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Rampur Bushahar News: सेब सीजन से पहले सड़कें दुरुस्त करने की मांग
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उप प्रधान बलदेव शर्मा ने लोक निर्माण मंत्री को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नवगठित ग्राम पंचायत अंटापू-बटाड़ी के उप प्रधान बलदेव शर्मा ने क्षेत्र की जर्जर संपर्क सड़कों की समस्या को लेकर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को शिमला में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बशला-अंटापू तथा बशला-रोहेलधार संपर्क मार्ग पर निर्माण, सोलिंग और मेटलिंग का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करवाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अंटापू क्षेत्र में प्रतिवर्ष 70 से 80 हजार सेब पेटियों का उत्पादन होता है। सड़कें समय पर दुरुस्त नहीं हुईं तो बागवानों को फसल मंडियों तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। बशला-अंटापू सड़क को वर्ष 2016 में नाबार्ड के तहत स्वीकृति मिली थी और 2018 में इसका भूमि पूजन भी हुआ, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य वर्षों तक आगे नहीं बढ़ सका। वर्ष 2024 में दोबारा टेंडर होने के बावजूद जुलाई 2025 से अब तक सड़क पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। वहीं बशला-रोहेलधार मार्ग भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे अंटापू, बटाड़ी, अढाल और बशला पंचायतों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नवगठित ग्राम पंचायत अंटापू-बटाड़ी के उप प्रधान बलदेव शर्मा ने क्षेत्र की जर्जर संपर्क सड़कों की समस्या को लेकर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को शिमला में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बशला-अंटापू तथा बशला-रोहेलधार संपर्क मार्ग पर निर्माण, सोलिंग और मेटलिंग का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करवाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अंटापू क्षेत्र में प्रतिवर्ष 70 से 80 हजार सेब पेटियों का उत्पादन होता है। सड़कें समय पर दुरुस्त नहीं हुईं तो बागवानों को फसल मंडियों तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। बशला-अंटापू सड़क को वर्ष 2016 में नाबार्ड के तहत स्वीकृति मिली थी और 2018 में इसका भूमि पूजन भी हुआ, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य वर्षों तक आगे नहीं बढ़ सका। वर्ष 2024 में दोबारा टेंडर होने के बावजूद जुलाई 2025 से अब तक सड़क पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। वहीं बशला-रोहेलधार मार्ग भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे अंटापू, बटाड़ी, अढाल और बशला पंचायतों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
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