{"_id":"69a57e99dd5b0915950bdf8d","slug":"better-business-expected-from-holi-festival-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1003-155291-2026-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: लोगों को भा रहे फूलों से बने गुलाल, पिचकारियों से सजे बाजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: लोगों को भा रहे फूलों से बने गुलाल, पिचकारियों से सजे बाजार
विज्ञापन
होली उत्सव से बेहतर कारोबार की उम्मीद, दुकानों में मुखौटे, टोपियां और सजावटी सामान भी उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर/रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिले किन्नौर के मुख्यालय रिकांगपिओ, रामपुर, आनी समेत ऊपरी शिमला के बाजार होली उत्सव को लेकर रंग-बिरंगे गुलाल और कई प्रकार की पिचकारियों से सज गए हैं। दुकानों में विभिन्न प्रकार के मुखौटे, टोपियां और सजावटी सामान भी उपलब्ध है। वहीं, लोगों में इस बार फूलों और प्राकृतिक अर्क से बने हर्बल रंगों की ओर रुझान बढ़ा है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस बार बच्चों के लिए खास तरह की कार्टून वालीं पिचकारियां और प्रेशर गन हैं। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आ रहा है, खरीदारों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इस वर्ष बाजार में एक खास बदलाव देखने को मिल रहा है। कारोबारियों का कहना है कि लोग अपनी त्वचा की सुरक्षा को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं। यही कारण है कि इस बार प्राकृतिक और हर्बल रंगों की मांग सबसे अधिक है। ग्राहक केमिकल युक्त रंगों के बजाय फूलों और प्राकृतिक अर्क से बने गुलाल को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि होली का मजा बिना किसी नुकसान के लिया जा सके। पिछले कुछ दिनों से बाजार में ग्राहकों की बढ़ती संख्या को देखकर स्थानीय व्यापारी भी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि आने वाले दो-तीन दिनों में कारोबार और रफ्तार पकड़ेगा। रिकांगपिओ, रामपुर सहित अन्य बाजारों में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर/रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिले किन्नौर के मुख्यालय रिकांगपिओ, रामपुर, आनी समेत ऊपरी शिमला के बाजार होली उत्सव को लेकर रंग-बिरंगे गुलाल और कई प्रकार की पिचकारियों से सज गए हैं। दुकानों में विभिन्न प्रकार के मुखौटे, टोपियां और सजावटी सामान भी उपलब्ध है। वहीं, लोगों में इस बार फूलों और प्राकृतिक अर्क से बने हर्बल रंगों की ओर रुझान बढ़ा है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस बार बच्चों के लिए खास तरह की कार्टून वालीं पिचकारियां और प्रेशर गन हैं। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आ रहा है, खरीदारों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इस वर्ष बाजार में एक खास बदलाव देखने को मिल रहा है। कारोबारियों का कहना है कि लोग अपनी त्वचा की सुरक्षा को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं। यही कारण है कि इस बार प्राकृतिक और हर्बल रंगों की मांग सबसे अधिक है। ग्राहक केमिकल युक्त रंगों के बजाय फूलों और प्राकृतिक अर्क से बने गुलाल को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि होली का मजा बिना किसी नुकसान के लिया जा सके। पिछले कुछ दिनों से बाजार में ग्राहकों की बढ़ती संख्या को देखकर स्थानीय व्यापारी भी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि आने वाले दो-तीन दिनों में कारोबार और रफ्तार पकड़ेगा। रिकांगपिओ, रामपुर सहित अन्य बाजारों में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।