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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Drinking water crisis deepens in Pooh; persists for seven months

Rampur Bushahar News: पूह में सात माह से गहराया पेयजल संकट, ग्रामीण बेहाल

Thu, 17 Sep 2026 11:41 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:41 PM IST
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बारिश-बर्फबारी कम होने से सूखे पेयजल स्रोत, स्थानीय लोगों के साथ बीआरओ कॉलोनी और सेना क्षेत्र की बढ़ी दिक्कतें
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पूह से पांच किलोमीटर दूर टिंकू नाले से टैंकर और निजी वाहनों में ढो रहे पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय क्षेत्र पूह में सात महीने से पेयजल संकट गहराया हुआ है। बारिश और बर्फबारी कम होने के कारण क्षेत्र के प्राकृतिक स्रोत में पानी का स्तर लगातार घट गया है। इसका सीधा असर करीब चार हजार की आबादी पर पड़ा है। लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। पूह खंड के पूह खास, शांति मोहल्ला, गांधी मोहल्ला, लाबरंग, सरकारी आवासीय क्षेत्र, सेना क्षेत्र और बीआरओ प्रवासी मजदूरों के क्षेत्र में पानी की समस्या बढ़ गई है। बारिश और बर्फबारी न होने से पूह नाले के पिलथ में पेयजल स्रोत में सूख रहा है। पेयजल स्रोत में पानी का प्रवाह इतना कम हो गया है कि नियमित आपूर्ति करना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए पूह से पांच किलोमीटर दूर टिंकू नाले से टैंकर और निजी वाहनों में पानी ढोना पड़ रहा है। पेयजल किल्लत के चलते गर्मियों के बाद अब आगामी समय को लेकर भी लोग चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सात माह से चली आ रही समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभाग को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। पूह पंचायत के प्रधान तेंजिन दोर्जे चिल्ला, उपप्रधान कालजंग रिंगजिन, पूर्व प्रधान राजेश नेगी, दीप ज्योति नेगी समेत कई अन्य लोगों ने कहा कि यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं हुई, तो पेयजल संकट और गंभीर हो सकता है। ऐसे में सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से समय रहते प्रभावी व्यवस्था करने की मांग उठाई है।


प्राकृतिक स्रोत सूख रहा है। कुछ स्थानों पर बोर करने के लिए ग्रामीणों के साथ विचार-विमर्श किया गया था, लेकिन ग्रामीणों ने इसके लिए हामी नहीं भरी। फिलहाल, पेयजल के लिए अन्य कोई विकल्प नहीं है। - राज दीप नेगी, कनिष्ठ अभियंता, जल शक्ति विभाग पूह
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