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शिष्टाचार और व्यक्तित्व निर्माण मनुष्य के व्यक्तित्व का दर्पण है: राठौर
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माही राजे राठौर रामपुर में कैडेट्स को शिष्टाचार एवं व्यक्तित्व निर्माण के बारे में जानकारी दे
कैडेट्स को हथियार खोलने और जोड़ने का दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। आठ एचपी एनसीसी बटालियन रामपुर में आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन एनसीसी कैडेट्स के लिए शिष्टाचार और व्यक्तित्व विकास पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य वक्ता पूर्व एनसीसी कैडेट माही राजे राठौर रहे। माही राजे राठौर ने कैडेट्स को शिष्टाचार और व्यक्तित्व निर्माण का जीवन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान के बारे में जागरूक किया। शिष्टाचार और व्यक्तित्व निर्माण मनुष्य के व्यक्तित्व का दर्पण होता है। शिष्टाचार ही मनुष्य की एक अलग पहचान, सम्मान दिलाने में सहायता करता है। कोई शिक्षित हो, लेकिन उसमें शिष्टाचार नहीं है तो उसकी शिक्षा व्यर्थ है। एनसीसी का मुख्य कार्य कैडेट्स में शिष्टाचार से चरित्र निर्माण करना है। इससे व्यक्ति दूसरों के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत करने की क्षमता विकसित कर सकते हैं। शिष्टाचार किसी व्यक्ति के ज्ञान और व्यावसायिक कौशल को संदर्भित करता है। दोपहर सत्र में एनसीसी कैडेट्स को हथियार को खोलने और जोड़ने का अभ्यास दिया गया। जिसकी संचालन सूबेदार प्रीतम सिंह और सूबेदार दलबीर सिंह ने की। शाम के सत्र में सभी कैडेट्स ने खेल गतिविधियों में हिस्सा लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। आठ एचपी एनसीसी बटालियन रामपुर में आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन एनसीसी कैडेट्स के लिए शिष्टाचार और व्यक्तित्व विकास पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य वक्ता पूर्व एनसीसी कैडेट माही राजे राठौर रहे। माही राजे राठौर ने कैडेट्स को शिष्टाचार और व्यक्तित्व निर्माण का जीवन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान के बारे में जागरूक किया। शिष्टाचार और व्यक्तित्व निर्माण मनुष्य के व्यक्तित्व का दर्पण होता है। शिष्टाचार ही मनुष्य की एक अलग पहचान, सम्मान दिलाने में सहायता करता है। कोई शिक्षित हो, लेकिन उसमें शिष्टाचार नहीं है तो उसकी शिक्षा व्यर्थ है। एनसीसी का मुख्य कार्य कैडेट्स में शिष्टाचार से चरित्र निर्माण करना है। इससे व्यक्ति दूसरों के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत करने की क्षमता विकसित कर सकते हैं। शिष्टाचार किसी व्यक्ति के ज्ञान और व्यावसायिक कौशल को संदर्भित करता है। दोपहर सत्र में एनसीसी कैडेट्स को हथियार को खोलने और जोड़ने का अभ्यास दिया गया। जिसकी संचालन सूबेदार प्रीतम सिंह और सूबेदार दलबीर सिंह ने की। शाम के सत्र में सभी कैडेट्स ने खेल गतिविधियों में हिस्सा लिया।