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मैरीकॉम, सिंधू और किरण बेदी से प्रेरणा ले आगे बढ़ें महिलाएं

Thu, 19 Sep 2019 10:51 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 10:51 PM IST
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तकलेच (रामपुर बुशहर)। महिलाओं को अपने खिलाफ हो रहे शोषण पर चुप नहीं रहना चाहिए। इसकी शिकायत पुलिस में करनी चाहिए। इसके लिए कई हेल्पलाइन नंबर सहित गुड़िया हेल्पलाइन नंबर भी सरकार ने जारी किए हैं। ऑनलाइन शिकायत का प्रावधान भी है। महिला थाने भी खोले गए हैं। जहां महिलाएं अपनी बात खुलकर सामने रख सकती हैं। यह जानकारी राज माता शांति देवी मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तकलेच में वीरवार को को अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन्स स्माइल्स कार्यक्रम में प्राचार्य कमल देव ने दी।
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उन्होंने कहा कि अब समय बदल चुका है। महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। जानकारी के अभाव में अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं कई तरह के शोषण का शिकार हो रही हैं। महिलाओं को मैरीकॉम, पीवी सिंधू, किरण बेदी, कल्पना चावला जैसी शख्सियत से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम में छात्रों ने भी महिला सशक्तीकरण पर विचार रखे। नारी सशक्तीकरण पर भाषण और और पेंटिंग प्रतियोगिता भी करवाई गई। भाषण स्पर्धा में विवेकानंद सदन की अंकिता ने पहला स्थान हासिल किया। पटेल सदन की छात्रा महक ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। पेंटिंग में कल्पना चावला सदन की छात्रा शिवानी ने पहला और विवेकानंद सदन की छात्रा हीना ने दूसरा स्थान झटका। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रवक्ता किरण, अशोक रांझा, संजीव नेगी और संजीव कुमार शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान 160 छात्राओं के शपथ भरे गए। मंच का संचालन प्रवक्ता समाज शास्त्र अजीत सिंह ने किया। इस मौके पर स्कूल के वरिष्ठ प्रवक्ता मदन मोही, तिलक राज शर्मा, जोगिंद्र, नरेश कुमार, विनोद मेहता, रती राम, अनिता, रेखा, दलीप, ललित, हिम्मत और किशोरी लाल मौजूद रहे।
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1. छात्रा अंकिता ने कहा कि देश में आज भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उनका शोषण हो रहा है। महिला सुरक्षा में भारत अभी भी चौथे स्थान पर है। सरकार को महिलाओं की सुरक्षा कदम उठाने की जरूरत है।
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2. संगीता ने समाज अभी भी पुरुष प्रधान है। महिलाएं भी अब पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। यह भविष्य के लिए अच्छे संकेत हैं। महिलाओं को पुराने रीति रिवाजों को छोड़ आगे बढंने होगा।
3. महक ने कहा कि नारी शक्ति है नर की, नारी शोभा है घर की, जहां नारी को सम्मान मिले, उस घर में खुशी के फूल खिलते हैं। भारत के कई गांव में आज भी महिलाएं चार दीवारी तक ही सीमित होकर रह गईं हैं।

4. आरती ने कहा कि जब घर में बेटा होता है तो खुशियां मनाई जाती हैं, लेकिन जब बेटी का जन्म होता है तो ऐसा क्यों नहीं होता। फेसबुक के सीईओ ने अपनी बेटी के जन्म पर अपनी संपत्ति दान दी थी। इससे सीख लेनी चाहिए।
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