इन कर्मचारियों के लिए एक स्थायी नीति बनाने की बात कही थी, जिससे इन कर्मचारियों का शोषण रोका जा सके। सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार बनने के बाद प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी मुख्यमंत्री से मिले थे, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए उचित कदम उठाएं जाएंगे, लेकिन अभी तक इन कर्मचारियों के हितों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बन पाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाने की मांग उठाई है।