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ऊंचाई वाले क्षेत्र से आए सेब के दाम गिरे, 1200 में बिकी रॉयल की पेटी
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ठियोग (रामपुर बुशहर)। मंडियों में ऊंचाई वाले क्षेत्र से आ रहे सेब के दाम गिर गए हैं। रॉयल सेब की एक पेटी 1200 रुपये तक बिक रही है। इससे बागवानों के चेहरे उतर गए हैं। से सेब सीजन के शुरूआती दौर में बागवानों को मंडियों में सेब के मनमाफिक दाम मिल जाते हैं। जैसे ही ऊंचाई वाले क्षेत्र का सेब मंडियों में पहुंचता है, इसके दाम गिर जाते हैं। क्षेत्र के बागवान सुरेश शर्मा ने बताया कि रॉयल वैरायटी के सेब का पहला लॉट मंडी में लेकर आए तो मात्र 1200 रुपये प्रति पेटी दाम मिला। हर वर्ष जब उनकी फसल मंडी में बिकने को आती है तो दामों में गिरावट आने के कारण उन्हें खासे नुकसान का सामना करना पड़ता है। हालांकि कुछ बागवान अपने सेब को पेटियों में न भरकर अदानी और देवभूमि सीए स्टोर में भेजते हैं, जहां सेब का दाम उन्हें 12 रुपये प्रति किलो से लेकर 60 तक मिल जाता है। ये नामी कंपनियां सेब को साल भर स्टोर कर जून और जुलाई माह में मार्केट में उतारकर खासा पैसा बटोरती हैं। बागवान दिनेश शर्मा ने बताया कि सरकार को जगह-जगह सीए स्टोर खोलकर जनता को राहत पहुंचानी चाहिए।
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तीन पड़ाव पार करने के बाद ही स्टोर होता है सेब
सीए स्टोर में सेब भेजने से पहले बागवानों को तीन पैरामीटर पार करने होंगे। मापदंड पूरे होने के बाद ही सेब को स्टोर किया जा सकेगा। हालांकि, यहां बागवानों को सेब के अच्छे दाम मिल जाते हैं लेकिन यहां तक सेब पहुंचाना आसान नहीं है। पहले बागवान को अपने बगीचे से चार से पांच सेब सीए स्टोर में लाने होंगे। यहां पहले सेब के प्रेशर को जांचा जाएगा। अगर इसका पैरामीटर 16 पॉंड फरमनेस से अधिक होगा। तो दूसरी जांच में शूगर टेस्ट किया जाएगा। इसमें 9 से 11 डिग्री व्रिक्स शूगर आने पर सेब को तीसरे पड़ाव यानि मेच्योरिटी टेस्ट से गुजरना होगा। तीनों पड़ाव पार करने के बाद ही सेब को स्टोर किया जा सकेगा। देवभूमि में तैनात मैनेजर नीरज शर्मा ने बताया कि इन तीनों में से कोई एक टेस्ट भी पास न होने पर सेब को स्टोर नहीं किया जा सकता है।
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इथरल से पका सेब नहीं होता स्टोर
सेब सीजन में मार्केट के दामों में गिरावट आने से पहले कुछ बागवान अपने बगीचों में इथरल स्प्रे कर देते हैं, जिस कारण फसल जल्द पक जाती है। इथरल स्प्रे वाला सेब जल्दी पकने के साथ-साथ सड़ने में भी देरी नहीं लगाता। इससे यह स्टोर करने लायक भी नहीं रहता है।
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तीन पड़ाव पार करने के बाद ही स्टोर होता है सेब
सीए स्टोर में सेब भेजने से पहले बागवानों को तीन पैरामीटर पार करने होंगे। मापदंड पूरे होने के बाद ही सेब को स्टोर किया जा सकेगा। हालांकि, यहां बागवानों को सेब के अच्छे दाम मिल जाते हैं लेकिन यहां तक सेब पहुंचाना आसान नहीं है। पहले बागवान को अपने बगीचे से चार से पांच सेब सीए स्टोर में लाने होंगे। यहां पहले सेब के प्रेशर को जांचा जाएगा। अगर इसका पैरामीटर 16 पॉंड फरमनेस से अधिक होगा। तो दूसरी जांच में शूगर टेस्ट किया जाएगा। इसमें 9 से 11 डिग्री व्रिक्स शूगर आने पर सेब को तीसरे पड़ाव यानि मेच्योरिटी टेस्ट से गुजरना होगा। तीनों पड़ाव पार करने के बाद ही सेब को स्टोर किया जा सकेगा। देवभूमि में तैनात मैनेजर नीरज शर्मा ने बताया कि इन तीनों में से कोई एक टेस्ट भी पास न होने पर सेब को स्टोर नहीं किया जा सकता है।
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इथरल से पका सेब नहीं होता स्टोर
सेब सीजन में मार्केट के दामों में गिरावट आने से पहले कुछ बागवान अपने बगीचों में इथरल स्प्रे कर देते हैं, जिस कारण फसल जल्द पक जाती है। इथरल स्प्रे वाला सेब जल्दी पकने के साथ-साथ सड़ने में भी देरी नहीं लगाता। इससे यह स्टोर करने लायक भी नहीं रहता है।
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