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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Grading of wheat seeds could not be started in Nalagarh.

Rampur Bushahar News: नालागढ़ में शुरू नहीं हो पाया गेहूं बीज की ग्रेडिंग का काम

Mon, 11 May 2026 12:27 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 12:27 AM IST
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क्षेत्र के 234 किसानों ने जांच को भेजे हैं सैंपल, रिपोर्ट न आने से अभी तक खरीद नहीं हो पाई शुरू
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नालागढ़ में 295 किसानों ने 650 हेक्टेयर जमीन पर लगाया है गेहूं का बीज
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। अप्रैल माह बीत जाने के बाद भी अभी तक नालागढ़ के मझौली स्थित कृषि फार्म में गेहूं की ग्रेडिंग का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि जिन किसानों के सैंपल जांच के लिए सोलन प्रयोगशाला भेजा गया है उनके अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। इसके चलते ग्रेडिंग का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पिछले एक माह से किसानों को गेहूं को स्टोर किया हुआ है। अगर इसमें किसी प्रकार की कोई खामी इस दौरान निकलती है तो विभाग किसानों को गेहूं नहीं लेगा। पहले 61 किसानों ने गेहूं देने से इन्कार कर दिया है।
इस वर्ष नालागढ़ में 295 किसानों ने 650 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं का बीज लगाया है। किसानों ने 14 हेक्टेयर जमीन पर ब्रीडर व अन्य पर फाउंडेशन बीज लगाया था। 295 के सैंपल विभाग को जांच के लिए सोलन स्थित प्रयोगशाला में भेजने थे लेकिन 234 किसानों ने ही सैंपल भेजे। 61 किसानों ने सैंपल देने से इन्कार कर दिया है। इन किसानों का कहना है कि पिछले साल भी छह माह के बाद उन्हें उनकी गेहूं का भुगतान हुआ था, जबकि इस दौरान खरीफ की फसल भी पककर तैयार हो गई थी।
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मंझौली के किसान अवतार सिंह, नंगल से टेकचंद, मझौली से सुच्चा सिंह, दभोटा से सुरमुख सिंह ने बताया अन्य किसानों ने एक माह पूर्व अपनी गेहूं बेच दी है। और नई फसल तैयारी में लग गए है, लेकिन अभी तक बीज वाले किसान लटके हुए है। पहले ग्रेडिंग होगी उसके बाद उनकी बीज खरीदा जाएगा। किसानों के पास स्टोर करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में अगर गेहूं में किसी प्रकार के कीट ने हमला कर दिया तो विभाग ऐसी गेहूं को नहीं खरीदेगा।
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डूमनवाला के किसान अमर चंद ठाकुर ने बताया कि अब गेहूं का बीज तैयार करने में मोह भंग हो रहा है। पहले बीज का गेहूं तैयार करने वाले किसानों को सामान्य गेहूं से एक हजार रुपये अधिक रेट मिलता था। इस लालच में किसान बीज का गेहूं लगाता था। विभाग लेते समय गेहूं में ग्रेडिंग करता है, जिससे बारीक गेहूं के किसानों को बेचने में दिक्कत आती है। इस बार कृषि विभाग ने गेहूं की खरीद का 2585 रुपये प्रति क्विंटल बीज के दाम निर्धारित किए गए है, जबकि समय पर भुगतान न होने से किसान कम दाम में ही गेहूं को बेचने को मजबूर हो रहे हैं।

खेड़ा के किसान अवतार सिंह ने बताया कि किसान पहली फसल के पैसे आने के बाद ही दूसरी फसल लगाता है, लेकिन दूसरी फसल को लगाने के लिए भी किसानों को उधार में ही लगाना पड़ रहा है। अभी विभाग सैंपल पास होने के बाद ही किसानों का बीज खरीदेगा, जिससे किसानों को अपनी गेहूं को स्टोर करना पड़ रहा है।
कोट
234 किसानों को बीज की गेहूं के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे है। रिपोर्ट आने के बाद किसानों को गेहूं की खरीद शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. संदीप गौतम,विषय वाद विशेषज्ञ,कृषि विभाग
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