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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Education Minister Rohit Thakur reviewed the development works of Jubbal-Kotkhai area in the Secretariat.

नई सड़कों के निर्माण में उत्तम तकनीक और मानकों का हो इस्तेमाल : रोहित

Mon, 06 Oct 2025 11:14 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 11:14 PM IST
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सचिवालय में की जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा
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दिवाली तक ऊपरी शिमला में बंद पड़ीं सभी सड़कों को बहाल करने के जारी किए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोमवार को राज्य सचिवालय में जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों समेत भविष्य में नई सड़कों के निर्माण में उत्तम तकनीक एवं मानकों का इस्तेमाल किया जाए ताकि आपदाओं और अन्य विषम परिस्थितियों में भी सड़कें बहाल रहें। मंत्री ने कहा कि हमें भविष्य के निर्माण को इस तकनीक और डिजाइन से तैयार करना चाहिए। वर्ष 2023 और इस वर्ष भारी बरसात, बादल फटने जैसी परिस्थितियां अगर आगामी वर्षों में दोबारा उत्पन्न हों, तो भी सड़कें सालभर बहाल रहें और अन्य अधोसंरचना भी क्षतिग्रस्त न हो। इस वर्ष भारी बरसात से लोक निर्माण विभाग को 14 रोहड़ू वृत्त और दो राष्ट्रीय राजमार्गाें में 167 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। इसमें जुब्बल मंडल में 53 करोड़, कोटखाई मंडल में 50 करोड़, रोहड़ू मंडल में 24 करोड़, राष्ट्रीय राजमार्ग-705 में 35 करोड़ और राष्ट्रीय राजमार्ग-707 में पांच करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस वर्ष आपदा ठीक ऐसे समय पर आई, जब सेब सीजन शुरू हो रहा था। आपदा के कारण संपर्क मार्ग कट गए और सेब सीजन पर खतरा मंडराने लगा था। ऐसे में लोक निर्माण विभाग ने तत्परता दिखाई और विपरीत परिस्थितियों में भी संपर्क सुविधा बहाल कर सेब बागवानों को राहत प्रदान की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सभी सड़कों को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। क्षेत्र में लगभग 14 छोटी-बड़ी सड़कें अभी बड़े वाहनों के लिए बंद पड़ी हैं, जिन्हें दिवाली तक सुचारु कर दिया जाएगा। रोहित ठाकुर ने कहा कि जिन स्थानों पर भू-स्खलन लगातार हो रहा है और किसी अन्य कारण से सड़क निर्माण कार्यों में कठिनाई आ रही है। ऐसे स्थानों में स्थायी संपर्क स्थापित करने के लिए विभाग को बेली ब्रिज के विकल्प पर विचार करना चाहिए। उन्हाेंने विभाग के अधिकारियों को आपदा पूर्व आवश्यकता आकलन (पीडीएनए) के तहत किए जाने वाले सभी कार्यों की निविदाएं 15 नवंबर 2025 से पूर्व जारी करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि यदि किसी के घर, जमीन या संपत्ति को खतरा बना है, तो ऐसी जगहों पर प्राथमिकता से राहत पहुंचाने के कार्य किए जाने चाहिए। विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे स्थानों को चिह्नित कर सभी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जाए। शिक्षा मंत्री ने विभाग द्वारा निर्माणाधीन शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक भवनों एवं संस्थानों की भी समीक्षा की और इनके निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में 14 वृत्त रोहड़ू के अधीक्षण अभियंता प्रमोद उप्रेती, जुब्बल मंडल के अधिशासी अभियंता बलवीर ठाकुर, कोटखाई मंडल के अधिशासी अभियंता अखिल चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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