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कोरोना वायरस के चलते ऐतिहासिक हाटु मेला स्थगित
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कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। ऊपरी शिमला का शक्तिपीठ नारकंडा हाटु का ऐतिहासिक हाटु मेला कोविड-19 कोरोना संक्रमण की वजह से इस वर्ष स्थगित कर दिया गया है। मंदिर कमेटी हाटु के प्रधान कंवर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि देश में फैली कोरोना महामारी के चलते सरकार और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए मंदिर कमेटी ने मेला आयोजित न करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि परंपरानुसार माता के पूजन और अन्य प्रथाओं का पुजारी निर्वहन करेंगे और आम जनता के लिए मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। हाटु मंदिर कमेटी ने लोगों से आह्वान किया है कि जब तक प्रशासन की ओर से मंदिर खोलने के निर्देश नहीं मिलते हैं, तब तक कोई भी श्रद्धालु मंदिर न आएं।
गौरतलब है कि नारकंडा से आठ किलोमीटर की दूर और समुद्रतल से करीब 3200 मीटर की ऊंचाई पर प्रसिद्ध मां हाटुवाली के दर पर हाटू मेला हर साल ज्येष्ठ महीने के पहले रविवार को शुरू होता है। ऊपरी शिमला के लोगों की आस्था के प्रतीक हाटु मंदिर में हजारों की संख्या में भक्त माता के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। सर्दियों में अधिक बर्फ पड़ने से यहां पहुंचना मुश्किल होता है। इसी के चलते श्रद्धालु यहां गर्मियों में आते हैं। यहां हिमाचल के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि देश-विदेश से भी लोग मां से सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मां के दर्शन करने पहुंचे लोग यहां से जौ बाग जाना नहीं भूलते। चारों तरफ पेड़ों से घिरे जौ बाग में लोगों को काफी सुकून मिलता है। हाटू मेला ही नहीं, बल्कि यहां मां दुर्गा के दर्शन के लिए साल भर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। नारकंडा में हर साल लगने वाले हाटू मेले में हजारों श्रद्धालु जुटते हैं, लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण मेला नहीं हो पाएगा। हर वर्ष यहां पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी परिवार सहित दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कोरोना के चलते उनका भी कार्यक्रम भी रद्द हो गया है।
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गौरतलब है कि नारकंडा से आठ किलोमीटर की दूर और समुद्रतल से करीब 3200 मीटर की ऊंचाई पर प्रसिद्ध मां हाटुवाली के दर पर हाटू मेला हर साल ज्येष्ठ महीने के पहले रविवार को शुरू होता है। ऊपरी शिमला के लोगों की आस्था के प्रतीक हाटु मंदिर में हजारों की संख्या में भक्त माता के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। सर्दियों में अधिक बर्फ पड़ने से यहां पहुंचना मुश्किल होता है। इसी के चलते श्रद्धालु यहां गर्मियों में आते हैं। यहां हिमाचल के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि देश-विदेश से भी लोग मां से सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मां के दर्शन करने पहुंचे लोग यहां से जौ बाग जाना नहीं भूलते। चारों तरफ पेड़ों से घिरे जौ बाग में लोगों को काफी सुकून मिलता है। हाटू मेला ही नहीं, बल्कि यहां मां दुर्गा के दर्शन के लिए साल भर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। नारकंडा में हर साल लगने वाले हाटू मेले में हजारों श्रद्धालु जुटते हैं, लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण मेला नहीं हो पाएगा। हर वर्ष यहां पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी परिवार सहित दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कोरोना के चलते उनका भी कार्यक्रम भी रद्द हो गया है।
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