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Rampur Bushahar News: रात को चमगादड़ चट कर रहे सेब, बागवानों की उड़ी नींद
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रोहड़ू में ऊंचाई वाले क्षेत्रों के सेब के बगीचों में पहुंचा रहे अधिक नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। क्षेत्र में सेब सीजन अब अंतिम चरण में है। मौसम खुलने से जहां बागवानों की परेशानी कम हुई, वहीं अब चमगादड़ों ने बागवानों की नींद उड़ा दी है। रात को बगीचों में चमगादड़ के बागवानों के सेब चट कर रहे हैं, जिससे फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है। कई बगीचों में फसल को बचाना चुनौती बन चुका है। रोहड़ू और जुब्बल उपमंडल के ऊंचाई वाले बगीचों में चमगादड़ बागवानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जहां सेब के बगीचों में हेलनेट नहीं लगे हैं, वहां चमगादड़ों की समस्या बढ़ती जा रही है। बागवानों ने सरकार से सहायता की गुहार लगाई है। बागवानों को सेब की फसल को सुरक्षित रखने के लिए हर मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बार पहले ओलावृष्टि से बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा। इसके बाद पतझड़, माइट और अन्य रोगों से फसल को क्षति पहुंची। बरसात में भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। अब चमगादड़ों से फसल को बचाने के लिए कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्व प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ ने कहा कि चमगादड़ रात को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। इसके लिए पहले भी कई सेमिनार आयोजित किए गए। बगीचों में इनकी रोकथाम के लिए तेज रोशनी लगाना जरूरी है। उससे वे बगीचों में प्रवेश नहीं करते हैं। इसके अलावा रात के समय पटाखे से उनको भगाने का प्रयास करें। एक बार बगीचे से माइग्रेट हो जाए, तो दोबारा कुछ दिन आराम मिलता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। क्षेत्र में सेब सीजन अब अंतिम चरण में है। मौसम खुलने से जहां बागवानों की परेशानी कम हुई, वहीं अब चमगादड़ों ने बागवानों की नींद उड़ा दी है। रात को बगीचों में चमगादड़ के बागवानों के सेब चट कर रहे हैं, जिससे फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है। कई बगीचों में फसल को बचाना चुनौती बन चुका है। रोहड़ू और जुब्बल उपमंडल के ऊंचाई वाले बगीचों में चमगादड़ बागवानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जहां सेब के बगीचों में हेलनेट नहीं लगे हैं, वहां चमगादड़ों की समस्या बढ़ती जा रही है। बागवानों ने सरकार से सहायता की गुहार लगाई है। बागवानों को सेब की फसल को सुरक्षित रखने के लिए हर मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बार पहले ओलावृष्टि से बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा। इसके बाद पतझड़, माइट और अन्य रोगों से फसल को क्षति पहुंची। बरसात में भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। अब चमगादड़ों से फसल को बचाने के लिए कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्व प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ ने कहा कि चमगादड़ रात को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। इसके लिए पहले भी कई सेमिनार आयोजित किए गए। बगीचों में इनकी रोकथाम के लिए तेज रोशनी लगाना जरूरी है। उससे वे बगीचों में प्रवेश नहीं करते हैं। इसके अलावा रात के समय पटाखे से उनको भगाने का प्रयास करें। एक बार बगीचे से माइग्रेट हो जाए, तो दोबारा कुछ दिन आराम मिलता है।
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