{"_id":"6a9aa72da8b24987490f519e","slug":"bears-and-leopards-are-entering-residential-areas-in-dehra-in-broad-daylight-rampur-hp-news-c-178-1-ram1001-168897-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: देहरा में दिनदहाड़े रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे भालू और तेंदुए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: देहरा में दिनदहाड़े रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे भालू और तेंदुए
विज्ञापन
ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के अभिभावकों में गहरा भय
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)।
नित्थर उपतहसील की देहरा पंचायत में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। भालू, तेंदुए और बारहसिंगा जैसे जंगली जानवर अब दिनदहाड़े रिहायशी इलाकों में दिखाई दे रहे हैं। इससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के अभिभावकों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे देहरा पंचायत के शनाह, मोरला और सतीउन क्षेत्रों में एक मादा भालू अपने तीन शावकों के साथ दिखाई दी। इन क्षेत्रों से रोजाना कई स्कूली बच्चे गुजरते हैं। देहरा पंचायत के ढोभा और ताना क्षेत्रों में भी जंगली जानवर अक्सर सुबह-शाम और दिन के समय दिखाई देते हैं। जंगली जानवरों के डर से लोग खेतों में जाने से भी कतराने लगे हैं। इसके चलते कई खेतों में फसल नहीं हो पा रही है और कृषि भूमि धीरे-धीरे बंजर होने लगी है। पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों से इन क्षेत्रों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही के कारण कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। देहरा पंचायत का चेबड़ी गांव भी इस समस्या से अछूता नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, शाम करीब सात बजे के बाद भालू मक्की और अनार खाने के लिए गांव की ओर पहुंच रहे हैं। यहां भी मादा भालू अपने शावकों के साथ घूमती नजर आती है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)।
नित्थर उपतहसील की देहरा पंचायत में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। भालू, तेंदुए और बारहसिंगा जैसे जंगली जानवर अब दिनदहाड़े रिहायशी इलाकों में दिखाई दे रहे हैं। इससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के अभिभावकों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे देहरा पंचायत के शनाह, मोरला और सतीउन क्षेत्रों में एक मादा भालू अपने तीन शावकों के साथ दिखाई दी। इन क्षेत्रों से रोजाना कई स्कूली बच्चे गुजरते हैं। देहरा पंचायत के ढोभा और ताना क्षेत्रों में भी जंगली जानवर अक्सर सुबह-शाम और दिन के समय दिखाई देते हैं। जंगली जानवरों के डर से लोग खेतों में जाने से भी कतराने लगे हैं। इसके चलते कई खेतों में फसल नहीं हो पा रही है और कृषि भूमि धीरे-धीरे बंजर होने लगी है। पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों से इन क्षेत्रों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही के कारण कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। देहरा पंचायत का चेबड़ी गांव भी इस समस्या से अछूता नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, शाम करीब सात बजे के बाद भालू मक्की और अनार खाने के लिए गांव की ओर पहुंच रहे हैं। यहां भी मादा भालू अपने शावकों के साथ घूमती नजर आती है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।