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Rampur Bushahar News: कल्पा में बागवानों की सिखाए आधुनिक तकनीकी के गुर
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। रिकांगपिओ में किसानों और बागवानों को सेब बागवानी की आधुनिक तकनीक से अवगत करवाया गया। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा और बागवानी विभाग किन्नौर के संयुक्त तत्वाधान में प्रशिक्षण शिविर आयोजन किया गया। शिविर में डॉ. संगीता शर्मा कीट वैज्ञानिक क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा, डॉ. बलबीर सिहं विषय विशेषज्ञ, डॉ. शमशेर सिंह विषय विशेषज्ञ और डॉ. राजेश कुमार उद्यान विकास अधिकारी ने बागवानी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बागवानों को जानकारी प्रदान की। कीट वैज्ञानिक डॉ. संगीता शर्मा ने विभिन्न कीटों से सेब को होने वाले नुकसान और उसकी रोकथाम के बारे में विस्तार से बताया।
न्होंने सेब में माइट की रोकथाम के लिए हरी कली से आधा इंच की अवस्था के बीच 4 लीटर हार्टीकल्चर मिनरल ऑयल का 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी। उन्होंने विभिन्न मित्र कीटों की पहचान और संवर्धन करने के लिए भी बागवानों को जागरूक किया। उन्होंने बागवानों को सलाह दी कि बिना वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के परामर्श के बिना किसी भी कीटनाशक का छिड़काव न करें। शिविर में डॉ. बलबीर ने मधुमक्खियों के महत्व और परागण में योगदान के साथ ही रखरखाव के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ. शमशेर सिंह ने मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के अंतर्गत बागवानों को दी जाने वाली सहायता एवं प्रशिक्षण के बारे में जागरूक किया। डॉ. राजेश कुमार ने बागवानों को विभाग द्वारा परागण के लिए दिए जाने वाली मधुवंश (बॉक्स) के बारे में जानकारी प्रदान की।
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न्होंने सेब में माइट की रोकथाम के लिए हरी कली से आधा इंच की अवस्था के बीच 4 लीटर हार्टीकल्चर मिनरल ऑयल का 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी। उन्होंने विभिन्न मित्र कीटों की पहचान और संवर्धन करने के लिए भी बागवानों को जागरूक किया। उन्होंने बागवानों को सलाह दी कि बिना वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के परामर्श के बिना किसी भी कीटनाशक का छिड़काव न करें। शिविर में डॉ. बलबीर ने मधुमक्खियों के महत्व और परागण में योगदान के साथ ही रखरखाव के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ. शमशेर सिंह ने मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के अंतर्गत बागवानों को दी जाने वाली सहायता एवं प्रशिक्षण के बारे में जागरूक किया। डॉ. राजेश कुमार ने बागवानों को विभाग द्वारा परागण के लिए दिए जाने वाली मधुवंश (बॉक्स) के बारे में जानकारी प्रदान की।
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