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Rampur Bushahar News: कांदल सहित आधा दर्जन गांव बस सेवा से महरूम
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ग्रामीणों ने उठाई परिवहन निगम से बस सेवा शुरू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा(रोहड़ू)। उत्तराखंड की सीमा पर स्थित हिमाचल प्रदेश के अंतिम गांव कांदल सहित ग्राम पंचायत धनत के लगभग आधा दर्जन गांव आज भी बस सेवा से महरूम हैं। कांदल गांव को संपर्क मार्ग तो वर्ष 2015 में मिल गया है, लेकिन आज तक परिवहन निगम की बस सेवा शुरू नहीं हुई है।
कांदल निवासी कृपाल चौहान ने बताया कि कांदल-बटेरा मार्ग को वर्ष 2015 में बस के लिए पास कर दिया गया था। ग्रामीणों के बार-बार आग्रह करने के उपरांत भी आज तक परिवहन निगम की बस सेवा शुरू नहीं हुई। जिस दिन सड़क की पासिंग हुई थी उसी दिन बस भेजी गई थी। उसके बाद गांववासियों को बस के दर्शन नहीं हुए। कृपाल चौहान ने बताया कि बस सेवा शुरू होने से कुन्दरी, शीरी, गिजौटा, घासन, कुम्हारला, गागलना, कांदल ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के हाली व सैंज गांव के लोग भी लाभान्वित होंगे। परिवहन के अधिकारी कई बार लोगों को बस चलाने का आश्वासन दे चुके हैं लेकिन बस आज तक नहीं चलाई गई। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र से लगभग 25 बच्चे व कर्मचारी रोज नेरवा आते-जाते हैं। बस सुविधा न होने के कारण अधिकतर लोगों को मजबूरन नेरवा में किराये पर मकान लेकर रहना पड़ रहा है। बस में लोग 50 रुपये किराया देकर नेरवा पहुंचा सकते है, लेकिन प्राइवेट गाड़ियों में 150 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
शीरी गांव के जय लाल नेहटा, वीर सिंह, गिजौटा गांव के कंवर सिंह, कांदल गांव के दौलत राम चौहान, केवल राम चौहान, मोहन लाल चौहान, सुभाष, हरि राम शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से गुहार लगाई है कि कांदल के लिए परिवहन निगम की बस सेवा प्राथमिकता के आधार पर शुरू करवाई जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा(रोहड़ू)। उत्तराखंड की सीमा पर स्थित हिमाचल प्रदेश के अंतिम गांव कांदल सहित ग्राम पंचायत धनत के लगभग आधा दर्जन गांव आज भी बस सेवा से महरूम हैं। कांदल गांव को संपर्क मार्ग तो वर्ष 2015 में मिल गया है, लेकिन आज तक परिवहन निगम की बस सेवा शुरू नहीं हुई है।
कांदल निवासी कृपाल चौहान ने बताया कि कांदल-बटेरा मार्ग को वर्ष 2015 में बस के लिए पास कर दिया गया था। ग्रामीणों के बार-बार आग्रह करने के उपरांत भी आज तक परिवहन निगम की बस सेवा शुरू नहीं हुई। जिस दिन सड़क की पासिंग हुई थी उसी दिन बस भेजी गई थी। उसके बाद गांववासियों को बस के दर्शन नहीं हुए। कृपाल चौहान ने बताया कि बस सेवा शुरू होने से कुन्दरी, शीरी, गिजौटा, घासन, कुम्हारला, गागलना, कांदल ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के हाली व सैंज गांव के लोग भी लाभान्वित होंगे। परिवहन के अधिकारी कई बार लोगों को बस चलाने का आश्वासन दे चुके हैं लेकिन बस आज तक नहीं चलाई गई। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र से लगभग 25 बच्चे व कर्मचारी रोज नेरवा आते-जाते हैं। बस सुविधा न होने के कारण अधिकतर लोगों को मजबूरन नेरवा में किराये पर मकान लेकर रहना पड़ रहा है। बस में लोग 50 रुपये किराया देकर नेरवा पहुंचा सकते है, लेकिन प्राइवेट गाड़ियों में 150 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
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शीरी गांव के जय लाल नेहटा, वीर सिंह, गिजौटा गांव के कंवर सिंह, कांदल गांव के दौलत राम चौहान, केवल राम चौहान, मोहन लाल चौहान, सुभाष, हरि राम शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से गुहार लगाई है कि कांदल के लिए परिवहन निगम की बस सेवा प्राथमिकता के आधार पर शुरू करवाई जाए।
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