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Rampur Bushahar News: सेब प्रोसेसिंग प्लांट से छोड़ा गया था गिरि खड्ड में गंदा पानी
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विधायक ने बंद कमरे में एक घंटा की बैठक, एमडी बोले- प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी को लेकर किया जाएगा प्रावधान
जल शक्ति विभाग ने कहा, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट टैंक को कर दिया है साफ, आज से शुरू होगी आपूर्ति
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने लिए सैंपल, प्रोसेसिंग यूनिट के प्लांट की दीवारों की दरारें से बह आया था गंदा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग के सैंज में बुधवार को गिरि खड्ड में पानी में झाग आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा। वीरवार को जलशक्ति विभाग के अधिकारियों ने खड्ड का निरीक्षण किया। उसके बाद पता चला कि एचपीएमसी के सेब प्रोसेसिंग प्लांट से गंदा पानी खड्ड में छोड़ा गया था। खड्ड में सेब से निकलने वाला गुद्दा भी छोड़ा था, जिससे जलशक्ति विभाग के पंप भी ब्लॉक हो गए थे। इस कारण वीरवार को शहर भर में पानी की आपूर्ति बंद रही। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने भी पराला स्थित फल प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण कर पानी के सैंपल लिए और प्रोसेसिंग यूनिट की जांच की। इसमें पता चला कि प्रोसेसिंग यूनिट के ट्रेंट प्लांट की दीवारों में दरारें थीं। इन दरारों से दूषित पानी गिरि खड्ड में बह रहा था, जिससे पानी सफेद और झागदार हो गया था। जल शक्ति विभाग का कहना है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट टैंक को साफ कर दिया है। शुक्रवार को दोपहर के बाद लोगों को पीने के पीने की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। वहीं, पूरे मामले की जानकारी लेने के लिए ठियोग-कुमारसैन क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर भी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। विधायक ने एसडीएम ठियोग मुकेश शर्मा, एचपीएमसी के एमडी सुदेश, बीडीओ ठियोग जगदीप राठौर, आईपीएच एक्सईएन के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बंद कमरे में एक घंटा बैठक की। बैठक में स्थानीय किसी भी व्यक्ति को अंदर नहीं आने दिया। बैठक में एचपीएमसी के एमडी सुदेश मोक्टा ने कहा कि प्लांट के गंदे पानी को लेकर प्रावधान किया जाएगा। बैठक में स्थानीय जनता के मुद्दों पर भी चर्चा की गई ।
प्लांट की गंदगी को रोकने के लिए बनाई 11 सदस्यों की कमेटी
सेब प्रोसेसिंग प्लांट में वीरवार को जनता का भी गुस्सा फूट। स्थानीय निवासी भोपाल चौहान ने बताया कि बुधवार को ग्राम सभा में इस प्लांट की गंदगी को रोकने के लिए एक 11 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है, जिसका प्रस्ताव ग्राम सभा में पारित किया गया। इस मामले में पहले भी बैठकें की जाती रही हैं, लेकिन प्लांट के अधिकारी जनता की कोई सुनवाई नहीं करते। प्लांट की गंदगी को रात के समय खड्ड में छोड़ दिया जाता है। गिरि खड्ड के जल स्रोत से राजधानी शिमला के अलावा ठियोग और आसपास के क्षेत्र की जनता को पानी की आपूर्ति होती है। इसके पानी को दूषित किया जा रहा है। पूर्व प्रधान राज गोपाल ने बताया कि 100 करोड़ रुपये का प्लांट बनाया गया है, लेकिन इससे निकलने वाली गंदगी को फेंकने को कोई प्रावधान नहीं है। प्लांट से निकल रहे धुएं के कारण आसपास के क्षेत्र में फसल बर्बाद हो रही है। दौलत राम ने बताया कि प्लांट की सारी गंदगी को खुले में सड़कों पर रात को फेंक दिया जाता है। कुंदन लाल, उपप्रधान प्रेम दत शर्मा ने बताया कि बार-बार कहने के बाद भी प्लांट के अधिकारियों के कान में जूं तक नही रेंगती, अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए, तो मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
