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विवादों में रही पंचायत, विकास को तरसते रहे लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर विकास खंड की भड़ावली पंचायत के हजारों ग्रामीण वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सरकारी धन के दुरुपयोग के चलते भ्रष्टाचार में संलिप्त रही पंचायत में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हो पाया है। परियोजना प्रभावित इस पंचायत में न तो लोगों को लाडा की राशि का लाभ मिला और न ही प्रभावितों को उनके अधिकार मिल पाए। पंचायतवासी आज भी सड़क, सीवरेज, कचरा प्रबंधन, बिजली जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। पंचायत के मतदाताओं का कहना है कि वे इस बार विकास को प्राथमिकता देने वाले नुमाइंदों को अपना मत देंगे।
गौरतलब है कि विकास कार्यों को लेकर गबन करने के आरोप में भड़ावली पंचायत प्रधान को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। अंतिम वर्षों में पंचायत विवादों में रही। पंचायत में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हो पाया है। भड़ावली पंचायत में इस बार चुनाव जीतकर आने वाले प्रतिनिधियों के सामने विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने की खासी चुनौतियां रहेंगी। पंचायत में निर्माणाधीन करीब 9.9 मेगावाट की राजपुरा जल विद्युत परियोजना के प्रभावित आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। नियमानुसार परियोजना प्रभावितों को न रोजगार, न प्रदूषण का मुआवजा मिला और न ही लाडा की राशि से एक ईंट तक विकास के नाम पर लग पाई है। पंचायत के बाशिंदे आज भी सड़क, सार्वजनिक शौचालयों, रास्तों, सीवरेज सिस्टम, कचरा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइटों जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं। ऐसे में नई पंचायत का जिम्मा संभालने वाले प्रतिनिधियों पर लोगों की खासी नजर रहेगी।
समाजहित को प्राथमिकता देने वाले को देंगे वोट
पंचायत के मतदाता राकेश चौहान ने बताया कि राजपुरा परियोजना का निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन परियोजना से प्रभावित लोगों का आज भी उनके अधिकार नहीं मिल पाए हैं। प्रभावितों की मांगों को पूरा करने वाले प्रत्याशी को ही वह अपना मत देंगे।
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देविंद्र मेहता ने कहा कि मुख्य मार्ग से लक्ष्मी नारायण मंदिर कुमसू के लिए रास्ते का निर्माण कार्य अधर में है। पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों का न होना चिंता का विषय है। खुले में सीवरेज की गंदगी बहाई जा रही है। पंचायत में कचरा प्रबंधन को लेकर भी कोई ठोस प्रबंध नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वे ऐसे उम्मीदवार को अपना मत देंगे जो समाजहित को प्राथमिकता दे।
उत्तम कायथ ने कहा कि छलावट गांव आजादी के सात दशक बाद भी सड़क सुविधा से महरूम है। पंचायत के नुमाइंदों ने इस ओर अब तक कोई पहल नहीं की। इसके चलते किसानों और बागवानों के लिए अपनी नकदी फसलों को मंडी तक पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क सुविधा मुहैया करवाने वाले उम्मीदवार के पक्ष में अपना मतदान करेंगे।
पंचायत के युवा हर्ष कायथ ने बताया कि पंचायत में युवाओं के उत्थान, रोजगार और खेल संबंधी जरूरतों के लिए बीते कई वर्षों में कोई कार्य नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्राथमिकता देने वाले उम्मीदवार को वह अपना मत देंगे।
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रामपुर बुशहर। रामपुर विकास खंड की भड़ावली पंचायत के हजारों ग्रामीण वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सरकारी धन के दुरुपयोग के चलते भ्रष्टाचार में संलिप्त रही पंचायत में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हो पाया है। परियोजना प्रभावित इस पंचायत में न तो लोगों को लाडा की राशि का लाभ मिला और न ही प्रभावितों को उनके अधिकार मिल पाए। पंचायतवासी आज भी सड़क, सीवरेज, कचरा प्रबंधन, बिजली जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। पंचायत के मतदाताओं का कहना है कि वे इस बार विकास को प्राथमिकता देने वाले नुमाइंदों को अपना मत देंगे।
गौरतलब है कि विकास कार्यों को लेकर गबन करने के आरोप में भड़ावली पंचायत प्रधान को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। अंतिम वर्षों में पंचायत विवादों में रही। पंचायत में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हो पाया है। भड़ावली पंचायत में इस बार चुनाव जीतकर आने वाले प्रतिनिधियों के सामने विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने की खासी चुनौतियां रहेंगी। पंचायत में निर्माणाधीन करीब 9.9 मेगावाट की राजपुरा जल विद्युत परियोजना के प्रभावित आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। नियमानुसार परियोजना प्रभावितों को न रोजगार, न प्रदूषण का मुआवजा मिला और न ही लाडा की राशि से एक ईंट तक विकास के नाम पर लग पाई है। पंचायत के बाशिंदे आज भी सड़क, सार्वजनिक शौचालयों, रास्तों, सीवरेज सिस्टम, कचरा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइटों जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं। ऐसे में नई पंचायत का जिम्मा संभालने वाले प्रतिनिधियों पर लोगों की खासी नजर रहेगी।
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समाजहित को प्राथमिकता देने वाले को देंगे वोट
पंचायत के मतदाता राकेश चौहान ने बताया कि राजपुरा परियोजना का निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन परियोजना से प्रभावित लोगों का आज भी उनके अधिकार नहीं मिल पाए हैं। प्रभावितों की मांगों को पूरा करने वाले प्रत्याशी को ही वह अपना मत देंगे।
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देविंद्र मेहता ने कहा कि मुख्य मार्ग से लक्ष्मी नारायण मंदिर कुमसू के लिए रास्ते का निर्माण कार्य अधर में है। पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों का न होना चिंता का विषय है। खुले में सीवरेज की गंदगी बहाई जा रही है। पंचायत में कचरा प्रबंधन को लेकर भी कोई ठोस प्रबंध नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वे ऐसे उम्मीदवार को अपना मत देंगे जो समाजहित को प्राथमिकता दे।
उत्तम कायथ ने कहा कि छलावट गांव आजादी के सात दशक बाद भी सड़क सुविधा से महरूम है। पंचायत के नुमाइंदों ने इस ओर अब तक कोई पहल नहीं की। इसके चलते किसानों और बागवानों के लिए अपनी नकदी फसलों को मंडी तक पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क सुविधा मुहैया करवाने वाले उम्मीदवार के पक्ष में अपना मतदान करेंगे।
पंचायत के युवा हर्ष कायथ ने बताया कि पंचायत में युवाओं के उत्थान, रोजगार और खेल संबंधी जरूरतों के लिए बीते कई वर्षों में कोई कार्य नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्राथमिकता देने वाले उम्मीदवार को वह अपना मत देंगे।