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Rampur Bushahar News: विशेषज्ञों ने बागवानों को अल्टरनेरिया और माइट रोगों से बचाव के बताए तरीके
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कूहल पंचायत में बागवानों को सेब प्रबंधन बारे जानकारी देते विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. संजय चौहान। स्रो
कूहल और बौंडा पंचायत में बागवानी विभाग ने लगाए जागरूकता शिविर
बागवानी विशेषज्ञों ने सेब उत्पादन और पौध संरक्षण की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
बागवानी विभाग रामपुर ने सेब के बगीचों में रोग और कीटों के वैज्ञानिक एवं समेकित प्रबंधन के बारे में बागवानों को जागरूक किया। कूहल और बौंडा पंचायत में विभाग ने जागरूकता शिविर लगाए, जिसमें विशेषज्ञों ने बागवानों को अल्टरनेरिया और माइट रोगों से बचाव के तरीके बताए। साथ ही सेब उत्पादन और पौध संरक्षण के टिप्स दिए गए। शिविर में दोनों पंचायतों और आसपास के क्षेत्रों के बड़ी संख्या में बागवानों ने भाग लिया। शिविर के दौरान बागवानों को वर्तमान मौसम में सेब के बगीचों में सर्वाधिक प्रभावित करने वाले अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, मार्सोनिना लीफ ब्लॉच और माइट की पहचान, इनके प्रारंभिक लक्षण, अनुकूल परिस्थितियां, संभावित दुष्प्रभाव और वैज्ञानिक और समेकित प्रबंधन के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बागवानों को बगीचों की नियमित निगरानी, स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित पोषण प्रबंधन, समय पर आवश्यक स्प्रे और विभाग की ओर से अनुशंसित फफूंदनाशकों और कीटनाशकों के उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया गया। विषय विशेषज्ञ बागवानी विभाग रामपुर डॉ. संजय कुमार चौहान ने बताया कि वर्तमान मौसम में सेब बगीचों में अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, मार्सोनिना लीफ ब्लॉच और माइट का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि बागवान अपने बगीचों का नियमित निरीक्षण करें और रोग एवं कीटों के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब आवश्यक प्रबंधन उपाय अपनाएं। उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग की ओर से जारी अनुशंसित स्प्रे शेड्यूल का समयबद्ध पालन करने से रोगों एवं कीटों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है, जिससे फलों की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ उत्पादन में भी वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए वैज्ञानिक खेती अपनाना समय की आवश्यकता है। बागवान विभाग की ओर से समय-समय पर जारी तकनीकी परामर्श एवं मौसम आधारित सलाह का पालन करें। किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए निकटतम बागवानी कार्यालय से संपर्क करें। कार्यक्रम के दौरान बागवानों ने सेब उत्पादन, पौध संरक्षण, पोषक तत्व प्रबंधन, स्प्रे शेड्यूल एवं रोग नियंत्रण से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं व्यक्त कीं, जिनका विभागीय अधिकारियों ने वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने बागवानों से आह्वान किया कि वे विभाग की ओर से संचालित प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। आधुनिक तकनीकों को अपनाकर सेब उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाएं। इस मौके पर कूहल पंचायत प्रधान महेंद्र सिंह मेहता, उपप्रधान चंद्रकांत, बागवानी विकास अधिकारी रामपुर डॉ. प्रवीण मेहता, बागवानी प्रसार अधिकारी देवठी डोला राम, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी सहित कई बागवान मौजूद रहे।
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बागवानी विशेषज्ञों ने सेब उत्पादन और पौध संरक्षण की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
बागवानी विभाग रामपुर ने सेब के बगीचों में रोग और कीटों के वैज्ञानिक एवं समेकित प्रबंधन के बारे में बागवानों को जागरूक किया। कूहल और बौंडा पंचायत में विभाग ने जागरूकता शिविर लगाए, जिसमें विशेषज्ञों ने बागवानों को अल्टरनेरिया और माइट रोगों से बचाव के तरीके बताए। साथ ही सेब उत्पादन और पौध संरक्षण के टिप्स दिए गए। शिविर में दोनों पंचायतों और आसपास के क्षेत्रों के बड़ी संख्या में बागवानों ने भाग लिया। शिविर के दौरान बागवानों को वर्तमान मौसम में सेब के बगीचों में सर्वाधिक प्रभावित करने वाले अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, मार्सोनिना लीफ ब्लॉच और माइट की पहचान, इनके प्रारंभिक लक्षण, अनुकूल परिस्थितियां, संभावित दुष्प्रभाव और वैज्ञानिक और समेकित प्रबंधन के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बागवानों को बगीचों की नियमित निगरानी, स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित पोषण प्रबंधन, समय पर आवश्यक स्प्रे और विभाग की ओर से अनुशंसित फफूंदनाशकों और कीटनाशकों के उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया गया। विषय विशेषज्ञ बागवानी विभाग रामपुर डॉ. संजय कुमार चौहान ने बताया कि वर्तमान मौसम में सेब बगीचों में अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, मार्सोनिना लीफ ब्लॉच और माइट का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि बागवान अपने बगीचों का नियमित निरीक्षण करें और रोग एवं कीटों के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब आवश्यक प्रबंधन उपाय अपनाएं। उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग की ओर से जारी अनुशंसित स्प्रे शेड्यूल का समयबद्ध पालन करने से रोगों एवं कीटों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है, जिससे फलों की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ उत्पादन में भी वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए वैज्ञानिक खेती अपनाना समय की आवश्यकता है। बागवान विभाग की ओर से समय-समय पर जारी तकनीकी परामर्श एवं मौसम आधारित सलाह का पालन करें। किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए निकटतम बागवानी कार्यालय से संपर्क करें। कार्यक्रम के दौरान बागवानों ने सेब उत्पादन, पौध संरक्षण, पोषक तत्व प्रबंधन, स्प्रे शेड्यूल एवं रोग नियंत्रण से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं व्यक्त कीं, जिनका विभागीय अधिकारियों ने वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने बागवानों से आह्वान किया कि वे विभाग की ओर से संचालित प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। आधुनिक तकनीकों को अपनाकर सेब उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाएं। इस मौके पर कूहल पंचायत प्रधान महेंद्र सिंह मेहता, उपप्रधान चंद्रकांत, बागवानी विकास अधिकारी रामपुर डॉ. प्रवीण मेहता, बागवानी प्रसार अधिकारी देवठी डोला राम, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी सहित कई बागवान मौजूद रहे।