{"_id":"6446b7b4bc5d00025a0cb9d6","slug":"health-check-up-of-hotel-dhaba-workers-has-not-been-done-for-four-years-rampur-hp-news-c-19-1-132027-2023-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: चार साल से नहीं हुई होटलोंं-ढाबों के कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: चार साल से नहीं हुई होटलोंं-ढाबों के कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच
विज्ञापन
रोहडू। उपमंडल रोहड़ू के तहत होटलों ढाबों और अन्य खाद्यान की बिक्री करने वाले संस्थानों में तैनात कर्मचारियों का चार साल से कोई स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया गया। इससे खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के साथ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ हो रहा है। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में खाद्यान की जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसका खुलासा किया है।
स्वास्थ्य खंड टिक्कर की ओर से तैनात यह टीम प्रशासन को इसकी रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में है। खाद्य सुरक्षा मानक के नियम के के अनुसार होटलों ढाबों सहित अन्य खाद्य सामान बेचने वाले दुकानदारों और उनके व्यापारिक संस्थानों में तैनात कर्मचारियों को साल में एक बार स्वास्थ्य की जांच करवाना अनिवार्य होता है। स्वास्थ्य जांच के दौरान संक्रामक बीमारी से ग्रस्त कर्मचारी को संस्थानों में काम करने की अनुमति नहीं दी जाती। साल में एक बार स्वास्थ्य की जांच अनिवार्य रहती है। उसके बाद ही संस्थान के लाइसेंस का नवीनीकरण संभव होता है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खुलासा किया कि रोहड़ू बाजार और इसके आसपास के व्यावसायिक संस्थानों में हजारों की संख्या में बिना स्वास्थ्य परीक्षण किए चार साल से कर्मचारी की कोई मेडिकल जांच नहीं हुई है। जांच में पाया गया कि खान-पान का सामान बेचने वाले व्यावसायिक संस्थानों के मालिकों और कर्मचारियों का वर्ष, 2019 के बाद कोई चिकित्सा परीक्षण नहीं किया गया। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में लगे खान-पान के स्टाल पर तैनात किसी भी कर्मचारी और स्वयं सहायता समूहों के पास चिकित्सा परीक्षण का सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है। हालांकि जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम इस पर कार्रवाई के लिए अधिकृत नहीं है। अब उपमंडल प्रशासन इस पर अगली कारवाई करेगा।
विज्ञापन
रोहडू में खाद्य सुरक्षा निरीक्षक का पद खाली चल रहा है। इसकी जांच के लिए शिमला से टीम आती है। प्रशासन की ओर से लोगों को व्यापारिक संस्थानों में तैनात कर्मचारियों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि सभी कारोबारी अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच के बाद प्रमाणपत्र बनवाए।
सन्नी शर्मा, एसडीएम रोहड़ू
विज्ञापन
स्वास्थ्य खंड टिक्कर की ओर से तैनात यह टीम प्रशासन को इसकी रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में है। खाद्य सुरक्षा मानक के नियम के के अनुसार होटलों ढाबों सहित अन्य खाद्य सामान बेचने वाले दुकानदारों और उनके व्यापारिक संस्थानों में तैनात कर्मचारियों को साल में एक बार स्वास्थ्य की जांच करवाना अनिवार्य होता है। स्वास्थ्य जांच के दौरान संक्रामक बीमारी से ग्रस्त कर्मचारी को संस्थानों में काम करने की अनुमति नहीं दी जाती। साल में एक बार स्वास्थ्य की जांच अनिवार्य रहती है। उसके बाद ही संस्थान के लाइसेंस का नवीनीकरण संभव होता है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खुलासा किया कि रोहड़ू बाजार और इसके आसपास के व्यावसायिक संस्थानों में हजारों की संख्या में बिना स्वास्थ्य परीक्षण किए चार साल से कर्मचारी की कोई मेडिकल जांच नहीं हुई है। जांच में पाया गया कि खान-पान का सामान बेचने वाले व्यावसायिक संस्थानों के मालिकों और कर्मचारियों का वर्ष, 2019 के बाद कोई चिकित्सा परीक्षण नहीं किया गया। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में लगे खान-पान के स्टाल पर तैनात किसी भी कर्मचारी और स्वयं सहायता समूहों के पास चिकित्सा परीक्षण का सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है। हालांकि जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम इस पर कार्रवाई के लिए अधिकृत नहीं है। अब उपमंडल प्रशासन इस पर अगली कारवाई करेगा।
विज्ञापन
रोहडू में खाद्य सुरक्षा निरीक्षक का पद खाली चल रहा है। इसकी जांच के लिए शिमला से टीम आती है। प्रशासन की ओर से लोगों को व्यापारिक संस्थानों में तैनात कर्मचारियों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि सभी कारोबारी अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच के बाद प्रमाणपत्र बनवाए।
सन्नी शर्मा, एसडीएम रोहड़ू