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Rampur Bushahar News: कृषि-बागवानी को वैज्ञानिक तकनीकों से बढ़ावा देने पर जोर
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रिकांगपिओ में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी, वैज्ञानिक और अन्य। स्रोत : डी
रिकांगपिओ में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक
60 शिविरों के जरिए 1800 प्रतिभागियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंजी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर की ओर से एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना भवन रिकांगपिओ में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता नौणी विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. धर्म पाल शर्मा ने की।
शर्मा ने कहा कि किसानों और बागवानों को बदलती बाजार प्रतिस्पर्धा में बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए उपज की गुणवत्ता, आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों, उन्नत उत्पादन पद्धतियों और प्राकृतिक खेती पर विशेष ध्यान देना होगा। बैठक में फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसानों की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान पर चर्चा की गई। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र की आगामी गतिविधियों की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।
वर्ष 2026-27 में 60 प्रशिक्षण शिविरों से 1800 प्रतिभागियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा ग्रामीण युवाओं के लिए 10 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, 450 सलाहकार सेवाएं देने, 250 निदानात्मक भ्रमण करने और किसानों के खेतों में 250 वैज्ञानिक भ्रमण आयोजित करने की योजना है। जागरूकता कार्यक्रमों, किसान मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से भी नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
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बैठक का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर की सह निदेशक डॉ. नीना चौहान ने किया। उन्होंने पिछली बैठक के निर्णयों पर की कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र में सभी 16 स्वीकृत पद भरे हुए हैं। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी हिमांशी शर्मा, उप निदेशक बागवानी शमशेर सिंह नेगी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गुरु लाल नेगी, किसान प्रतिनिधियों और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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60 शिविरों के जरिए 1800 प्रतिभागियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंजी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर की ओर से एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना भवन रिकांगपिओ में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता नौणी विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. धर्म पाल शर्मा ने की।
शर्मा ने कहा कि किसानों और बागवानों को बदलती बाजार प्रतिस्पर्धा में बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए उपज की गुणवत्ता, आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों, उन्नत उत्पादन पद्धतियों और प्राकृतिक खेती पर विशेष ध्यान देना होगा। बैठक में फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसानों की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान पर चर्चा की गई। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र की आगामी गतिविधियों की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।
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वर्ष 2026-27 में 60 प्रशिक्षण शिविरों से 1800 प्रतिभागियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा ग्रामीण युवाओं के लिए 10 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, 450 सलाहकार सेवाएं देने, 250 निदानात्मक भ्रमण करने और किसानों के खेतों में 250 वैज्ञानिक भ्रमण आयोजित करने की योजना है। जागरूकता कार्यक्रमों, किसान मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से भी नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
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बैठक का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर की सह निदेशक डॉ. नीना चौहान ने किया। उन्होंने पिछली बैठक के निर्णयों पर की कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र में सभी 16 स्वीकृत पद भरे हुए हैं। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी हिमांशी शर्मा, उप निदेशक बागवानी शमशेर सिंह नेगी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गुरु लाल नेगी, किसान प्रतिनिधियों और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।