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Rampur Bushahar News: कोटखाई में भालुओं का आतंक, बागवानों को भारी नुकसान
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कोटखाई में भालुओं की ओर से तोड़े गए फलदार पौधे। संवाद
वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई(रोहड़ू)। कोटखाई क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भालुओं का आतंक बढ़ गया है। भालू बागवानों के बगीचों में घुसकर फलदार पौधों और फलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय बागवानों के अनुसार, भालू केवल फल ही नहीं तोड़ रहे। वे पौधों की शाखाएं और पूरे पौधे भी नष्ट कर रहे हैं। इससे बगीचों को भारी क्षति हो रही है। बागवानों का कहना है कि इस वर्ष फलों का उत्पादन पहले ही कम रहने की संभावना है। जंगली जानवरों से हो रहे इस नुकसान से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। शाम और रात के समय भालुओं की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। इससे लोगों में भय का माहौल है। बागवानों ने प्रशासन और वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने भालुओं के आतंक से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है। बागवानों का कहना है कि जल्द कार्रवाई न होने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से निरीक्षण कर भालुओं को आबादी और बगीचों से दूर रखने के प्रबंध करने की अपील की है। यह फसल और पौधों को बचाने के लिए आवश्यक है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई(रोहड़ू)। कोटखाई क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भालुओं का आतंक बढ़ गया है। भालू बागवानों के बगीचों में घुसकर फलदार पौधों और फलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय बागवानों के अनुसार, भालू केवल फल ही नहीं तोड़ रहे। वे पौधों की शाखाएं और पूरे पौधे भी नष्ट कर रहे हैं। इससे बगीचों को भारी क्षति हो रही है। बागवानों का कहना है कि इस वर्ष फलों का उत्पादन पहले ही कम रहने की संभावना है। जंगली जानवरों से हो रहे इस नुकसान से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। शाम और रात के समय भालुओं की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। इससे लोगों में भय का माहौल है। बागवानों ने प्रशासन और वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने भालुओं के आतंक से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है। बागवानों का कहना है कि जल्द कार्रवाई न होने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से निरीक्षण कर भालुओं को आबादी और बगीचों से दूर रखने के प्रबंध करने की अपील की है। यह फसल और पौधों को बचाने के लिए आवश्यक है।