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Rampur Bushahar News: विद्यार्थियों को बताए एंटीबायोटिक ड्रग्स के दुष्प्रभाव
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संस्कृत महाविद्यालय जांगला में एंटीबायोटिक ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में बताया
आईजीएमसी के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. बलवीर वर्मा ने विद्यार्थियाें को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। हिमाचल आदर्श संस्कृत महाविद्यालय जांगला में बुधवार को एंटीबायोटिक ड्रग्स के दुष्प्रभाव की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईजीएमसी के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर बलवीर वर्मा ने विद्यार्थियों को जागरूक किया। इसमें महाविद्यालय के प्राकशास्त्री प्रथम वर्ष से लेकर शास्त्री अंतिम वर्ष तक के करीब 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया। डॉक्टर बलवीर वर्मा ने बताया कि अनावश्यक रूप से किसी भी व्यक्ति को एंटीबायोटिक ड्रग्स का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे एंटीबायोटिक पर निर्भरता बढ़ जाती है, इसलिए बहुत ही आवश्यक होने पर ही इन एंटीबायोटिक मेडिसिन का प्रयोग किया जाना चाहिए। बिना चिकित्सक की सलाह के एंटीबायोटिक मेडिसिन नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने एंटीबायोटिक दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर स्नेह लता शर्मा भी मौजूद रहीं। इनके अलावा व्याकरण विभाग की सहायक आचार्य अनीता भार्गव, साहित्य विभाग के सहायक आचार्य डॉक्टर दिनेश मिश्रा, ज्योतिष विभाग के डॉक्टर लोकेश्वर शर्मा और कंप्यूटर विभाग से श्रीकांत शर्मा मौजूद रहे। साथ ही अंग्रेजी विभाग के रवि शर्मा, रूप राज और देवेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। हिमाचल आदर्श संस्कृत महाविद्यालय जांगला में बुधवार को एंटीबायोटिक ड्रग्स के दुष्प्रभाव की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईजीएमसी के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर बलवीर वर्मा ने विद्यार्थियों को जागरूक किया। इसमें महाविद्यालय के प्राकशास्त्री प्रथम वर्ष से लेकर शास्त्री अंतिम वर्ष तक के करीब 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया। डॉक्टर बलवीर वर्मा ने बताया कि अनावश्यक रूप से किसी भी व्यक्ति को एंटीबायोटिक ड्रग्स का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे एंटीबायोटिक पर निर्भरता बढ़ जाती है, इसलिए बहुत ही आवश्यक होने पर ही इन एंटीबायोटिक मेडिसिन का प्रयोग किया जाना चाहिए। बिना चिकित्सक की सलाह के एंटीबायोटिक मेडिसिन नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने एंटीबायोटिक दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर स्नेह लता शर्मा भी मौजूद रहीं। इनके अलावा व्याकरण विभाग की सहायक आचार्य अनीता भार्गव, साहित्य विभाग के सहायक आचार्य डॉक्टर दिनेश मिश्रा, ज्योतिष विभाग के डॉक्टर लोकेश्वर शर्मा और कंप्यूटर विभाग से श्रीकांत शर्मा मौजूद रहे। साथ ही अंग्रेजी विभाग के रवि शर्मा, रूप राज और देवेंद्र सिंह उपस्थित रहे।