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सेब के पौधों के लिए 1400 घंटों के चिलिंग ऑवर्स पूरे
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ठियोग (रामपुर बुशहर)। अच्छी बर्फबारी से ठियोग सहित अपर शिमला में सेब उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद है। पिछले माह जनवरी में दो बार जबकि फरवरी में एक बार फिर एक से डेढ़ फीट बर्फबारी हो चुकी है। दिसंबर में भी मौसम सेब के पौधों के लिए काफी अनुकूल रहा था।
सेब के पौधों को प्रति वर्ष सुप्तावस्था के समय एक हजार से लेकर चौदह सौ घंटों तक चिलिंग ऑवर्स की आवश्यकता होती है। चिलिंग ऑवर्स का अर्थ सात डिग्री सेंटीग्रेड से कम तापमान। इस साल बर्फबारी और ठंड से सेब इलाकों में चिलिंग ऑवर्स पूरे हो गए हैं। इससे सेब के पौधों को काफी लाभ होगा।
सेब की फसल अच्छी होगी। ठियोग में बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन के लिए सिंचाई का पानी नालों, झरनों और खड्डों से ही मिलता है। इन्हें बर्फ से जीवनदान मिला है। गर्मियों में अक्सर ऊंचाई वाले इलाकों में पानी की कमी उस साल अधिक होती है, जब बर्फ कम गिरती है। इस साल पर्याप्त बर्फबारी सभी फसलों के लिए अच्छी मानी जा रही है।
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सेब के पौधों को प्रति वर्ष सुप्तावस्था के समय एक हजार से लेकर चौदह सौ घंटों तक चिलिंग ऑवर्स की आवश्यकता होती है। चिलिंग ऑवर्स का अर्थ सात डिग्री सेंटीग्रेड से कम तापमान। इस साल बर्फबारी और ठंड से सेब इलाकों में चिलिंग ऑवर्स पूरे हो गए हैं। इससे सेब के पौधों को काफी लाभ होगा।
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सेब की फसल अच्छी होगी। ठियोग में बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन के लिए सिंचाई का पानी नालों, झरनों और खड्डों से ही मिलता है। इन्हें बर्फ से जीवनदान मिला है। गर्मियों में अक्सर ऊंचाई वाले इलाकों में पानी की कमी उस साल अधिक होती है, जब बर्फ कम गिरती है। इस साल पर्याप्त बर्फबारी सभी फसलों के लिए अच्छी मानी जा रही है।
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