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Rampur Bushahar News: अदालत ने एसबीआई को 3.16 लाख रुपये वसूलने का दिया अधिकार
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रामपुर बुशहर। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक कृषि ऋण वसूली मामले में जीत हासिल की है। सिविल जज कोर्ट नंबर दो, रोहड़ू ने एसबीआई को ऋण लेने वाले व्यक्ति और गारंटर से 3,16,277 रुपये वसूलने का अधिकार दिया है। बैंक ने 22 अगस्त, 2015 को राम पट्टी को दो लाख रुपये का कृषि ऋण दिया था। सुरेश इस ऋण के लिए गारंटर थे। ऋण पर सात फीसदी वार्षिक ब्याज दर तयकिया गया था। बार-बार अनुरोध के बावजूद ऋण चुकाया नहीं गया। इसके बाद बैंक ने 3,16,277 रुपये की वसूली के लिए मुकदमा दायर किया। प्रतिवादियों ने दावा किया था कि उनके हस्ताक्षर खाली फॉर्मों पर लिए गए थे और ब्याज दर छह फीसदी से अधिक नहीं होगी। उन्होंने मुकदमे की वैधता और परिसीमन पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि, प्रतिवादी बाद में अदालत में पेश नहीं हुए और उनके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही की गई। बैंक की ओर से प्रबंधक अटल कटारिया ने गवाही दी और आवश्यक दस्तावेज पेश किए। अदालत ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया।
न्यायाधीश ने कहा कि बैंक ने अपने दावे को सफलतापूर्वक साबित किया है। अदालत ने प्रतिवादियों के सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया। अदालत ने पाया कि ऋण लेने, दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने और भुगतान न करने से बैंक के पास मुकदमा दायर करने का पर्याप्त आधार था। ऋण पुनरुद्धार पत्रों के कारण मुकदमा परिसीमन अवधि के भीतर पाया गया। अदालत ने एसबीआई को दोनों से संयुक्त रूप से 3,16,277 रुपये वसूलने का अधिकार दिया है। इस राशि पर नौ फीसदी वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
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न्यायाधीश ने कहा कि बैंक ने अपने दावे को सफलतापूर्वक साबित किया है। अदालत ने प्रतिवादियों के सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया। अदालत ने पाया कि ऋण लेने, दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने और भुगतान न करने से बैंक के पास मुकदमा दायर करने का पर्याप्त आधार था। ऋण पुनरुद्धार पत्रों के कारण मुकदमा परिसीमन अवधि के भीतर पाया गया। अदालत ने एसबीआई को दोनों से संयुक्त रूप से 3,16,277 रुपये वसूलने का अधिकार दिया है। इस राशि पर नौ फीसदी वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
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