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नीरथ में बुढ़ी दिवाली : ग्रामीणों ने कुंड जलाकर गाए काव, डाली नाटी
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नीरथ की बूढ़ी दिवाली मेले पहुंचे देवता संग ग्रामीणों ने लगाई नाटी। संवाद
देव विदाई के साथ मेला संपन्न, लोगों ने देवता साहिब गणेशी ब्रमबीर कुलथानी का लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के नीरथ में देव विदाई के साथ बूढ़ी दिवाली मेला संपन्न हो गया। मेले में दूरदराज के क्षेत्रों से आए लोगों ने देवता साहिब गणेशी ब्रमबीर कुलथानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्रामीणों ने कुंड जलाकर काव गाए और वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाटी डाली। बांड निकालने के बाद और देव विदाई के साथ बूढ़ी दिवाली मेला संपन्न हुआ। नीरथ की दिवाली कुल्लू और शिमला के क्षेत्रों में सबसे अंत में मनाई जाती है। नीरथ में प्रदेश का एकमात्र सूर्य नारायण का प्राचीन मंदिर है और ओडिशा के कोणार्क में दूसरा मंदिर स्थित है। मंदिर कमेटी के कारदार टीकम देव शर्मा और पुजारी हरिचंद शर्मा ने कहा कि नीरथ एक पौराणिक गांव है। भगवान विष्णु के छठे अवतार परशु राम की शौर्य स्मृतियों से जुड़ा है। यहा छाया माता का मंदिर है। दूरदराज से लोग इस मंदिर में माता और सूर्य देव के दर्शन के लिए आते हैं। बुधवार और वीरवार को दिवाली धूमधाम से मनाई गई। बुधवार को देवता साहिब गणेशी देवता साहिब ब्रमबीर और देवता साहिब कुलथानी से बूढ़ी दिवाली शुरू हुई और रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम में मटेना के महिला मंडल ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया। वहीं, नन्हे- मुन्हे बच्चों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। लोक गायिका रमना भारती ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। रात्रि कार्यक्रम में तांत्रा बॉयज बीरबल मुसाफिर, संतोष तोषी और अशोक पालसरा ने खूब रंग जमाया। संध्या में सुंदर सिंह कपूर और यशविंद्र सिंह ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के नीरथ में देव विदाई के साथ बूढ़ी दिवाली मेला संपन्न हो गया। मेले में दूरदराज के क्षेत्रों से आए लोगों ने देवता साहिब गणेशी ब्रमबीर कुलथानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्रामीणों ने कुंड जलाकर काव गाए और वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाटी डाली। बांड निकालने के बाद और देव विदाई के साथ बूढ़ी दिवाली मेला संपन्न हुआ। नीरथ की दिवाली कुल्लू और शिमला के क्षेत्रों में सबसे अंत में मनाई जाती है। नीरथ में प्रदेश का एकमात्र सूर्य नारायण का प्राचीन मंदिर है और ओडिशा के कोणार्क में दूसरा मंदिर स्थित है। मंदिर कमेटी के कारदार टीकम देव शर्मा और पुजारी हरिचंद शर्मा ने कहा कि नीरथ एक पौराणिक गांव है। भगवान विष्णु के छठे अवतार परशु राम की शौर्य स्मृतियों से जुड़ा है। यहा छाया माता का मंदिर है। दूरदराज से लोग इस मंदिर में माता और सूर्य देव के दर्शन के लिए आते हैं। बुधवार और वीरवार को दिवाली धूमधाम से मनाई गई। बुधवार को देवता साहिब गणेशी देवता साहिब ब्रमबीर और देवता साहिब कुलथानी से बूढ़ी दिवाली शुरू हुई और रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम में मटेना के महिला मंडल ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया। वहीं, नन्हे- मुन्हे बच्चों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। लोक गायिका रमना भारती ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। रात्रि कार्यक्रम में तांत्रा बॉयज बीरबल मुसाफिर, संतोष तोषी और अशोक पालसरा ने खूब रंग जमाया। संध्या में सुंदर सिंह कपूर और यशविंद्र सिंह ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।

नीरथ की बूढ़ी दिवाली मेले पहुंचे देवता संग ग्रामीणों ने लगाई नाटी। संवाद

नीरथ की बूढ़ी दिवाली मेले पहुंचे देवता संग ग्रामीणों ने लगाई नाटी। संवाद