{"_id":"65327b6735097cde77022cc5","slug":"himachal-kisan-sabha-unit-nirmand-supported-the-strike-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-7128-2023-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: हिमाचल किसान सभा इकाई निरमंड ने हड़ताल का किया समर्थन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: हिमाचल किसान सभा इकाई निरमंड ने हड़ताल का किया समर्थन
विज्ञापन
प्रदेश सरकार से उनकी समस्याओं का समाधान करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल किसान सभा खंड इकाई निरमंड ने जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया है। किसान सभा निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद और सहसचिव कश्मीरी लाल ने कहा कि यह कर्मचारी 30 सितंबर से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसमें पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक एवं जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी पिछले काफी लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अपनी मांगों को भी सरकार के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन इनकी मांगों को न तो पिछली सरकार ने समाधान किया और न ही वर्तमान सरकार इनकी मांगों के समाधान के प्रति गंभीर है। इन कर्मचारियों का पंचायत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। हड़ताल के कारण न तो पंचायत में मनरेगा के कार्य हो रहे हैं न ही लोगों को परिवार नकल,जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र और न ही ओर कोई दस्तावेज पंचायत से मिल रहे हैं। हड़ताल से आम आदमी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों की मांगों को समाधान करने के बजाय इन कर्मचारियों को नोटिस देकर डराया जा रहा है। बर्खास्त किया जा रहा रहा, जिसकी किसान सभा प्रदेश सरकार की कड़े शब्दों में निंदा करती है। हिमाचल किसान सभा प्रदेश सरकार से मांग करती है कि इन कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए तुरंत प्रदेश सरकार इनके साथ बातचीत करे, ताकि पंचायत में जो काम रुके हैं उनको दोबारा से गति मिल सके।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल किसान सभा खंड इकाई निरमंड ने जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया है। किसान सभा निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद और सहसचिव कश्मीरी लाल ने कहा कि यह कर्मचारी 30 सितंबर से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसमें पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक एवं जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी पिछले काफी लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अपनी मांगों को भी सरकार के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन इनकी मांगों को न तो पिछली सरकार ने समाधान किया और न ही वर्तमान सरकार इनकी मांगों के समाधान के प्रति गंभीर है। इन कर्मचारियों का पंचायत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। हड़ताल के कारण न तो पंचायत में मनरेगा के कार्य हो रहे हैं न ही लोगों को परिवार नकल,जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र और न ही ओर कोई दस्तावेज पंचायत से मिल रहे हैं। हड़ताल से आम आदमी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों की मांगों को समाधान करने के बजाय इन कर्मचारियों को नोटिस देकर डराया जा रहा है। बर्खास्त किया जा रहा रहा, जिसकी किसान सभा प्रदेश सरकार की कड़े शब्दों में निंदा करती है। हिमाचल किसान सभा प्रदेश सरकार से मांग करती है कि इन कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए तुरंत प्रदेश सरकार इनके साथ बातचीत करे, ताकि पंचायत में जो काम रुके हैं उनको दोबारा से गति मिल सके।