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सराहन स्कूल में तीन वर्ष से नहीं लग रहीं विज्ञान की कक्षाएं

Tue, 22 Sep 2020 10:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2020 10:21 PM IST
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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। आजादी से पहले बने और छह बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के गृह क्षेत्र सराहन स्थित स्कूल में अध्यापकों की कमी से विज्ञान विषय की कक्षाएं तीन साल से बंद हैं। वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सराहन में 3 वर्षों से विज्ञान की कक्षाएं न लगने से क्षेत्र के छात्रों में रोष है। विज्ञान कक्षाएं बंद होने के कारण विद्यार्थियों को रामपुर और ज्यूरी जाना पड़ रहा है।
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गौरतलब है कि सराहन में आजादी से पहले बने स्कूल का आलीशान भवन और साइंस संकाय के लिए पूरी व्यवस्था के बावजूद स्कूल में अध्यापकों तैनाती नहीं हो पाई है। स्कूल में चार वर्षों से फिजिक्स और केमिस्ट्री शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इससे क्षेत्र के विज्ञान पढ़ने वाले सैकड़ों छात्रों को करीब 70 किलोमीटर दूर रामपुर का रुख करने को मजबूर होना पड़ रहा है। देश की आजादी से पहले करीब 1934 में तत्कालीन राजा की ओर से प्राथमिक स्कूल सराहन शुरू किया गया था। इसके बाद वर्ष 1954 में मैट्रिक और 1997 में सरकार ने स्कूल को 12वीं का दर्जा दिया। भव्य स्कूल भवन और एक दर्जन से भी अधिक आधुनिक साइंस लैबों में करोड़ों रुपये के उपकरण वर्षों से धूल फांक रहे हैं, लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग ने स्कूल में रिक्त पदों को लेकर कोई कदम नहीं उठाए।
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गौरतलब है कि देश को इस स्कूल ने कई आईएएस, एचएएस और आईपीएस अधिकारी दिए हैं। किन्नौर के विद्यार्थियों को यहां एक छात्रावास की सुविधा भी दी गई थी। सराहन स्कूल में इतिहास के प्राध्यापक विनोद शर्मा ने बताया कि इस स्कूल से शिक्षा प्राप्त कर कई छात्र उच्च पदों पर रह कर देश और प्रदेश को अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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सराहन क्षेत्र के दीवान, राजेश, पवन, प्रताप, सुरेंद्र, रंजीत, भूपेंद्र, भूषण, चेतन, संजय, प्रभु लाल, रामेश्वर, अमर सिंह, दीपेश आदि ने बताया कि इतने पुराने और सुविधाओं से लैस स्कूल में साइंस की कक्षाएं स्टाफ की कमी के कारण बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से स्कूल में रिक्त पदों को जल्द भरकर छात्रों को राहत देने की मांग की है। स्कूल में साइंस की कक्षाएं जारी रखने के लिए सराहन की छात्रा सृष्टि चौधरी ने राष्ट्रपति को भी एक पत्र भेजा था।

प्रधानाचार्य राजवंश नेगी ने बताया कि स्कूल में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को लेकर समय-समय पर विभाग के उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाता है। स्कूल में साइंस संकाय की लैब सहित हर सुविधा उपलब्ध है।
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