फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Demand to prevent the settlement of a particular community in Kotla

Rampur Bushahar News: कोटला में विशेष समुदाय को न बसाने की मांग, राजस्व मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल

Wed, 12 Aug 2026 11:00 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:00 PM IST
विज्ञापन
Demand to prevent the settlement of a particular community in Kotla
किन्नौर प्रवास के दौरान झाकड़ी में मंत्री जगत सिंह नेगी से मिलते कोटला के ग्रामीण। संवाद
विस्थापितों ने कहा-परियोजना के लिए मजबूरी में दीं जमीन, अब सरकार बसा रही बाहरी लोगों को
विज्ञापन

मंत्री जगत सिंह नेगी ने ग्रामीणों को दिया आश्वासन, शिमला जाकर मामले पर की जाएगी कार्रवाई
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
नाथपा-झाकड़ी परियोजना से प्रभावित कोटला गांव में बाहरी लोगों और विशेष समुदाय को न बसाने की मांग को लेकर ज्यूरी पंचायत का प्रतिनिधिमंडल बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि सरकार की ओर से विशेष समुदाय को बसाने की योजना से ग्रामीण चिंतित हैं। मंत्री जगत सिंह नेगी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शिमला जाकर इस मामले पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विस्थापितों की मांग पर जल्द अमल करने का वादा किया। यह मुलाकात बुधवार को एसजेवीएन झाकड़ी में हुई, जब मंत्री किन्नौर प्रवास पर जा रहे थे। ज्यूरी पंचायत की प्रधान राजकांता के नेतृत्व में कोटला के ग्रामीणों ने अपनी चिंताएं रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि वे नाथपा-झाकड़ी परियोजना के विस्थापित हैं। उन्होंने परियोजना के लिए अपने मकान और जमीनें मजबूरी में दी थीं। परियोजना के उपयोग से बची जमीन अब राजस्व विभाग के नाम है। सरकार अब इस जमीन पर बाहरी लोगों को बसाने की योजना बना रही है, जिसे ग्रामीण अन्याय मानते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाहरी लोगों को बसाने से उनके पशुपालन पर बुरा असर पड़ेगा। चरागाह और घासनी पर उन लोगों का कब्जा हो जाएगा। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कोटला में मंदिरों के पास की जमीन पर विशेष समुदाय को बसाने से भविष्य में धार्मिक तकरार हो सकती है। इससे गांव की शांति भंग होने का खतरा है। ज्यूरी पंचायत ने कोटला गांव में सरकारी जमीन को इस समुदाय को न देने का प्रस्ताव भी पारित किया है। यह प्रस्ताव ग्रामीणों की चिंताओं को दर्शाता है। राजकांता ने बताया कि मंत्री जगत सिंह नेगी ने ग्रामीणों की चिंताओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्राम पंचायत ज्यूरी से पारित प्रस्ताव पर सरकार विचार करेगी। मंत्री ने शिमला जाकर इस मामले पर अवश्य कार्रवाई करने का वादा किया। कोटला के ग्रामीणों ने पहले भी प्रशासन से लिखित आग्रह किया है। उन्होंने इस मुद्दे पर धरना प्रदर्शन भी किया है। इस प्रतिनिधिमंडल में मंदिर कमेटी कोटला के प्रधान केवल राम वर्मा और विस्थापित मंच कोटला के सचिव धर्म सेन मेहता सहित अन्य सदस्य रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed