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Rampur Bushahar News: ऐतिहासिक शाड़ की जातर मेेले का 21 जून को होगा आगाज
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शलाटी घोड़ी के दौरे पर निकले अधिष्ठाता देवता साहिब नरेशर लक्ष्मी नारायण
एक सप्ताह तक हर गांव में ठहराव करेंगे देवता साहिब, नाटियों का चलेगा दौर
राजपुरा पहुंचने पर ग्रामीणों ने इष्ट का किया जोरदार स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की शलाटी घोड़ी में 21 जून से ऐतिहासिक एवं प्राचीन शाड़ की जातर (आषाढ़ का मेला) का शुभारंभ होगा। मसारना गांव में ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण झूमेंगे। मेला भड़ावली पंचायत में एक सप्ताह तक चलेगा। हर गांव में शाड़ की जातर में वाद्य यंत्रों की धुनों पर नाटियों का दौर चलेगा। मेले के आयोजन के लिए अधिष्ठाता आराध्य देवता साहिब नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू शलाटी घोड़ी के भ्रमण पर निकल गए हैं और राजपुरा गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने अपने इष्ट का गर्मजोशी से स्वागत किया।
गौर हो कि रामपुर उपमंडल की शलाटी घोड़ी में धूमधाम से मनाया जाने वाला शाड़ की जातर मेला सदियों पुरानी परंपराओं को संजोए हुए है। मेले और अपने आराध्य देवता का ग्रामीण बेसब्री से इंतजार करते हैं। शलाटी घोड़ी में देवता साहिब लक्ष्मी नारायण कुमसू की अगुवाई में हर गांव में मेला सजता है। दिनभर मेले में वाद्य यंत्रों की थाप पर नाटियों का दौर चलता है। देवता साहिब के भ्रमण का पहला पड़ाव खखरोला गांव है। बुधवार को देवता साहिब लाव लश्कर के साथ राजपुरा पहुंचे। कार-करिंदों और देवलुओं के साथ देवता साहिब का राजपुरा पहुंचने पर लोगों ने जोरदार स्वागत किया। वीरवार को देवता साहिब का करेरी गांव और शुक्रवार को रसेंदली गांव में ठहराव होगा। शनिवार को मसारना गांव पहुंचेंगे और शाड़ की जातर मेले का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
इसके बाद छलावट, कमलाऊ और भड़ावली में मेला सजेगा। अगले दिन से जिला स्तरीय नोगली मेला शुरू होगा, जहां पर अन्य देवता मेले में शिरकत कर शोभा बढ़ाएंगे। तीन दिन तक आयोजित होने वाले मेले में हजारों लोग देवताओं का आशीर्वाद लेंगे। 28 जून को शाड़ की जातर मेले का विधिवत रूप से समापन होगा।
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वहीं, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जीवन चौहान ने कहा कि आराध्य देवता साहिब नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू शलाटी घोड़ी के दौरे पर निकल चुके हैं। मसारना गांव से ऐतिहासिक शाड़ की जातर का शुभारंभ होगा।
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एक सप्ताह तक हर गांव में ठहराव करेंगे देवता साहिब, नाटियों का चलेगा दौर
राजपुरा पहुंचने पर ग्रामीणों ने इष्ट का किया जोरदार स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की शलाटी घोड़ी में 21 जून से ऐतिहासिक एवं प्राचीन शाड़ की जातर (आषाढ़ का मेला) का शुभारंभ होगा। मसारना गांव में ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण झूमेंगे। मेला भड़ावली पंचायत में एक सप्ताह तक चलेगा। हर गांव में शाड़ की जातर में वाद्य यंत्रों की धुनों पर नाटियों का दौर चलेगा। मेले के आयोजन के लिए अधिष्ठाता आराध्य देवता साहिब नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू शलाटी घोड़ी के भ्रमण पर निकल गए हैं और राजपुरा गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने अपने इष्ट का गर्मजोशी से स्वागत किया।
गौर हो कि रामपुर उपमंडल की शलाटी घोड़ी में धूमधाम से मनाया जाने वाला शाड़ की जातर मेला सदियों पुरानी परंपराओं को संजोए हुए है। मेले और अपने आराध्य देवता का ग्रामीण बेसब्री से इंतजार करते हैं। शलाटी घोड़ी में देवता साहिब लक्ष्मी नारायण कुमसू की अगुवाई में हर गांव में मेला सजता है। दिनभर मेले में वाद्य यंत्रों की थाप पर नाटियों का दौर चलता है। देवता साहिब के भ्रमण का पहला पड़ाव खखरोला गांव है। बुधवार को देवता साहिब लाव लश्कर के साथ राजपुरा पहुंचे। कार-करिंदों और देवलुओं के साथ देवता साहिब का राजपुरा पहुंचने पर लोगों ने जोरदार स्वागत किया। वीरवार को देवता साहिब का करेरी गांव और शुक्रवार को रसेंदली गांव में ठहराव होगा। शनिवार को मसारना गांव पहुंचेंगे और शाड़ की जातर मेले का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
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इसके बाद छलावट, कमलाऊ और भड़ावली में मेला सजेगा। अगले दिन से जिला स्तरीय नोगली मेला शुरू होगा, जहां पर अन्य देवता मेले में शिरकत कर शोभा बढ़ाएंगे। तीन दिन तक आयोजित होने वाले मेले में हजारों लोग देवताओं का आशीर्वाद लेंगे। 28 जून को शाड़ की जातर मेले का विधिवत रूप से समापन होगा।
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वहीं, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जीवन चौहान ने कहा कि आराध्य देवता साहिब नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू शलाटी घोड़ी के दौरे पर निकल चुके हैं। मसारना गांव से ऐतिहासिक शाड़ की जातर का शुभारंभ होगा।