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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Government employee sentenced to six months imprisonment in cheque bouncing case

Rampur Bushahar News: चेक बाउंस के मामले सरकारी कर्मचारी को छह माह के कारावास की सजा

Mon, 29 Dec 2025 11:24 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 11:24 PM IST
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. सैलरी अकाउंट पर लिया था ऋण, बाद में करवा लिया ट्रांसफर
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. ऋण चुकाने के लिए दिया चेक हुआ था बाउंस


संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास जुब्बल की अदालत ने चेक बाउंस के मामले एक सरकारी कर्मचारी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। कर्मचारी ने सैलरी अकाउंट पर ऋण लिया था। बाद में सैलरी अकाउंट को ट्रांसफर करवा दिया था। इसके बाद कर्मचारी की ओर से ऋण चुकाने के लिए दिया चेक बाउंस हो गया। दोषी को 4,17,683 रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया है। मामले की शिकायत हिमाचल प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक की जुब्बल शाखा ने दी थी। शिकायत के अनुसार जुब्बल क्षेत्र के एक सरकारी कर्मचारी ने अपनी सैलरी के बदले लोन अकाउंट के माध्यम से 23 जनवरी 2018 को तीन लाख रुपये का ऋण लिया। आरोपी को यह राशि मासिक आधार पर लौटानी थी, जिसे आरोपी की सैलरी से काटा जाना था या उसके लोन अकाउंट में जमा करके चुकाना था। इस उद्देश्य के लिए आरोपी ने अपने डीडीओ से यह अंडरटेकिंग दी कि ऋण की राशि का भुगतान होने तक आरोपी का सैलरी अकाउंट ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। इस अंडरटेकिंग के बावजूद आरोपी ने अपना सैलरी अकाउंट ट्रांसफर करवा लिया। जब आरोपी से इस बारे में पूछा गया, तो उसने अनुरोध किया कि कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए। साथ ही आश्वासन दिया कि ऋण की राशि जल्द चुका दी जाएगी। बैंक ने आरोपी का अनुरोध स्वीकार कर लिया। हालांकि, कई बार मांगने के बावजूद आरोपी ऋण की राशि चुकाने में विफल रहा। बैंक ने इस मामले में आरोपी के डीडीओ से संपर्क किया। इसके बाद आरोपी ने बैंक के पक्ष में बकाया राशि के लिए 2,67,683 रुपये का पोस्ट डेटेड चेक जारी किया, लेकिन यह चेक बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें उससे निर्धारित अवधि के भीतर पैसे चुकाने की मांग की गई। कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद वह भुगतान करने में विफल रहा। इसके बाद बैंक को यह शिकायत दर्ज करने के लिए मजबूर होना पड़ा। अदालत ने फैसला सुनाया है कि फाइंडिंग्स के आधार पर आरोपी को एनआई एक्ट की धारा-138 के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए दोषी ठहराया जाता है। दोषी को छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई जाती है। शिकायतकर्ता को 2,67,683 चेक राशि का नुकसान हुआ। उसे पिछले छह साल से शिकायत पर कार्रवाई करनी पड़ी, इसलिए शिकायतकर्ता को हुए नुकसान के लिए 4,17,683 रुपये का मुआवजा भी दिया जाता है। दोषी को इस फैसले की तारीख से एक महीने के अंदर शिकायतकर्ता को मुआवजा देना होगा।
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