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Rampur Bushahar News: ठियोग में पेयजल संकट को लेकर एसडीएम और तहसीलदार के दफ्तर में प्रदर्शन

Thu, 13 Feb 2025 11:39 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2025 11:39 PM IST
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Drinking water crisis in Theog, protest against SDM and Tehsildar, Shimla
ठियोग में आक्रोश रैली के दौरान उमड़ी भीड़
ग्रामीणों और जल संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने चरमराई पेयजल व्यवस्था को लेकर किया प्रदर्शन
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12 बजे एसडीएम कार्यालय पहुंचे लोग, पांच बजे तक डटे रहे

सरकार, जल शक्ति विभाग और प्रशासन के खिलाफ की जमकर नारेबाजी, रैली भी निकाली

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। ठियोग विकास खंड की विभिन्न पंचायतों में चरमराई पेयजल व्यवस्था को लेकर जल संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने एसडीएम मुकेश शर्मा और तहसीलदार विवेक राणा का पांच घंटे तक घेराव किया। इस दौरान लोग एसडीएम और तहसीलदार के दफ्तर के अंदर चले गए और प्रशासन, जल शक्ति विभाग, विधायक व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जल संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों, सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। वीरवार सुबह मोर्चा के लोगों ने विश्राम गृह से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली। घेराव के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि जल शक्ति विभाग के अधिकारी आम जनता के साथ सहयोग नहीं करते और उन्हें बेवकूफ बनाते हैं। लोगों ने कहा कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जानबूझकर ठियोग में पानी की समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं। लोगों ने अधिकारियों और स्थानीय विधायक पर मिलीभगत करने और लोगों को पेश आ रही पानी की समस्या को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया। महिलाओं ने एसडीएम पर जल घोटाले में शामिल होने तक के आरोप लगाए।
मतियाना और कुसुम्पटी के एक्सईएन को आना पड़ा
एसडीएम मुकेश शर्मा के कार्यालय में लोगों के घेराव करने के बाद शाम पांच बजे जलशक्ति विभाग के मतियाना स्थित एक्सईन यशपाल ठाकुर और कुसुम्पटी के एक्सईएन संजय कौशल को आना पड़ा। इस दौरान पेयजल समस्या से परेशान लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में जल संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप वर्मा और अन्य ग्रामीणों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखी।
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अल्टीमेटम दिया, सप्ताह में कम से कम एक दिन तो मिले पानी

पांच घंटे से अधिक चले इस घेराव के दौरान कई बार तनावपूर्ण स्थिति बनी और लोग लगातार प्रशासन और सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते रहे। मोर्चा ने अधिकारियों को तीन मार्च तक पेयजल व्यवस्था सुचारु करने और कम से कम सप्ताह में एक दिन पानी मुहैया करवाने का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि ऐसा न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
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जल समस्या पर होने वाली बैठक को किया रद्द

जल संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संदीप वर्मा आरोप लगाया कि पेयजल संकट को दूर करने के लिए एसडीएम ने दस फरवरी को जलशक्ति विभाग के मतियाना और कुसुम्पटी स्थित एक्सईएन के साथ होने वाली बैठक को बिना जानकारी के रद्द कर दिया। उन्होंने एसडीएम पर जानबूझकर लोगों की समस्या की उपेक्षा करने और दबाव में काम करने का आरोप लगाया। मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र राजन ने आरोप लगाया कि ठियोग में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश हो रही है। राजन ने सत्ताधारी नेताओं और अधिकारियों पर आम जनता के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पूर्व जिप सदस्य सोहन ठाकुर ने कहा कि 27 जनवरी को हुई बैठक में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की मोर्चा के साथ हुई बैठक में सभी पंचायतों में पानी की समस्या की जानकारी अधिकारियों को दे दी थी। अधिकारियों ने तीन दिनों में मोर्चा के सदस्यों के साथ पेयजल योजनाओं का दौरा करने और समस्याओं का निराकरण करने की बात कही थी।



अधिकारियों पर विधायक के साथ बैठक के बाद यू टर्न लेने का आरोप


मोर्चा के सदस्यों ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक कुलदीप सिंह राठौर के साथ हुई बैठक के बाद से जल शक्ति विभाग के अधिकारी लोगों की समस्या सुलझाने के लिए सकारात्मक रवैया अपनाने से गुरेज कर रहे हैं। मोर्चा की सह संयोजक प्रेमलता वर्मा ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों को सरकार और प्रशासन बचा रहा है। पानी के लिए मांग उठा रहे आम लोगों पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जो दु:खद है। लोगों ने एसडीएम कार्यालय में ही अधिकारियों के खिलाफ घंटों नारेबाजी की और जलशक्ति विभाग के एक्सईएन को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। मौके पर मतियाना के एसडीओ और सैंज कनिष्ठ अभियंता मौके पर पहुंचे, जिनकी लोगों ने जमकर खिंचाई की और उन पर लोगों के फोन न सुनने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।


एसडीएम दिखे लाचार

पांच घंटे तक घिरे रहने तक एसडीएम लाचार दिखाई दिए। लोगों के सवालों का कोई जवाब देने से बचते एसडीएम लगातार विभागीय अधिकारियों को मौके पर हाजिर होने के लिए फोन घुमाते दिखाई दिए। धरने पर बैठे लोग लगातार अपनी मांग पर अड़े रहे और जल शक्ति विभाग के एक्सईएन को मौके पर आने की मांग करते रहे। 12 बजे एसडीएम कार्यालय में घुसे लोग पांच बजे तक डटे हुए थे और अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे। एसडीएम को उपस्थित महिलाओं और अन्य लोगों ने अपने अपने गावों में पानी की समस्या बताई। खनीउडी, जनोग, भेखलटी, टीर, बासा ठियोग, जैस, मुंडू, देहना, कढ़ारब, बंदली, नंगलदेवी, हलाई मझोली और बलग सहित बीसियों गांवों के लोगों ने पानी की समस्या का रोना रोया।

ठियोग में आक्रोश रैली के दौरान उमड़ी भीड़

ठियोग में आक्रोश रैली के दौरान उमड़ी भीड़

ठियोग में आक्रोश रैली के दौरान उमड़ी भीड़

ठियोग में आक्रोश रैली के दौरान उमड़ी भीड़

ठियोग में आक्रोश रैली के दौरान उमड़ी भीड़

ठियोग में आक्रोश रैली के दौरान उमड़ी भीड़

ठियोग में आक्रोश रैली के दौरान उमड़ी भीड़

ठियोग में आक्रोश रैली के दौरान उमड़ी भीड़

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