{"_id":"6ab60218c0e1dfbfb70fc183","slug":"himachal-birth-marriage-certificate-family-copy-fee-panchayat-new-rules-2026-09-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल प्रदेश: जन्म, विवाह प्रमाण पत्र और परिवार नकल के लिए अब देना होगा शुल्क, पंचायतों में मुफ्त सेवा खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल प्रदेश: जन्म, विवाह प्रमाण पत्र और परिवार नकल के लिए अब देना होगा शुल्क, पंचायतों में मुफ्त सेवा खत्म
Fri, 25 Sep 2026 11:07 AM IST
Ankesh Dogra
मोहन मेहता, ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
मोहन मेहता, ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:07 AM IST
सार
Himachal Birth Certificate Marriage Registration Family Copy Fee: हिमाचल प्रदेश में पंचायतों के माध्यम से मिलने वाली जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण की सेवाओं के लिए अब शुल्क देना होगा। नई व्यवस्था के तहत जन्म प्रमाण पत्र के लिए 80 रुपये, परिवार नकल के लिए 13.80 रुपये और विवाह पंजीकरण के लिए 400 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। शुल्क क्यूआर कोड के माध्यम से सरकारी खाते में जमा होने के बाद ही प्रक्रिया पूरी होगी।
विज्ञापन
हिमाचल में अब प्रमाण पत्रों पर लगेगा शुल्क।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में अब जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण करवाने के लिए लोगों को शुल्क देना होगा। पंचायतों के माध्यम से मिलने वाली इन महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए सरकार ने नई शुल्क व्यवस्था शुरू की है। बताया गया है कि यह व्यवस्था करीब एक सप्ताह पहले लागू की गई है। इससे पहले पंचायतों में ये सेवाएं निशुल्क उपलब्ध होती थीं। नई व्यवस्था के तहत जन्म प्रमाण पत्र के लिए 80 रुपये, परिवार नकल के लिए 13 रुपये 80 पैसे और विवाह पंजीकरण के लिए 400 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
क्यूआर कोड से सरकारी खाते में जमा होगा शुल्क
अब प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया में शुल्क का भुगतान अनिवार्य होगा। निर्धारित शुल्क क्यूआर कोड के माध्यम से सरकारी खाते में जमा होने के बाद ही संबंधित प्रक्रिया पूरी होगी। जानकारी के अनुसार शुल्क जमा किए बिना संबंधित वेबसाइट पर आगे की प्रक्रिया नहीं हो सकेगी और प्रमाण पत्र भी तैयार नहीं होगा। यानी लोगों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने से पहले निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
विज्ञापन
कागज और छपाई का खर्च भी अलग से
सरकारी शुल्क के अलावा प्रमाण पत्र तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कागज और छपाई का खर्च भी पंचायतें अपने स्तर पर ले सकेंगी। ऐसे में लोगों को निर्धारित सरकारी शुल्क के अलावा पंचायत स्तर पर लगने वाला यह खर्च भी देना पड़ सकता है।
विज्ञापन
पहले निशुल्क मिलते थे प्रमाण पत्र
इस नई व्यवस्था से पहले पंचायतों में जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण जैसी सेवाएं निशुल्क उपलब्ध होने की बात कही गई है। अब शुल्क लागू होने के बाद इन जरूरी दस्तावेजों के लिए लोगों को भुगतान करना होगा।
जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। विभिन्न सरकारी कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में इनकी आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में शुल्क लागू होने से पंचायतों में इन सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों पर अतिरिक्त खर्च आएगा।
रामपुर के खंड विकास अधिकारी ने की पुष्टि
रामपुर के खंड विकास अधिकारी अंकुश ने इन दिशानिर्देशों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रमाण पत्रों के लिए निर्धारित शुल्क के अलावा कागज और अन्य खर्च पंचायतें अपने स्तर पर लेती हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब पंचायतों में इन सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले लोगों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। शुल्क जमा होने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस नई व्यवस्था से पहले पंचायतों में जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण जैसी सेवाएं निशुल्क उपलब्ध होने की बात कही गई है। अब शुल्क लागू होने के बाद इन जरूरी दस्तावेजों के लिए लोगों को भुगतान करना होगा।
जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। विभिन्न सरकारी कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में इनकी आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में शुल्क लागू होने से पंचायतों में इन सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों पर अतिरिक्त खर्च आएगा।
रामपुर के खंड विकास अधिकारी ने की पुष्टि
रामपुर के खंड विकास अधिकारी अंकुश ने इन दिशानिर्देशों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रमाण पत्रों के लिए निर्धारित शुल्क के अलावा कागज और अन्य खर्च पंचायतें अपने स्तर पर लेती हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब पंचायतों में इन सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले लोगों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। शुल्क जमा होने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।