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टाइडमैन 1800 और रेड जून 1200 रुपये प्रति बॉक्स बिका
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नारकंडा सब्जी मंडी में पहुंचा अर्ली वैरायटी का सेब।
- फोटो : RAMPUR-HP
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कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। नारकंडा फल मंडी में सेब की अर्ली वैरायटी टाइडमैन और रेड जून की आमद शुरू हो गई है। देश भर की मंडियों में एक सप्ताह के भीतर हिमाचली सेब की धमक होगी।
नारकंडा मंडी में टाइटमैन वैरायटी पहुंच गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि रायल सेब भी दस दिन में मंडियों में पहुंचना शुरू हो जाएगा। सेब की आवक से नारकंडा की एगमा फल मंडी में खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है। रविवार को टाइडमैन वैरायटी के सेब की 25 किलो की पेटी 1500 से 1800 रुपये दर से बिकी। रेड जून का रेट 1000-1200 रुपये तक रहा। नारकंडा फल मंडी में करसोग, कुमारसैन, आनी और रामपुर के निचले क्षेत्रों से टाइडमैन और रेड जून किस्म का सेब पहुंचना शुरू हो गया है। नारकंडा के अलावा शिमला, सोलन, चंडीगढ़ और दिल्ली की मंडियों मेें भी इन दोनों किस्मों का सेब भेजा जा रहा है।
एगमा मंडी के संयोजक मनीष मखैक ने कहा कि कोविड-19 में बागवानों की फसलों के बेहतर दाम घरद्वार की मंडियों मे मिल रहे हैं। रविवार को टाइडमैन सेब 1500-1800 प्रति पेटी के दर से बिका। उन्होने बागवानों से अपील की है कि सेब को पहले अच्छी तरह तैयार करके मंडियों में लाएं। जल्दबाजी में तुड़ान न करें ताकि बागबानों को नुकसान न हो।
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सेब के बेहतर दाम के लिए सेब को सही समय पर पहुंचाएं। उन्होंने मंडी आ रहे बागवानों को कोरोना संक्रमण के तहत जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की। गौरतलब है कि हिमाचल में सालाना करीब 3000 करोड़ रुपये का सेब कारोबार होता है। इस कारोबार से करीब 6 लाख परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। प्रदेश में 15 जुलाई के बाद सेब सीजन रफ्तार पकड़ेगा।
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नारकंडा मंडी में टाइटमैन वैरायटी पहुंच गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि रायल सेब भी दस दिन में मंडियों में पहुंचना शुरू हो जाएगा। सेब की आवक से नारकंडा की एगमा फल मंडी में खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है। रविवार को टाइडमैन वैरायटी के सेब की 25 किलो की पेटी 1500 से 1800 रुपये दर से बिकी। रेड जून का रेट 1000-1200 रुपये तक रहा। नारकंडा फल मंडी में करसोग, कुमारसैन, आनी और रामपुर के निचले क्षेत्रों से टाइडमैन और रेड जून किस्म का सेब पहुंचना शुरू हो गया है। नारकंडा के अलावा शिमला, सोलन, चंडीगढ़ और दिल्ली की मंडियों मेें भी इन दोनों किस्मों का सेब भेजा जा रहा है।
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एगमा मंडी के संयोजक मनीष मखैक ने कहा कि कोविड-19 में बागवानों की फसलों के बेहतर दाम घरद्वार की मंडियों मे मिल रहे हैं। रविवार को टाइडमैन सेब 1500-1800 प्रति पेटी के दर से बिका। उन्होने बागवानों से अपील की है कि सेब को पहले अच्छी तरह तैयार करके मंडियों में लाएं। जल्दबाजी में तुड़ान न करें ताकि बागबानों को नुकसान न हो।
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सेब के बेहतर दाम के लिए सेब को सही समय पर पहुंचाएं। उन्होंने मंडी आ रहे बागवानों को कोरोना संक्रमण के तहत जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की। गौरतलब है कि हिमाचल में सालाना करीब 3000 करोड़ रुपये का सेब कारोबार होता है। इस कारोबार से करीब 6 लाख परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। प्रदेश में 15 जुलाई के बाद सेब सीजन रफ्तार पकड़ेगा।