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Rampur Bushahar News: ठियोग-कुमारसैन विधानसभा में गहरा रहा पेयजल संकट
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कई जगह 2 से 3 दिन, तो कुछ गांवों में सप्ताह बाद मिल रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। ठियोग-कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। कई गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर समाजसेवी अमित मेहता ने विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अमित मेहता ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर मिलीभगत के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र के कई गांव आज भी पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ठियोग-कुमारसैन क्षेत्र में 17,593 पेयजल कनेक्शन स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 17,471 कनेक्शन लगाए जा चुके हैं, जबकि 122 कनेक्शन पाइप की कमी के कारण लंबित हैं। विभाग का दावा है कि सभी कनेक्शनों में नियमित जलापूर्ति हो रही है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग है। कई क्षेत्रों में दो से तीन दिन के अंतराल में पानी मिल रहा है, जबकि कुछ गांवों में लोगों को सप्ताहभर तक इंतजार करना पड़ रहा है।
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स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब किसी क्षेत्र में पंप या अन्य मशीनरी खराब हो जाती है। ऐसी स्थिति में पांच से सात दिन तक जलापूर्ति बाधित रहती है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के मौसम में संकट और अधिक बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। मेहता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जून माह में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। ठियोग-कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। कई गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर समाजसेवी अमित मेहता ने विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अमित मेहता ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर मिलीभगत के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र के कई गांव आज भी पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि ठियोग-कुमारसैन क्षेत्र में 17,593 पेयजल कनेक्शन स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 17,471 कनेक्शन लगाए जा चुके हैं, जबकि 122 कनेक्शन पाइप की कमी के कारण लंबित हैं। विभाग का दावा है कि सभी कनेक्शनों में नियमित जलापूर्ति हो रही है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग है। कई क्षेत्रों में दो से तीन दिन के अंतराल में पानी मिल रहा है, जबकि कुछ गांवों में लोगों को सप्ताहभर तक इंतजार करना पड़ रहा है।
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स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब किसी क्षेत्र में पंप या अन्य मशीनरी खराब हो जाती है। ऐसी स्थिति में पांच से सात दिन तक जलापूर्ति बाधित रहती है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के मौसम में संकट और अधिक बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। मेहता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जून माह में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।