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Rampur Bushahar News: निचले क्षेत्रों के बागवान इस माह के अंत तक पूरी करें काट-छांट
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विशेषज्ञों ने प्रूनिंग में जुटे बागवानों को दी सलाह
गर्मी बढ़ने पर अगले महीने से प्रूनिंग के कारण पौधों को नुकसान की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। लगातार सूखे के बाद सेब के बगीचों में नमी के बाद बागवान रखरखाव में जुट गए हैं। बगीचों में प्रूनिंग का काम हर दिन रफ्तार पकड़ रहा है। बागवानी विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस महीने के अंत तक निचले क्षेत्रों के बागवान सेब के बगीचों में काट-छांट का काम जरूर पूरा करें। गर्मी बढ़ने पर अगले महीने से प्रूनिंग के कारण पौधों को नुकसान की आशंका रहती है।
विशेषज्ञ के अनुसार सेब के बगीचों में प्रूनिंग को अच्छी गुणवत्ता पैदावार पौधे की मजबूती के लिए जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि निचले और मध्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब के बगीचों में प्रूनिंग का काम इस महीने के अंत तक हर हाल में पूरा कर लिया जाना चाहिए। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रूनिंग में देरी से फूलों की संख्या घट जाती है। बीमा कमजोर रहता है और रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। इससे सीधे तौर पर सेब की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होता है। बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ के अनुसार प्रूनिंग का उद्देश्य पेड़ का संतुलित ढांचा बनाना, सूखी और रोगग्रस्त शाखाओं को हटाना और पेड़ के भीतर धूप और हवा का समुचित संचार सुनिश्चित करना है। प्रूनिंग के दौरान सबसे पहले सूखी, टूटी और आपस में रगड़ खा रही टहनियों को हटाया जाना चाहिए। इसके बाद अंदर की ओर बढ़ रही और अत्यधिक छाया देने वाली शाखाओं को काटकर पेड़ को खुला रखा जाना आवश्यक है। उनका कहना है कि सेब के बगीचों में प्रूनिंग का काम केवल प्रशिक्षित श्रमिकों या विशेषज्ञों से ही करवाया जाए। गलत दिशा में कटाई या अत्यधिक प्रूनिंग से पेड़ कमजोर हो सकता है। इससे फसल पर नकारात्मक असर पड़ता है।
उन्होंने बताया कि मोटी शाखाओं की कटाई के बाद कटे हुए हिस्से पर बोर्डो पेस्ट या कॉपर आधारित पेस्ट अवश्य लगाया जाए। कट लगाने के 24 घंटे के भीतर पेस्ट लगाने से फफूंद और जीवाणु संक्रमण से प्रभावी बचाव होता है। उन्होंने बागवानों से अपील की है कि वे मौसम साफ रहते हुए समय पर प्रूनिंग का कार्य पूरा करें। किसी भी तकनीकी जानकारी के लिए नजदीकी बागवानी कार्यालय या विशेषज्ञों से संपर्क करें। सही समय और वैज्ञानिक तरीके से की गई प्रूनिंग से सेब की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में के लिए उपयोगी होती है।
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गर्मी बढ़ने पर अगले महीने से प्रूनिंग के कारण पौधों को नुकसान की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। लगातार सूखे के बाद सेब के बगीचों में नमी के बाद बागवान रखरखाव में जुट गए हैं। बगीचों में प्रूनिंग का काम हर दिन रफ्तार पकड़ रहा है। बागवानी विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस महीने के अंत तक निचले क्षेत्रों के बागवान सेब के बगीचों में काट-छांट का काम जरूर पूरा करें। गर्मी बढ़ने पर अगले महीने से प्रूनिंग के कारण पौधों को नुकसान की आशंका रहती है।
विशेषज्ञ के अनुसार सेब के बगीचों में प्रूनिंग को अच्छी गुणवत्ता पैदावार पौधे की मजबूती के लिए जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि निचले और मध्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब के बगीचों में प्रूनिंग का काम इस महीने के अंत तक हर हाल में पूरा कर लिया जाना चाहिए। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रूनिंग में देरी से फूलों की संख्या घट जाती है। बीमा कमजोर रहता है और रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। इससे सीधे तौर पर सेब की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होता है। बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ के अनुसार प्रूनिंग का उद्देश्य पेड़ का संतुलित ढांचा बनाना, सूखी और रोगग्रस्त शाखाओं को हटाना और पेड़ के भीतर धूप और हवा का समुचित संचार सुनिश्चित करना है। प्रूनिंग के दौरान सबसे पहले सूखी, टूटी और आपस में रगड़ खा रही टहनियों को हटाया जाना चाहिए। इसके बाद अंदर की ओर बढ़ रही और अत्यधिक छाया देने वाली शाखाओं को काटकर पेड़ को खुला रखा जाना आवश्यक है। उनका कहना है कि सेब के बगीचों में प्रूनिंग का काम केवल प्रशिक्षित श्रमिकों या विशेषज्ञों से ही करवाया जाए। गलत दिशा में कटाई या अत्यधिक प्रूनिंग से पेड़ कमजोर हो सकता है। इससे फसल पर नकारात्मक असर पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि मोटी शाखाओं की कटाई के बाद कटे हुए हिस्से पर बोर्डो पेस्ट या कॉपर आधारित पेस्ट अवश्य लगाया जाए। कट लगाने के 24 घंटे के भीतर पेस्ट लगाने से फफूंद और जीवाणु संक्रमण से प्रभावी बचाव होता है। उन्होंने बागवानों से अपील की है कि वे मौसम साफ रहते हुए समय पर प्रूनिंग का कार्य पूरा करें। किसी भी तकनीकी जानकारी के लिए नजदीकी बागवानी कार्यालय या विशेषज्ञों से संपर्क करें। सही समय और वैज्ञानिक तरीके से की गई प्रूनिंग से सेब की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में के लिए उपयोगी होती है।
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