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Rampur Bushahar News: मसारना में ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग
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देवता साहिब नरेशर लक्ष्मी नारायण के सानिध्य में शाड़ की जातर का भव्य आगाज
ऐतिहासिक मेले में खूब चला नाटियों का दौर, सैकड़ों लोगों ने की शिरकत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। भड़ावली पंचायत की शलाटी घोड़ी में मनाए जाने वाले ऐतिहासिक शाड़ का जातर मेले शुरू हो गए हैं। शनिवार को मसारना गांव से प्राचीन शाड़ की जातर मेले का भव्य आगाज हुआ। अधिष्ठाता देवता नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू के सानिध्य में मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण खूब झूमे।
बता दें कि शलाटी घोड़ी में मनाया जाने वाला शाड़ की जातर मेला दशकों से परंपरा को संजोए हुए है। आधुनिकता के दौर में भी प्राचीन परंपरा बखूबी निभाई जा रही है। इन दिनों देवता साहिब शलाटी घोड़ी के भ्रमण पर निकले हैं। हर गांव में देवता साहिब का कार करिंदों और देवलुओं के साथ रात्रि ठहराव हो रहा है। वहीं, प्रत्येक गांव में नरेशर लक्ष्मी नारायण देवता कुमसू का स्वागत ग्रामीणों की ओर से किया जा रहा है। शनिवार को देवता साहिब मसारना गांव पहुंचे। देव आस्था में लीन होकर लोगों ने मेले में वाद्य यंत्रों की धुनों पर नाटियों का खूब दौर चलाया। मेले में दूर-दूर से लोग अपने रिश्तेदारों के घर पहुंचे और दिनभर मेले का लुत्फ उठाया। देवता के साथ देवलू और ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर झूमे। लोगों ने अपने ईष्ट देवता से सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद लिया। अब छलावट, कमलाऊ और भड़ावली गांव में अलग-अलग दिन मेला सजेगा। भड़ावली गांव से मेले के अगले दिन सुबह देवता साहिब अपने मंदिर कुमसू को प्रस्थान करेंगे। दोपहर के बाद देवता साहिब मंदिर से सजधज कर नोगली के लिए प्रस्थान करेंगे। तीन दिन तक तक नोगली में जिला स्तरीय मेला सजेगा। देव विदाई के साथ शाड़ की जातर मेले का समापन होगा। दयाल सिंह कायथ, पृथ्वी राज, रणवीर चौहान, फकीर ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मेला धूमधाम से मनाया गया।
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ऐतिहासिक मेले में खूब चला नाटियों का दौर, सैकड़ों लोगों ने की शिरकत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। भड़ावली पंचायत की शलाटी घोड़ी में मनाए जाने वाले ऐतिहासिक शाड़ का जातर मेले शुरू हो गए हैं। शनिवार को मसारना गांव से प्राचीन शाड़ की जातर मेले का भव्य आगाज हुआ। अधिष्ठाता देवता नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू के सानिध्य में मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण खूब झूमे।
बता दें कि शलाटी घोड़ी में मनाया जाने वाला शाड़ की जातर मेला दशकों से परंपरा को संजोए हुए है। आधुनिकता के दौर में भी प्राचीन परंपरा बखूबी निभाई जा रही है। इन दिनों देवता साहिब शलाटी घोड़ी के भ्रमण पर निकले हैं। हर गांव में देवता साहिब का कार करिंदों और देवलुओं के साथ रात्रि ठहराव हो रहा है। वहीं, प्रत्येक गांव में नरेशर लक्ष्मी नारायण देवता कुमसू का स्वागत ग्रामीणों की ओर से किया जा रहा है। शनिवार को देवता साहिब मसारना गांव पहुंचे। देव आस्था में लीन होकर लोगों ने मेले में वाद्य यंत्रों की धुनों पर नाटियों का खूब दौर चलाया। मेले में दूर-दूर से लोग अपने रिश्तेदारों के घर पहुंचे और दिनभर मेले का लुत्फ उठाया। देवता के साथ देवलू और ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर झूमे। लोगों ने अपने ईष्ट देवता से सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद लिया। अब छलावट, कमलाऊ और भड़ावली गांव में अलग-अलग दिन मेला सजेगा। भड़ावली गांव से मेले के अगले दिन सुबह देवता साहिब अपने मंदिर कुमसू को प्रस्थान करेंगे। दोपहर के बाद देवता साहिब मंदिर से सजधज कर नोगली के लिए प्रस्थान करेंगे। तीन दिन तक तक नोगली में जिला स्तरीय मेला सजेगा। देव विदाई के साथ शाड़ की जातर मेले का समापन होगा। दयाल सिंह कायथ, पृथ्वी राज, रणवीर चौहान, फकीर ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मेला धूमधाम से मनाया गया।
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