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Rampur Bushahar News: अब सरकार की राहत का भी टूटा पुल, खतरे में गानवी खड्ड से ग्रामीण कर रहे सफर

Sat, 11 Oct 2025 11:04 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Oct 2025 11:04 PM IST
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Contact between Koot and Kyav Panchayat could not be restored
गानवी में दो माह बाद भी  नहीं हो पाया सडक़ बहाली का कार्य शुरू। संवाद
कूट और क्याव पंचायत का संपर्क नहीं हो पाया बहाल
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गानवी
खड्ड में जोखिमभरा सफर कर रहे छोटे वाहन
ग्रामीणों ने कटोली
से वैकल्पिक सड़क
के निर्माण की उठाई मांग

तिलक राज कायथ

रामपुर बुशहर। क्षतिग्रस्त सड़क, टूटा पुल और खतरे के साये में उफनती खड्ड से सफर आपदा के दो महीने बीतने के बाद भी यह हालात हैं।
दुर्गम क्षेत्र 15/20 की दो पंचायतों कूट और क्याव का दो महीने से रामपुर उपमंडल से सड़क संपर्क कटा हुआ है। हाल यह है कि ग्रामीण छोटे वाहनों में गानवी खड्ड को पार कर रहे हैं। खड्ड के बीच से सफर हर समय जोखिमभरा बना हुआ है। 13 अगस्त को गानवी खड्ड में बाढ़ आई थी। इससे क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी। साथ ही गानवी खड्ड पर बना पुल भी ध्वस्त हो गया था। अभी तक न इस सड़क की मरम्मत की गई और न ही पुल का निर्माण शुरू हो पाया है। वहीं, दो महीने से उपमंडल से कटीं दो पंचायतों के ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। मुख्य सड़क बाधित होने के कारण दोनों पंचायतों में रोजमर्रा जरूरतों के लिए भी ग्रामीणों को संघर्ष करना पड़ रहा है। न राशन पहुंच पा रहा है और न ही रसोई गैस सिंलिडर की आपूर्ति हो पा रही है। इस कारण ग्रामीणों के हालात और बदतर होते जा रहे हैं, वहीं सरकार और प्रशासन की ओर से भी ग्रामीणों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़क और टूटे पुल के बाद जैसे अब सरकार और ग्रामीणों की बीच राहत का पुल भी टूट चुका है। ग्रामीण खतरे के साये में छोटे वाहनों से गानवी खड्ड को पार कर रहे हैं। कई छोटे वाहनों को जेसीबी मशीन के जरिये सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचा रहे हैं। सरकार और प्रशासन की अनदेखी के बाद ग्रामीण गांवों की जरूरतों को पूरा करने और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ये संघर्ष करने को मजबूर हैं। संवाद
मंत्री का दौरा, पर नहीं राहत
13 अगस्त को आई बाढ़ में लोगों के घर, दुकानें , सडक़ और पुल बह गए थे। क्षेत्र में अभी तक राहत के नाम पर कोई भी कार्य नहीं किया गया है। लोक निर्माण मंत्री ने क्षेत्र का दौरा भी किया, लेकिन स्थिति दो महीने बाद भी जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने पैदल चलने के लिए भी लकड़ी के पुलों को निर्माण स्वयं किया है।
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ग्रामीणों में रोष, कहा- अब चुनावों में देंगे जवाब
क्याव पंचायत उप प्रधान दलीप कुमार, ग्रामीण कुलदीप कुमार, अनिल, नरेंद्र, अशांक, प्रकाश और राजेंद्र अन्य ने कहा कि 15/20 क्षेत्र के लोगों के साथ सरकार और प्रशासन सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। गानवी सड़क कई वर्षों से लगातार धंस रही है। इस कारण बागवानों को सेब मंडी पहुंचाने में हर वर्ष परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। सरकार की इस अनदेखी का जवाब ग्रामीण विधानसभा चुनाव में देंगे। गानवी में दो-तीन वर्ष से लगातार बारिश होने के कारण सड़क भूस्खलन की चपेट में आ रही है। ग्रामीणों ने कूट और क्याव में राहत पहुंचाने के लिए कटोली से नई सड़क का निर्माण करने की मांग उठाई है।
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गानवी खड्ड पर बेली ब्रिज के निर्माण के लिए बिजली बोर्ड को 1.57 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर भेजा है। बजट मंजूर होते ही पुल का निर्माण किया जाएगा। वैकल्पिक कटोली सड़क के निर्माण के लिए एफसीए और बजट का कोई प्रावधान नहीं है। --राहुल, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग सराहन

गानवी में दो माह बाद भी  नहीं हो पाया सडक़ बहाली का कार्य शुरू। संवाद

गानवी में दो माह बाद भी  नहीं हो पाया सडक़ बहाली का कार्य शुरू। संवाद

गानवी में दो माह बाद भी  नहीं हो पाया सडक़ बहाली का कार्य शुरू। संवाद

गानवी में दो माह बाद भी  नहीं हो पाया सडक़ बहाली का कार्य शुरू। संवाद

गानवी में दो माह बाद भी  नहीं हो पाया सडक़ बहाली का कार्य शुरू। संवाद

गानवी में दो माह बाद भी  नहीं हो पाया सडक़ बहाली का कार्य शुरू। संवाद

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