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जिस घर की मरम्मत के लिए आया उसी में ही जल गया
Updated Wed, 10 Jan 2018 06:20 PM IST
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अाग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
रोहड़ू। जिस मकान की मरम्मत के लिए झींवरा राम छुट्टी लेकर घर आया था, उसी मकान में उसे दर्दनाक मौत मिली। हादसे के दूसरे दिन झींवरा राम के शव को ढूंढने के लिए ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मकान के साथ-साथ शव भी पूरी तरह से जल चुका था। मकान के मलबे में जल चुके शव को ढूंढना काफी मुश्किल था। कई घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीणों को झींवरा राम के शरीर का छोटा सा हिस्सा मिला। शरीर के उसी छोटे से हिस्से का दाह संस्कार कर रस्मों को पूरा किया गया। इस दर्दनाक मंजर को देखकर गलेयां गांव में हर किसी की आंख नम थी।
झींवरा राम पोस्ट ऑफिस नेरवा में बतौर डाकिया कार्यरत था। कुछ दिन पूर्व ही उसके बेटे विकेश ने शादी की थी। अगले माह झींवरा राम ने ग्रामीणों व रिशतेदारों को अपने बेटे की शादी की पार्टी देनी थी। इसके लिए घर में कुछ मरम्मत का कार्य करने की तैयारी के लिए झींवरा राम छुट्टी लेकर घर आया था। मंगलवार को विकेश, उसकी पत्नी और झींवरा राम की पत्नी कहीं गए हुए थे। झींवरा राम घर पर अकेला था। क्या पता था कि जिस घर की मरम्मत के लिए छुट्टी लेकर घर आया वह उसकी मौत का कारण बन जाएगा। हादसे के दूसरे दिन आसपास के गांव से भी लोग मौके पर पहुंचे और झींवरा के परिवार के सदस्यों को हौसला देते रहे। रिश्तेदार व ग्रामीणों को भी गांव में जमावड़ा लगा रहा। पूरे गांव में दिन भर मातम छाया रहा। सबकुछ छिन जाने के बाद अब आसपास के ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को शरण दी है। प्रशासन की ओर से भी प्रभावित परिवार को सहायता दी जा रही है।
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झींवरा राम पोस्ट ऑफिस नेरवा में बतौर डाकिया कार्यरत था। कुछ दिन पूर्व ही उसके बेटे विकेश ने शादी की थी। अगले माह झींवरा राम ने ग्रामीणों व रिशतेदारों को अपने बेटे की शादी की पार्टी देनी थी। इसके लिए घर में कुछ मरम्मत का कार्य करने की तैयारी के लिए झींवरा राम छुट्टी लेकर घर आया था। मंगलवार को विकेश, उसकी पत्नी और झींवरा राम की पत्नी कहीं गए हुए थे। झींवरा राम घर पर अकेला था। क्या पता था कि जिस घर की मरम्मत के लिए छुट्टी लेकर घर आया वह उसकी मौत का कारण बन जाएगा। हादसे के दूसरे दिन आसपास के गांव से भी लोग मौके पर पहुंचे और झींवरा के परिवार के सदस्यों को हौसला देते रहे। रिश्तेदार व ग्रामीणों को भी गांव में जमावड़ा लगा रहा। पूरे गांव में दिन भर मातम छाया रहा। सबकुछ छिन जाने के बाद अब आसपास के ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को शरण दी है। प्रशासन की ओर से भी प्रभावित परिवार को सहायता दी जा रही है।
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