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Rampur Bushahar News: नित्थर में नहीं थम रही जंगलों की आग, अब मोड़ीनाल और कंडागई में मचाया कहर
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नित्थर के मोड़ीनाल जंगल में लगी आग से वन संपदा को पहुंचा नुकसान। संवाद
मोड़ीनाल के देवदार के जंगल में संस्था के सदस्य आग पर काबू पाने की कर रहे कोशिश
लंबे समय से पड़े सूखे से भी बढ़ी आग की घटनाएं, करोड़ों की वन संपदा हो चुकी स्वाह
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने से सूखे की मार बढ़ती जा रही है। कुल्लू के नित्थर में जंगलों में आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। आए दिन शरारती तत्व जंगलों में आग लगा रहे हैं और करोड़ों की वन संपदा आग की चपेट में आने से राख हो रही है। शनिवार रात को उप तहसील के मोड़ीनाल के हरे-भरे देवदार के जंगल में शरारती तत्वों ने आग लगा दी। जंगल में सूखी घास होने के कारण और तेज हवा से आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया और लाखों की वन संपदा राख हो गई। वहीं, साथ लगते कंडागई में भी जंगल धधक रहा है। मोड़ीनाल देवदार के घने जंगल में रातभर आग का तांडव चलता रहा। उपतहसील के मोड़ीनाल, मोईन और कंडागई में सैकड़ों छोटे-बड़े पेड़ आग की चपेट में आ गए हैं। जंगलों में आग के कारण समूचे क्षेत्र में पहाड़ियां धुएं से ढक गई हैं और चारों ओर धुआं फैला हुआ है। मोड़ीनाल और कंडागई में शनिवार शाम से आग लगी है। इस आग से देवदार, चील और अन्य प्रजातियों के कई पेड़ जलकर राख हो गए हैं और जंगली जानवर भी इस आग की भेंट चढ़ रहे हैं। ये आग किसने लगाई, इसका कोई पता ही नहीं है। वन विभाग को आग पर काबू पाना और आग लगाने वालों को पकड़ना चुनौती बना हुआ है। मोड़ीनाल के जंगल में लगी आग को काबू पाने में जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर के अध्यक्ष प्रदीप रंगून और उनकी टीम रविवार सुबह से लगी हुई है। इसी जंगल में जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर लगातार पौधरोपण कर रही है। इस आग से बड़े पेड़ों को तो नुकसान हुआ ही है, इसके अलावा छोटे कई पेड़ जलकर पूरी तरह से राख हुए हैं।
मोड़ीनाल में लगी आग और कंडागई में लगी आग को काबू करने की कोशिश की जा रही है। विभाग के बार-बार के आग्रह और व्यापक जागरूकता के बावजूद लोग आग लगाने से बाज नहीं आ रहे। ग्रामीण वनों को बचाने के लिए योगदान दें।-- सोहन सिंह नेगी, रेंज अधिकारी, वन विभाग नित्थर
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लंबे समय से पड़े सूखे से भी बढ़ी आग की घटनाएं, करोड़ों की वन संपदा हो चुकी स्वाह
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने से सूखे की मार बढ़ती जा रही है। कुल्लू के नित्थर में जंगलों में आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। आए दिन शरारती तत्व जंगलों में आग लगा रहे हैं और करोड़ों की वन संपदा आग की चपेट में आने से राख हो रही है। शनिवार रात को उप तहसील के मोड़ीनाल के हरे-भरे देवदार के जंगल में शरारती तत्वों ने आग लगा दी। जंगल में सूखी घास होने के कारण और तेज हवा से आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया और लाखों की वन संपदा राख हो गई। वहीं, साथ लगते कंडागई में भी जंगल धधक रहा है। मोड़ीनाल देवदार के घने जंगल में रातभर आग का तांडव चलता रहा। उपतहसील के मोड़ीनाल, मोईन और कंडागई में सैकड़ों छोटे-बड़े पेड़ आग की चपेट में आ गए हैं। जंगलों में आग के कारण समूचे क्षेत्र में पहाड़ियां धुएं से ढक गई हैं और चारों ओर धुआं फैला हुआ है। मोड़ीनाल और कंडागई में शनिवार शाम से आग लगी है। इस आग से देवदार, चील और अन्य प्रजातियों के कई पेड़ जलकर राख हो गए हैं और जंगली जानवर भी इस आग की भेंट चढ़ रहे हैं। ये आग किसने लगाई, इसका कोई पता ही नहीं है। वन विभाग को आग पर काबू पाना और आग लगाने वालों को पकड़ना चुनौती बना हुआ है। मोड़ीनाल के जंगल में लगी आग को काबू पाने में जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर के अध्यक्ष प्रदीप रंगून और उनकी टीम रविवार सुबह से लगी हुई है। इसी जंगल में जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर लगातार पौधरोपण कर रही है। इस आग से बड़े पेड़ों को तो नुकसान हुआ ही है, इसके अलावा छोटे कई पेड़ जलकर पूरी तरह से राख हुए हैं।
मोड़ीनाल में लगी आग और कंडागई में लगी आग को काबू करने की कोशिश की जा रही है। विभाग के बार-बार के आग्रह और व्यापक जागरूकता के बावजूद लोग आग लगाने से बाज नहीं आ रहे। ग्रामीण वनों को बचाने के लिए योगदान दें।

नित्थर के मोड़ीनाल जंगल में लगी आग से वन संपदा को पहुंचा नुकसान। संवाद
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