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कोटखाई में वन माफिया सक्रिय, कोई नहीं कर रहा कार्रवाई

Tue, 13 Mar 2018 09:14 PM IST
Updated Tue, 13 Mar 2018 09:14 PM IST
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कोटखाई में वन माफिया सक्रिय, कोई नहीं कर रहा कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
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कोटखाई।
तहसील कोटखाई के जंगलों में वन माफिया की सक्रियता वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। कोटखाई वन रेंज में करीब तीन साल में वन विभाग ने करीब 17 मामले अवैध कटान के पकड़े गए। इसमें देवदार के करीब 42 पेड़ काटे गए। इस लकड़ी की कीमत लाखों में है। लेकिन वन विभाग की टीम एक भी आरोपी को रंगे हाथ मौके पर पकड़ने में सफल नहीं रही। साथ ही पुलिस भी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बजाय मेहरबान होती नजर आ रही है।
बीते कुछ दिनों में देवदार के हरे करीब 17 पेड़ काटने के बाद आरोपियों का सुराग नहीं लग रहा। सूत्र बताते हैं कि रविवार को हुए अवैध कटाने के बारे में वन विभाग की टीम को गांव के लोगों ने ही गुप्त सूचना रात के समय दी थी। इसके बाद विभाग की टीम को मजबूरन हरकत में आना पड़ा। पेड़ कटान के मामले सामने आने के बाद वन विभाग पुलिस में मामला दर्ज करवाने तक सीमित रहता है। कुछ समय बाद हर बार की तरह मामला ठंडा पड़ जाता है। कोटखाई तहसील की हिमरी बीट में पिछले माह देवदार के करीब 13 पेड़ काटने का मामला सामने आया था। इसके अलावा देवदार की कुछ कड़ियां वन विभाग की टीम ने नाले से बरामद की। चर्चा चल रही थी कि घर में सर्च ऑपरेशन के डर से लोगों ने रात को लकड़ी नाले में फेंकी थी। तीन दिन पहले रविवार को वन बीट शिला के कदई जंगल में चार पेड़ों के कटान का मामला सामने आया। इसमें भी वन विभाग की टीम ने पुलिस को सूचना में बताया कि पेड़ की कड़ियां रविवार रात को करीब पंद्रह लोग ट्रक में भर रहे थे। वन विभाग की टीम को देख कर सभी मौके पर ट्रक छोड़ कर भाग गए। वन विभाग की टीम में तैनात रेंजर करीब सात साल से इस क्षेत्र में रात को सेवाएं दे रहे हैं। दो वनरक्षक भी करीब तीन साल से यहां पर तैनात हैं। ऐसे में पहला सवाल यह उठ रहा कि ट्रक में लकड़ी भर रहे लोगों की पहचान क्यों नहीं कर सके। शिला बीट के जंगल से रात के समय लकड़ी उठाने की पुख्ता जानकारी के बाद नाके के लिए पुलिस को साथ क्यों नहीं ले गए। सबसे बड़ी बात यह रही कि पेड़ को काटने, गिरने व कड़ियों को तैयार करने में कई घंटे का समय लगता है। दो मामलों में 17 पेड़ों को काटने व उसकी लकड़ी तैयार करने में कई घंटे का समय लगा होगा। इससे पहले वन विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
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आरोपियों तक पहुंची की कोशिश : रंजीत
कोटखाई थाने से मामले की जांच कर रहे एएसआई रंजीत सिंह ने बताया कि पुलिस वन विभाग की शिकायत के आधार पर मौके पर पहुंचने के बाद मामले की जांच कर रही है। शिला बीट में काटे गए पेड़ों के मामले में पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पकडे़ गए ट्रक में मिले दस्तावेज से उसका मालिक पास के ही गांव का व्यक्ति पाया गया है।
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यह है वन विभाग का तर्क
वन परिक्षेत्र अधिकारी श्यामानंद शर्मा ने बताया कि लकड़ी पकड़े जाने के बाद जंगल में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। रविवार को रात में अंधेरे के कारण ट्रक में लकड़ी भरने वालों की पहचान नहीं हो सकी। सभी लोग प्रवासी मजदूर हो सकते हैं। अवैध कटान को रोकने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग जरूरी है।
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