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Rampur Bushahar News: हिमाचल में छात्र परिषद चुनाव बहाली की उठाई मांग
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नगर परिषद रोहड़ू के उपाध्यक्ष सुजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नगर परिषद रोहड़ू के उपाध्यक्ष सुजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र चुनाव तुरंत बहाल करने की मांग उठाई है। सुजय अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री का राजनीतिक जीवन भी छात्र संघ चुनावों से शुरू हुआ था, इसलिए यह उनका नैतिक दायित्व है कि वे उस परंपरा को पुनर्जीवित करें। यहां तक विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर भी इन्हीं सीढि़यों से चढ़कर प्रदेश की राजनीतिक में पहुंचे हैं। छात्र राजनीति लोकतंत्र की नर्सरी है, जहां से भविष्य के नेता, शिक्षक, प्रशासक, उद्यमी और जिम्मेदार नागरिक तैयार होते हैं। हाल ही में विधानसभा में भी वरिष्ठ नेताओं ने माना कि लगभग 80 प्रतिशत नेता छात्र राजनीति से निकले हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्र संघ चुनावों पर रोक जारी रही तो लोकतंत्र की यह सबसे अहम कड़ी कमजोर हो जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि छात्र परिषद चुनाव स्पष्ट दिशा-निर्देशों और सुरक्षा प्रावधानों के साथ कराए जाएं। इसमें पारदर्शी प्रक्रियाएं, आचार संहिता, निष्पक्ष निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र शामिल होना चाहिए। इससे न केवल हिंसा पर रोक लगेगी, बल्कि कैंपस लोकतंत्र और भी मजबूत होगा। इस निर्णय से प्रदेश के युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नगर परिषद रोहड़ू के उपाध्यक्ष सुजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र चुनाव तुरंत बहाल करने की मांग उठाई है। सुजय अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री का राजनीतिक जीवन भी छात्र संघ चुनावों से शुरू हुआ था, इसलिए यह उनका नैतिक दायित्व है कि वे उस परंपरा को पुनर्जीवित करें। यहां तक विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर भी इन्हीं सीढि़यों से चढ़कर प्रदेश की राजनीतिक में पहुंचे हैं। छात्र राजनीति लोकतंत्र की नर्सरी है, जहां से भविष्य के नेता, शिक्षक, प्रशासक, उद्यमी और जिम्मेदार नागरिक तैयार होते हैं। हाल ही में विधानसभा में भी वरिष्ठ नेताओं ने माना कि लगभग 80 प्रतिशत नेता छात्र राजनीति से निकले हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्र संघ चुनावों पर रोक जारी रही तो लोकतंत्र की यह सबसे अहम कड़ी कमजोर हो जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि छात्र परिषद चुनाव स्पष्ट दिशा-निर्देशों और सुरक्षा प्रावधानों के साथ कराए जाएं। इसमें पारदर्शी प्रक्रियाएं, आचार संहिता, निष्पक्ष निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र शामिल होना चाहिए। इससे न केवल हिंसा पर रोक लगेगी, बल्कि कैंपस लोकतंत्र और भी मजबूत होगा। इस निर्णय से प्रदेश के युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।