जांच कमेटी का होगा गठन
विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने बताया जल्द जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। गिरि खड्ड में गंदगी फैलाने वालों पर जल्द कार्रवाई होगी। ट्रीटमेंट प्लांट कंपनी के अधिकरियों के साथ ग्रामीण हर महीने बैठक करेंगे, ताकि किया प्रकार की परेशानी न हो।
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बोर्ड ने कहा, इस गंदगी से गंभीर खतरा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह दूषित पानी नदी के जल की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव डाल सकता है और पीने के पानी के रूप में इसका उपयोग लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
गिरी खड्ड में एप्पल प्रोसेसिंग प्लांट से गंदा पानी छोड़ा गया था। पानी गंदा होने पर जलशक्ति विभाग ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट टैंक को साफ कर दिया है। जलशक्ति विभाग शुक्रवार को दोपहर के बाद लोगों को पीने के पीने की सप्लाई शुरू कर देगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या न हो। पानी को पूरी तरह से साफ कर दिया है अब लोगों को पीने में कोई दिक्कतें नहीं है । -महबूब शेख, एसडीओ, जल शक्ति विभाग ठियोग
सैंपल ले लिए गए हैं, जिनकी जांच होगी। बोर्ड ने निरिक्षण में पाया कि टैंक में दरारें है, जिसके बाद तुरंत छोड़े जा रहे पानी को रोका गया। टैंक की मरम्मत तक ट्रीटमेंट प्लांट को बंद कर दिया गया है। - अनिल जोशी, सदस्य सचिव प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील है गिरी
सीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरि में बीओडी 4.8 मिलीग्राम प्रति लीटर के औसत स्तर पर है और इसे प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया गया है। साथ ही गिरी से राजधानी का 18 एमएजडी पानी की भी आपूर्ति की जाती है। प्राकृतिक और जनजातीय कारणों से गिरी महत्वपूर्ण है। ऐसे में गिरी में पराला प्लांट से छोड़ा जा रहा गंदा पानी स्थिति के और खराब कर रहा है।
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जल शक्ति विभाग ने कहा, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट टैंक को कर दिया है साफ, आज से शुरू होगी आपूर्ति
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने लिए सैंपल, प्रोसेसिंग यूनिट के प्लांट की दीवारों की दरारें से बह आया था गंदा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग के सैंज में बुधवार को गिरि खड्ड में पानी में झाग आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा। वीरवार को जलशक्ति विभाग के अधिकारियों ने खड्ड का निरीक्षण किया। उसके बाद पता चला कि एचपीएमसी के सेब प्रोसेसिंग प्लांट से गंदा पानी खड्ड में छोड़ा गया था। खड्ड में सेब से निकलने वाला गुद्दा भी छोड़ा था, जिससे जलशक्ति विभाग के पंप भी ब्लॉक हो गए थे। इस कारण वीरवार को शहर भर में पानी की आपूर्ति बंद रही। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने भी पराला स्थित फल प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण कर पानी के सैंपल लिए और प्रोसेसिंग यूनिट की जांच की। इसमें पता चला कि प्रोसेसिंग यूनिट के ट्रेंट प्लांट की दीवारों में दरारें थीं। इन दरारों से दूषित पानी गिरि खड्ड में बह रहा था, जिससे पानी सफेद और झागदार हो गया था। जल शक्ति विभाग का कहना है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट टैंक को साफ कर दिया है। शुक्रवार को दोपहर के बाद लोगों को पीने के पीने की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। वहीं, पूरे मामले की जानकारी लेने के लिए ठियोग-कुमारसैन क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर भी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। विधायक ने एसडीएम ठियोग मुकेश शर्मा, एचपीएमसी के एमडी सुदेश, बीडीओ ठियोग जगदीप राठौर, आईपीएच एक्सईएन के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बंद कमरे में एक घंटा बैठक की। बैठक में स्थानीय किसी भी व्यक्ति को अंदर नहीं आने दिया। बैठक में एचपीएमसी के एमडी सुदेश मोक्टा ने कहा कि प्लांट के गंदे पानी को लेकर प्रावधान किया जाएगा। बैठक में स्थानीय जनता के मुद्दों पर भी चर्चा की गई ।
प्लांट की गंदगी को रोकने के लिए बनाई 11 सदस्यों की कमेटी
सेब प्रोसेसिंग प्लांट में वीरवार को जनता का भी गुस्सा फूट। स्थानीय निवासी भोपाल चौहान ने बताया कि बुधवार को ग्राम सभा में इस प्लांट की गंदगी को रोकने के लिए एक 11 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है, जिसका प्रस्ताव ग्राम सभा में पारित किया गया। इस मामले में पहले भी बैठकें की जाती रही हैं, लेकिन प्लांट के अधिकारी जनता की कोई सुनवाई नहीं करते। प्लांट की गंदगी को रात के समय खड्ड में छोड़ दिया जाता है। गिरि खड्ड के जल स्रोत से राजधानी शिमला के अलावा ठियोग और आसपास के क्षेत्र की जनता को पानी की आपूर्ति होती है। इसके पानी को दूषित किया जा रहा है। पूर्व प्रधान राज गोपाल ने बताया कि 100 करोड़ रुपये का प्लांट बनाया गया है, लेकिन इससे निकलने वाली गंदगी को फेंकने को कोई प्रावधान नहीं है। प्लांट से निकल रहे धुएं के कारण आसपास के क्षेत्र में फसल बर्बाद हो रही है। दौलत राम ने बताया कि प्लांट की सारी गंदगी को खुले में सड़कों पर रात को फेंक दिया जाता है। कुंदन लाल, उपप्रधान प्रेम दत शर्मा ने बताया कि बार-बार कहने के बाद भी प्लांट के अधिकारियों के कान में जूं तक नही रेंगती, अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए, तो मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
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जांच कमेटी का होगा गठन
विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने बताया जल्द जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। गिरि खड्ड में गंदगी फैलाने वालों पर जल्द कार्रवाई होगी। ट्रीटमेंट प्लांट कंपनी के अधिकरियों के साथ ग्रामीण हर महीने बैठक करेंगे, ताकि किया प्रकार की परेशानी न हो।
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बोर्ड ने कहा, इस गंदगी से गंभीर खतरा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह दूषित पानी नदी के जल की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव डाल सकता है और पीने के पानी के रूप में इसका उपयोग लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
गिरी खड्ड में एप्पल प्रोसेसिंग प्लांट से गंदा पानी छोड़ा गया था। पानी गंदा होने पर जलशक्ति विभाग ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट टैंक को साफ कर दिया है। जलशक्ति विभाग शुक्रवार को दोपहर के बाद लोगों को पीने के पीने की सप्लाई शुरू कर देगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या न हो। पानी को पूरी तरह से साफ कर दिया है अब लोगों को पीने में कोई दिक्कतें नहीं है । -महबूब शेख, एसडीओ, जल शक्ति विभाग ठियोग
सैंपल ले लिए गए हैं, जिनकी जांच होगी। बोर्ड ने निरिक्षण में पाया कि टैंक में दरारें है, जिसके बाद तुरंत छोड़े जा रहे पानी को रोका गया। टैंक की मरम्मत तक ट्रीटमेंट प्लांट को बंद कर दिया गया है। - अनिल जोशी, सदस्य सचिव प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील है गिरी
सीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरि में बीओडी 4.8 मिलीग्राम प्रति लीटर के औसत स्तर पर है और इसे प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया गया है। साथ ही गिरी से राजधानी का 18 एमएजडी पानी की भी आपूर्ति की जाती है। प्राकृतिक और जनजातीय कारणों से गिरी महत्वपूर्ण है। ऐसे में गिरी में पराला प्लांट से छोड़ा जा रहा गंदा पानी स्थिति के और खराब कर रहा है।